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Pratapgarh News: गबन के मामले में फंसे पीसीएफ जिला प्रबंधक, लटकी कार्रवाई की तलवार
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ढाई लाख रुपये गबन की रिकवरी के मामले में पीसीएफ जिला प्रबंधक पर कार्रवाई की तलवार लटकी है। आदेश का अनुपालन एवं अवहेलना करने पर डीएम ने प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर जिला प्रबंधक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
भंगवाचुंगी निवासी अशोक कुमार ने ढाई लाख रुपये गबन की रिकवरी के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी लेकिन उन्हें विभाग ने जानकारी मुहैया नहीं कराई।
कार्यकारी निदेशक सहकारिता मनोज कुमार ने जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस देते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। मगर कोई जवाब नहीं देने पर डीएम ने शासन को पत्र लिख दिया। पत्र में जिला प्रबंधक पीसीएफ पर मनमानेपन का आरोप लगाया है। प्रमुख सचिव सहकारिता से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
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डीएम शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि पीसीएफ जिला प्रबंधक ने ढाई लाख रुपये गबन की रिकवरी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। आदेश का अनुपालन भी नहीं किया। प्रमुख सचिव सहकारिता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
वहीं, पीसीएफ जिला प्रबंधक नरेंद्र यादव ने बताया कि 21 साल पुराना मामला है। जिसके दस्तावेज भी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। मिल का तीन लाख रुपये बीमा जमा नहीं करने पर कुर्की भी हो चुकी है।
2001 में किसानों से धान खरीद के नाम पर किया गया था गबन
पट्टी तहसील के दाउदपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर साल 2001-02 में फर्जी किसानों के नाम से धान की खरीद में 2.57 लाख रुपये का गबन किया गया था। संतोष कुमार जायसवाल के शिकायती पत्र में फर्जीवाड़े का आरोप समिति के सचिव पर लगा था। मामले की जांच 2011 में तत्कालीन एडीएम वंश गोपाल मौर्या के निर्देश पर हुई थी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक ने मामले की जांच की थी। जिसके बाद एडीएम ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को समिति के सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए वसूली के आदेश दिए थे लेकिन उन्होंने वसूली नहीं की। जिसके बाद डीएम ने प्रमुख सचिव सहकारिता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।
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भंगवाचुंगी निवासी अशोक कुमार ने ढाई लाख रुपये गबन की रिकवरी के संबंध में सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी थी लेकिन उन्हें विभाग ने जानकारी मुहैया नहीं कराई।
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कार्यकारी निदेशक सहकारिता मनोज कुमार ने जिला प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस देते हुए दो दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। मगर कोई जवाब नहीं देने पर डीएम ने शासन को पत्र लिख दिया। पत्र में जिला प्रबंधक पीसीएफ पर मनमानेपन का आरोप लगाया है। प्रमुख सचिव सहकारिता से अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
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डीएम शिव सहाय अवस्थी ने बताया कि पीसीएफ जिला प्रबंधक ने ढाई लाख रुपये गबन की रिकवरी के लिए कोई कार्रवाई नहीं की। आदेश का अनुपालन भी नहीं किया। प्रमुख सचिव सहकारिता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया है।
वहीं, पीसीएफ जिला प्रबंधक नरेंद्र यादव ने बताया कि 21 साल पुराना मामला है। जिसके दस्तावेज भी कार्यालय में मौजूद नहीं हैं। मिल का तीन लाख रुपये बीमा जमा नहीं करने पर कुर्की भी हो चुकी है।
2001 में किसानों से धान खरीद के नाम पर किया गया था गबन
पट्टी तहसील के दाउदपुर स्थित साधन सहकारी समिति पर साल 2001-02 में फर्जी किसानों के नाम से धान की खरीद में 2.57 लाख रुपये का गबन किया गया था। संतोष कुमार जायसवाल के शिकायती पत्र में फर्जीवाड़े का आरोप समिति के सचिव पर लगा था। मामले की जांच 2011 में तत्कालीन एडीएम वंश गोपाल मौर्या के निर्देश पर हुई थी।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक ने मामले की जांच की थी। जिसके बाद एडीएम ने पीसीएफ के जिला प्रबंधक को समिति के सचिव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करते हुए वसूली के आदेश दिए थे लेकिन उन्होंने वसूली नहीं की। जिसके बाद डीएम ने प्रमुख सचिव सहकारिता को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है।