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प्रतापगढ़ : पितरों का श्राद्ध करने के लिए पैतृक गांव पहुंचे कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह
Sun, 03 Oct 2021 10:51 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 Oct 2021 10:51 PM IST
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Pratapgarh News : अनिरुद्ध रामानुज दास को सम्मानित करते कैबिनेट मंत्री डॉ महेंद्र सिंह।
- फोटो : प्रतापगढ़
सूबे के कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने कहा है कि संस्कृति की रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी भौतिकता की अंधी दौड़ में संस्कृति और संस्कार को भूलती जा रही है। संस्कार के लिए संस्कृत भाषा का ज्ञान होना जरूरी है। बेलखरनाथधाम ब्लॉक स्थित अपने पैतृक गांव करमाही पहुंचकर पितृ पक्ष की दशमी पर पितरों के लिए श्राद्ध आयोजन में डॉ. महेंद्र सिंह ने अपने हाथों से सभी क्रिया-कर्म किए। उन्होंने कहा कि पितृपक्ष हम सभी को अपने पितरों के ऋण से मुक्त होने तथा पितरों की मुक्ति के उपाय के लिए आश्विन मास में 15 दिनों के लिए आता है।
भौतिकता की अंधी दौड़ में हम अपनी संस्कृति, संस्कार को भूलते जा रहे हैं। बचपन से ही संस्कृत भाषा का ज्ञान बच्चों को कराया जाए तो निश्चित तौर पर वह बच्चे अपनी संस्कृति और संस्कार को कभी नहीं भूल पाएंगे। आज हम जो कुछ हैं वह माता -पिता की तपस्या का फल है। गांव में हम यदि छोटे-छोटे विवादों में न पड़े तो गांव स्वर्ग के समान है।
धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय, अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि पितरों की पूजा करके मनुष्य को आयु पुत्र यश स्वर्ग कीर्ति पुष्टि बल श्री की प्राप्ति होती है। पितरों के लिए श्रद्धा पूर्वक किया गया कार्य श्राद्ध कहलाता है। इस अवसर पर सांसद संगम लाल गुप्ता, विधायक अभय कुमार धीरज ओझा, हरिओम मिश्रा अध्यक्ष भाजपा, नागेंद्र रघुवंशी, अनिल प्रताप सिंह, विजय नारायण सिंह ,श्री नारायण सिंह, ललित नारायण सिंह, गिरजेश सिंह, मानवेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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भौतिकता की अंधी दौड़ में हम अपनी संस्कृति, संस्कार को भूलते जा रहे हैं। बचपन से ही संस्कृत भाषा का ज्ञान बच्चों को कराया जाए तो निश्चित तौर पर वह बच्चे अपनी संस्कृति और संस्कार को कभी नहीं भूल पाएंगे। आज हम जो कुछ हैं वह माता -पिता की तपस्या का फल है। गांव में हम यदि छोटे-छोटे विवादों में न पड़े तो गांव स्वर्ग के समान है।
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धर्माचार्य ओम प्रकाश पांडेय, अनिरुद्ध रामानुज दास ने कहा कि पितरों की पूजा करके मनुष्य को आयु पुत्र यश स्वर्ग कीर्ति पुष्टि बल श्री की प्राप्ति होती है। पितरों के लिए श्रद्धा पूर्वक किया गया कार्य श्राद्ध कहलाता है। इस अवसर पर सांसद संगम लाल गुप्ता, विधायक अभय कुमार धीरज ओझा, हरिओम मिश्रा अध्यक्ष भाजपा, नागेंद्र रघुवंशी, अनिल प्रताप सिंह, विजय नारायण सिंह ,श्री नारायण सिंह, ललित नारायण सिंह, गिरजेश सिंह, मानवेंद्र सिंह, दिनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।
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