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प्रतापगढ़: 26 साल बाद हुआ सीमा विस्तार, बढ़ा शहर का दायरा, 22 गांव शामिल
Wed, 01 Jan 2020 12:40 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
अमर उजाना ब्यूरा, न्यूज डेस्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 01 Jan 2020 12:40 AM IST
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pratapgarh city
- फोटो : pratapgarh
छब्बीस साल बाद सरकार ने शहर के सीमा विस्तार पर मुहर लगा दी है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब शहर का दायरा बढ़ जाएगा। सीमावर्ती 22 गांव भी आंशिक और पूर्णरूप से शहर में शामिल हो जाएंगे। सीमा विस्तार के बाद अब शहर की आबादी सवा लाख से अधिक हो जाएगी। ऐसे में अब बेल्हा ए श्रेणी की नगर पालिका बन जाएगी। जिससे केंद्रीय योजनाओं का लाभ भी शहरियों को मिलेगा।
नगर पालिका परिषद बेल्हा का सीमा विस्तार वर्ष 1988 में हुआ था। उस समय कुल 18 वार्ड थे। वर्ष 1994 में शासन ने नगरीय संशोधन योजना के तहत शहर का दायरा बढ़ाया। तब जाकर 25 वार्ड बने। इसके बाद शहर की आबादी लगातार बढ़ती रही। गांव से आने वाले लोग भी मकान बनाकर रहने लगे।
बसपा व सपा सरकार में भी नगर पालिका के सीमा विस्तार को लेकर कवायद शुरू हुई, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। कभी बोर्ड की बैठक में बात नहीं बनी तो कभी शासन ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। तहसील से नक्शा भी गायब हो जाता रहा।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद नगर पालिका की सीमा विस्तार की कवायद एक बार फिर तेज हो गई। पूर्व विधायक संगमलाल गुप्ता ने भी सीमा विस्तार के लिए शासन स्तर पर पैरवी की। बोर्ड की बैठक में शहर के समीप के 22 गांवों (12 ग्राम पंचायत) को आंशिक व पूर्ण रूप से शामिल कर लिया
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नगर पालिका परिषद बेल्हा का सीमा विस्तार वर्ष 1988 में हुआ था। उस समय कुल 18 वार्ड थे। वर्ष 1994 में शासन ने नगरीय संशोधन योजना के तहत शहर का दायरा बढ़ाया। तब जाकर 25 वार्ड बने। इसके बाद शहर की आबादी लगातार बढ़ती रही। गांव से आने वाले लोग भी मकान बनाकर रहने लगे।
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बसपा व सपा सरकार में भी नगर पालिका के सीमा विस्तार को लेकर कवायद शुरू हुई, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी। कभी बोर्ड की बैठक में बात नहीं बनी तो कभी शासन ने प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। तहसील से नक्शा भी गायब हो जाता रहा।
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प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद नगर पालिका की सीमा विस्तार की कवायद एक बार फिर तेज हो गई। पूर्व विधायक संगमलाल गुप्ता ने भी सीमा विस्तार के लिए शासन स्तर पर पैरवी की। बोर्ड की बैठक में शहर के समीप के 22 गांवों (12 ग्राम पंचायत) को आंशिक व पूर्ण रूप से शामिल कर लिया