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प्रतापगढ़: एसओ समेत सात पुलिसकर्मी लाइनहाजिर, 36 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार

Tue, 22 Sep 2020 12:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 12:33 AM IST
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Pratapgad: Seven policemen line up including SO, last rites after 36 hours
लालगंज के बाबूतारा में पुलिस की पिटाई से मृत अधेड के घर दुुसरे दिन जुटी रहे ग्रामीण। - फोटो : PRATAPGARH
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा में चोरी के आरोपियों की तलाश में दबिश देने पहुंची सांगीपुर पुलिस की पिटाई से बुजुर्ग मकबूल (68) की मौत के मामले में सांगीपुर के प्रभारी निरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर कर दिया गया है।
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उधर, मौके पर पहुंचे अफसरों के मजिस्ट्रेटी जांच के बाद दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई व आर्थिक मदद के आश्वासन पर परिवारीजनों ने 36 घंटे बाद मकबूल का अंतिम संस्कार कर दिया। इस पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
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लालगंज कोतवाली के बाबूतारा गांव में शनिवार की रात सांगीपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह भारी पुलिस बल के साथ चोरी की एक घटना के मामले में बदमाशों की तलाश में दबिश देने पहुंचे थे। पुलिसकर्मी गांव के बशीर अहमद के घर में घुस गए।
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आरोप है कि जो भी सामने मिला पुलिस उसे पीटने लगी। पुलिस को देखकर बशीर का चचेरा भाई मकबूल (68) घर के पीछे भाग गया। नजर पड़ने पर पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और पीटते हुए घर तक ले आए। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस अफसर पहले हार्टअटैक से उसकी मौत बताते रहे। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लिवर फटने से मौत की पुष्टि हुई।
रविवार की शाम चार बजे शव लेकर घर पहुंचते ही परिजन आक्रोशित हो उठे। मकबूल का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। वह आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा के साथ ही 50 लाख रुपये आर्थिक मदद देने की मांग कर रहे थे। बवाल की आशंका को देखते हुए मौके पर कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई।
सोमवार की सुबह प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र द्विवेदी ने सांगीपुर के प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद सिंह, दरोगा रामअधार यादव, गणेशदत्त पटेल, आरक्षी राममिलन, श्रवण कुमार, रविशंकर व रामनिवास यादव को लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद भी परिजन पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
जिसे लेकर कई बार सीओ लालगंज जगमोहन व लालगंज कोतवाल से आक्रोशित लोगों की झड़प हुई। सीओ लालगंज ने मृतक के बेटे व भाई को बताया कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। आर्थिक मदद व सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिलाने के लिए भी अफसरों ने स्वीकृति दी है। इसके बाद परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए राजी हुए। करीब ढाई बजे मातमी माहौल के बीच गांव के कब्रिस्तान में मकबूल को सुपुर्द ए खाक किया गया। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
बवाल की आशंका में डटी रही छह थानों की फोर्स
लालगंज कोतवाली के बाबूतारा में पुलिस की पिटाई से बुजुर्ग मकबूल की मौत के बाद रविवार शाम से ही बवाल की आशंका थी। इसे लेकर पुलिस अलर्ट रही। अधिकारियों के आदेश पर लालगंज, जेठवारा, संग्रामगढ़, बाघराय, उदयपुर थाने की पुलिस मौके पर डटी रही।

सीओ लालगंज लगातार परिवार के लोगों और ग्रामीणों से बातचीत करते रहे। पुलिस से ग्रामीणों की कई बार झड़प भी हुई। इससे पुलिसकर्मियों को पसीना छूटता रहा। हालांकि पुलिस वहां मौजूद लोगों का नाम-पता भी नोट करती रही। जिसके बाद भीड़ छंटने लगी।

लालगंज के बाबूतारा में अधेड़ का अंतिम संस्कार न किये जाने से घर पर जुटी रही भीड़।

लालगंज के बाबूतारा में अधेड़ का अंतिम संस्कार न किये जाने से घर पर जुटी रही भीड़।- फोटो : PRATAPGARH

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