{"_id":"5a45387f4f1c1b5c248b5207","slug":"one-put-lock-over-a-lock","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपा में छिड़ी जंग, कमरों में लगा दिए दो-दो ताले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपा में छिड़ी जंग, कमरों में लगा दिए दो-दो ताले
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 29 Dec 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
- फोटो : pratapgarah
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निकाय चुनाव से सपा में छिड़ी गुटबाजी की जंग लगातार जारी है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के कमरे के साथ ही दूसरे कार्यालय में लगे ताले पर दूसरा ताला लगा दिया गया। ताकि कोई मनमानी न हो सके। इसे लेकर सपाइयों में तनातनी का माहौल बना हुआ है।
नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी की घोषित प्रत्याशी की मदद के बजाय निर्दल प्रत्याशी महिमा गुप्ता की मदद करने और प्रत्याशियों को टिकट देने के नाम पर मनमानी करने का आरोप पूर्व सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल पर लगा था। उनके खिलाफ सपा के बड़े नेताओं ने पार्टी प्रमुख से शिकायत की। जातिगत आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रमुख ने बुधवार को सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल की जगह पूर्व विधायक रामसिंह पटेल को जिलाध्यक्ष बना दिया। इस बात की भनक लगने के बाद ही कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए। गुरुवार को सपा कार्यालय पर अजीबो गरीब नजारा देखने को मिला। नए रामसिंह पटेल को नया जिलाध्यक्ष बनाने पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता मिठाई खा और खिला रहे थे। लेकिन उनके भीतर गुटबाजी देखने को मिली। सपा कार्यालय के भीतर जिलाध्यक्ष के कमरे में दो-दो ताले लटक रहे थे। कमरों में ताला बंद करने के कारण कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी की नौबत भी देखने को मिली।
कार्यालय में रखा बहुत सा सामान निवर्तमान महासचिव इरशाद सिद्दीकी उठा ले गए। जिसे देखते हुए उन्होंने अपने कार्यालय में दो ताला बंद कराया था। एक ताले की चाभी कार्यालय प्रभारी के पास है दूसरे ताले की चाभी उनके पास है। ताकि कोई सामान चोरी न हो सके। दूसरे कमरे खुले हैं और उनकी चाभियां भी कार्यालय प्रभारी के पास ही हैं।
विज्ञापन
भैयाराम पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष
कार्यालय जिलाध्यक्ष की देखरेख में संचालित होता था। सामान उठा ले जाने का आरोप गलत है। जिलाध्यक्ष के कमरों के अलावा दूसरे कमरे में रखे सामान का मिलान होगा। उस समय पार्टी के सीनियर नेता भी मौजूद रहेंगे। पूर्व जिलाध्यक्ष को कार्यभार सौंपने के लिए कार्यालय आना चाहिए। सारा सामान उन्हीं की कस्टडी में था।
इरशाद सिद्दीकी, पूर्व महासचिव, सपा।
विज्ञापन
नगर पालिका चुनाव के दौरान पार्टी की घोषित प्रत्याशी की मदद के बजाय निर्दल प्रत्याशी महिमा गुप्ता की मदद करने और प्रत्याशियों को टिकट देने के नाम पर मनमानी करने का आरोप पूर्व सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल पर लगा था। उनके खिलाफ सपा के बड़े नेताओं ने पार्टी प्रमुख से शिकायत की। जातिगत आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए पार्टी प्रमुख ने बुधवार को सपा जिलाध्यक्ष भैयाराम पटेल की जगह पूर्व विधायक रामसिंह पटेल को जिलाध्यक्ष बना दिया। इस बात की भनक लगने के बाद ही कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए। गुरुवार को सपा कार्यालय पर अजीबो गरीब नजारा देखने को मिला। नए रामसिंह पटेल को नया जिलाध्यक्ष बनाने पर पदाधिकारी व कार्यकर्ता मिठाई खा और खिला रहे थे। लेकिन उनके भीतर गुटबाजी देखने को मिली। सपा कार्यालय के भीतर जिलाध्यक्ष के कमरे में दो-दो ताले लटक रहे थे। कमरों में ताला बंद करने के कारण कार्यकर्ताओं के बीच तनातनी की नौबत भी देखने को मिली।
विज्ञापन
कार्यालय में रखा बहुत सा सामान निवर्तमान महासचिव इरशाद सिद्दीकी उठा ले गए। जिसे देखते हुए उन्होंने अपने कार्यालय में दो ताला बंद कराया था। एक ताले की चाभी कार्यालय प्रभारी के पास है दूसरे ताले की चाभी उनके पास है। ताकि कोई सामान चोरी न हो सके। दूसरे कमरे खुले हैं और उनकी चाभियां भी कार्यालय प्रभारी के पास ही हैं।
विज्ञापन
भैयाराम पटेल, पूर्व जिलाध्यक्ष
कार्यालय जिलाध्यक्ष की देखरेख में संचालित होता था। सामान उठा ले जाने का आरोप गलत है। जिलाध्यक्ष के कमरों के अलावा दूसरे कमरे में रखे सामान का मिलान होगा। उस समय पार्टी के सीनियर नेता भी मौजूद रहेंगे। पूर्व जिलाध्यक्ष को कार्यभार सौंपने के लिए कार्यालय आना चाहिए। सारा सामान उन्हीं की कस्टडी में था।
इरशाद सिद्दीकी, पूर्व महासचिव, सपा।