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पद्मावत समेत कई ट्रेनों में लगे हैं खटारा कोच

Mon, 23 Mar 2015 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़ Updated Mon, 23 Mar 2015 11:24 PM IST
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Padmavat including trains are old and coach
जनता एक्सप्रेस हादसे के बाद रेल प्रशासन की लापरवाही परत दर परत खुलती जा रही है। प्रतापगढ़ से चलने वाली पद्मावत समेत कई गाड़ियों में मेंटीनेंस का काम हकीकत से परे है। गाड़ियों में खटारा कोच घसीटे जा रहे हैं। अमर उजाला की पड़ताल में हकीकत का खुलासा हुआ है।
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बछरावां रेलवे स्टेशन के पास हुई जनता एक्सप्रेस की भीषण दुर्घटना के बाद भी रेल प्रशासन सीख नहीं लेना चाहता। इसकी बानगी प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन पर देखने को मिली। सोमवार को अमर उजाला की टीम ट्रेनों के मेंटीनेंस और कोच की हकीकत जानने के लिए रेलवे स्टेशन पर थी। टीम को जगह-जगह खामियां मिलीं। प्रतापगढ़ से दिल्ली जाने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन के कोच खटारा मिले। कोच संख्या 03236/बी और 15529 दो कोच तो ऐसे मिले जिनकी मरम्मत की डेट समाप्त होने को है।
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वर्कशाप में भेजने के बजाए इनको ट्रैक पर दौड़ाया जा रहा है। कमोवेश यही स्थिति कानपुर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस, वाराणसी जाने वाली वीपी पैसेंजर और शटल के कोचों की भी है। हालांकि कई कोच दुरुस्त भी मिले। रेल सूत्रों की मानें तो एक कोच की वैलेडिटी 25 साल की होती है। डेढ़ साल बाद कोच की मरम्मत होनी चाहिए। खामियां दूर करने के लिए खटारा कोच वर्कशाप में भेजे जाते हैं। मगर अभी तक यहां की गाड़ियों के खटारा कोच की मरम्मत कराने की सुधि रेल प्रशासन नहीं ले रहा है।
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मेंटीनेंस के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। कोच में पानी भरने और झाड़ू मारने के अलावा कुछ खास नहीं होता है। जनता एक्सप्रेस हादसे में ब्रेक और प्रेशर फेल होने की बात पर जो हाय-तौबा मची है उससे प्रतापगढ़ का कोई सरोकार नहीं हैैं। प्रेशर की टेस्टिंग का काम एयर कम्प्रेशर रूम की मशीन से कैरेज एंड वैगन के कर्मचारियों को करना चाहिए जो बराबर नहीं किया जा रहा है। टेस्टिंग के लिए इंजन का इस्तेमाल किया जाता है। चालक और गार्ड इसको नियम के विपरीत मानते हैं। उनका कहना है कि इंजन से गाड़ी का प्रेशर चेक करने से संतुष्टि नहीं होती है। मगर उनकी सुनता कौन है। कैरेज एंड वैगन के जेई वीके शुक्ला भी कहीं न कहीं इससे सहमत नजर आए। उनका कहना है कि एक-एक कोच का प्रेशर चेक कराना संभव नहीं हैं। इंजन से परीक्षण करने में परहेज नहीं है।
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