फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Pneumonia is gripping children suffering from viral fever

वायरल फीवर से पीड़ित बच्चों को जकड़ रहा निमोनिया

Sun, 03 Oct 2021 11:51 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 03 Oct 2021 11:51 PM IST
विज्ञापन
Pneumonia is gripping children suffering from viral fever
child health
कोरोना से मिली राहत के बाद अब वायरल ने हमला कर दिया है। वायरल से पीड़ित बच्चों को निमोनिया जकड़ रहा है। परिजनों की जरा सी लापरवाही भी मासूमों पर भारी पड़ जा रही है। उनकी हालत बिगड़ जा रही है। निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने से एसएनसीयू में बेड कम पड़ जा रहे हैं। बड़े बच्चों को भर्ती कर इलाज करने के लिए मेडिकल कॉलेज में आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। बुखार के साथ सर्दी-जुकाम और सांस लेने में तकलीफ होने क कारण डॉक्टरों को उन्हें प्रयागराज रेफर करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज की महिला विंग में महज 14 बेड का एसएनसीयू है। पुरुष विंग में आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। जबकि इन दिनों मौसम में बदलाव के चलते बच्चे तेजी से वायरल फीवर और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। उन्हें सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ऐसे बच्चों का लोग पहले झोलाछापों से इलाज करा रहे हैं। हालत बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। यहां ओपीडी में बैठे डॉक्टरों बच्चों को देखते ही 12 माह तक के बच्चों को एसएनसीयू में भर्ती करा रहे हैं।
विज्ञापन

ज्यादा उम्र के बच्चों को मेडिकल वार्ड में रखकर इलाज किया जाता है। यहां आईसीयू की व्यवस्था नहीं है। जरूरत पड़ने पर सिर्फ ऑक्सीजन दी जाती है। हालत में सुधार न होने पर बच्चों को एसआरएन रेफर कर दिया जाता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि निमोनिया पीड़ित बच्चों के मामले में उनके माता-पिता की लापरवाही सामने आ रही है। हालत गंभीर होने के बाद वे बच्चों को मेडिकल कॉलेज ला रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके पहले स्थानीय अप्रशिक्षित डॉक्टरों से इलाज कराते हैं। जीवनरक्षक टीके न लगवाने के कारण भी बच्चों की हालत बिगड़ रही है। उन्होंने बताया कि फ्लू के टीके लगवाने से बुखार ही नहीं कई अन्य बीमारियों से भी छुटकारा मिल जाता है। निमोनिया पीड़ित बच्चों के इलाज में जरा सी भी चूक जान पर भारी पड़ सकती है। बच्चों को सर्दी-जुकाम और बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ होने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed