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आरक्षित वार्डों को सामान्य कराने के लिए पहले ही दिन 217 आपत्तियां
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पंचायत चुनाव में हुए आरक्षण के विरोध में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते दावेदार।
- फोटो : PRATAPGARH
प्रतापगढ़। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण का चार्ट जारी होते ही आरक्षित वार्डों को सामान्य कराने के लिए 17 विकास खंडों में 217 आपत्तियां आ गईं। बृहस्पतिवार को पहले दिन दाखिल आपत्तियों में अधिकांश दावेदारों ने ग्राम पंचायत की आबादी को आधार बनाकर सीटों को अनारक्षित करने के लिए दावा ठोंका है। ब्लाकों में आपत्तियां लेने के लिए आठ मार्च तक का समय दिया गया है।
जिले में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद अधिकांश दावेदारों को झटका लगा है। लंबे समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया है। अब ऐसे लोग आरक्षण पर आपत्ति दाखिल सीट को सामान्य कराने के प्रयास में लगे हैं। बृहस्पतिवार को पहले ही दिन जिले के 17 ब्लाकों में कुल 217 आपत्तियां आ गईं। इनमें ग्राम प्रधान पद के लिए 117, बीडीसी सदस्य की 62, जिला पंचायत सदस्य की 28 और ब्लाक प्रमुख पद के लिए दस आपत्तियां शामिल हैं। ब्लाकों में सबसे अधिक आपत्तियां ग्राम प्रधानों के पदों के आरक्षण को लेकर आई हैं। हालांकि जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्य के वार्डों के आरक्षण को लेकर भी दावेदारों में हड़कंप मचा है। आपत्ति दाखिल करने वाले अधिकांश दावेदार आरक्षण का मानक अपने तरीके से परिभाषित कर सीट सामान्य करने का दावा कर रहे हैं। उधर, ब्लाकों में अफसरों से आठ मार्च तक आपत्तियां लेने के लिए कहा गया है। मुख्यालय पर आने वाली आपत्तियों का निस्तारण डीएम करेंगे। अगर वार्डों के आरक्षण में वास्तव में कोई गड़बड़ी होने का दावा सिद्ध करता है, तो उसमें परिवर्तन भी किया जा सकता है। हालांकि ऐसा होने के आसार कम हैं। विभागीय जानकारों के साथ ही शासन में बैठे अफसरों ने एक-एक गांव का परीक्षण करके आरक्षण सूची पर अपनी मुहर लगाई है।
घनघनाते रहे अफसरों के फोन
जिले के कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनका आरक्षण से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। फिर भी वह ग्राम पंचायतों को आरक्षित कराने का ठेका लिए हुए थे। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद ऐसे लोग बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचे और उन्हें खोजते रहे। बृहस्पतिवार को दिनभर अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। कुछ लोग तो सीडीओ से मिलने भी पहुंच गए। हालांकि मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें दो टूक जवाब देकर लौटा दिया।
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आरक्षण सूची गंभीरता से अध्ययन करने के बाद जारी की गई है। इसके बाद भी अगर लगता है कि किसी वार्ड के आरक्षण को लेकर कहीं से चूक हुई है तो आपत्ति लेकर उसे सुधारा जाएगा। ब्लाकों से नौ मार्च को मुख्यालय पर आपत्तियां आएंगी। -अश्विनी कुमार पांडेय, सीडीओ
आरक्षण को लेकर लोगों में आक्रोश
प्रतापगढ़। मानधाता क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य की सीट के आरक्षण को लेकर लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता रविप्रकाश सिंह चंदन की अगुवाई में क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल से मिलकर आरक्षण पर आपत्ति दर्ज कराई। चंदन सिंह ने कहा कि जिला पंचायत में मानधाता क्षेत्र के सामान्य वर्ग को वंचित रखा गया है। कोई भी सीट सामान्य नहीं है। चार सीटों में मानधाता प्रथम पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित है। द्वितीय और चतुर्थ अनुसूचित वर्ग जबकि तृतीय अनुसूचित महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य मो.आरिफ ने कहा कि आरक्षण का निर्धारण समझ से परे है। आरक्षण निर्धारण में लापरवाही बरती गई है। हिंदूपुर गांव की विभा सिंह ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि एक भी सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है।
बंशीपट्टी के लोगों ने आरक्षण पर उठाए सवाल
रखहा। बेलखरनाथधाम क्षेत्र के हर्जामऊ, बंशीपट्टी गांव के लोगों ने आरक्षण पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्र के बंशीपट्टी गांव निवासी आशीष कुमार मिश्र, बद्री नारायण मिश्र ने शिकायत करते हुए कहा है कि ग्राम सभा में पिछड़ी और अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या कम होने के बावजूद ग्राम पंचायत हरजामऊ में प्रधान पद ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। आपत्ति जताते हुए कहा है कि ग्राम सभा में 45 मतदाता ओबीसी, 186 मतदाता एससी और सामान्य जाति के 839 मतदाता हैं। वर्ष 2015 में ग्रामसभा की सीट अनुसूचित के लिए आरक्षित थी। ग्रामसभा हर्जामऊ ओबीसी सीट होने पर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से शिकायत करते हुए आपत्ति जताई है।
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जिले में जिला पंचायत सदस्य, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए आरक्षण की अनंतिम सूची जारी होने के बाद अधिकांश दावेदारों को झटका लगा है। लंबे समय से चुनाव की तैयारियों में जुटे लोगों के अरमानों पर पानी फिर गया है। अब ऐसे लोग आरक्षण पर आपत्ति दाखिल सीट को सामान्य कराने के प्रयास में लगे हैं। बृहस्पतिवार को पहले ही दिन जिले के 17 ब्लाकों में कुल 217 आपत्तियां आ गईं। इनमें ग्राम प्रधान पद के लिए 117, बीडीसी सदस्य की 62, जिला पंचायत सदस्य की 28 और ब्लाक प्रमुख पद के लिए दस आपत्तियां शामिल हैं। ब्लाकों में सबसे अधिक आपत्तियां ग्राम प्रधानों के पदों के आरक्षण को लेकर आई हैं। हालांकि जिला पंचायत सदस्य और बीडीसी सदस्य के वार्डों के आरक्षण को लेकर भी दावेदारों में हड़कंप मचा है। आपत्ति दाखिल करने वाले अधिकांश दावेदार आरक्षण का मानक अपने तरीके से परिभाषित कर सीट सामान्य करने का दावा कर रहे हैं। उधर, ब्लाकों में अफसरों से आठ मार्च तक आपत्तियां लेने के लिए कहा गया है। मुख्यालय पर आने वाली आपत्तियों का निस्तारण डीएम करेंगे। अगर वार्डों के आरक्षण में वास्तव में कोई गड़बड़ी होने का दावा सिद्ध करता है, तो उसमें परिवर्तन भी किया जा सकता है। हालांकि ऐसा होने के आसार कम हैं। विभागीय जानकारों के साथ ही शासन में बैठे अफसरों ने एक-एक गांव का परीक्षण करके आरक्षण सूची पर अपनी मुहर लगाई है।
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घनघनाते रहे अफसरों के फोन
जिले के कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनका आरक्षण से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। फिर भी वह ग्राम पंचायतों को आरक्षित कराने का ठेका लिए हुए थे। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद ऐसे लोग बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचे और उन्हें खोजते रहे। बृहस्पतिवार को दिनभर अधिकारियों के फोन घनघनाते रहे। कुछ लोग तो सीडीओ से मिलने भी पहुंच गए। हालांकि मुख्य विकास अधिकारी ने उन्हें दो टूक जवाब देकर लौटा दिया।
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आरक्षण सूची गंभीरता से अध्ययन करने के बाद जारी की गई है। इसके बाद भी अगर लगता है कि किसी वार्ड के आरक्षण को लेकर कहीं से चूक हुई है तो आपत्ति लेकर उसे सुधारा जाएगा। ब्लाकों से नौ मार्च को मुख्यालय पर आपत्तियां आएंगी। -अश्विनी कुमार पांडेय, सीडीओ
आरक्षण को लेकर लोगों में आक्रोश
प्रतापगढ़। मानधाता क्षेत्र में जिला पंचायत सदस्य की सीट के आरक्षण को लेकर लोगों में आक्रोश है। सामाजिक कार्यकर्ता रविप्रकाश सिंह चंदन की अगुवाई में क्षेत्र के लोगों ने जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल से मिलकर आरक्षण पर आपत्ति दर्ज कराई। चंदन सिंह ने कहा कि जिला पंचायत में मानधाता क्षेत्र के सामान्य वर्ग को वंचित रखा गया है। कोई भी सीट सामान्य नहीं है। चार सीटों में मानधाता प्रथम पिछड़ी महिला के लिए आरक्षित है। द्वितीय और चतुर्थ अनुसूचित वर्ग जबकि तृतीय अनुसूचित महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य मो.आरिफ ने कहा कि आरक्षण का निर्धारण समझ से परे है। आरक्षण निर्धारण में लापरवाही बरती गई है। हिंदूपुर गांव की विभा सिंह ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि एक भी सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है।
बंशीपट्टी के लोगों ने आरक्षण पर उठाए सवाल
रखहा। बेलखरनाथधाम क्षेत्र के हर्जामऊ, बंशीपट्टी गांव के लोगों ने आरक्षण पर सवाल उठाए हैं। क्षेत्र के बंशीपट्टी गांव निवासी आशीष कुमार मिश्र, बद्री नारायण मिश्र ने शिकायत करते हुए कहा है कि ग्राम सभा में पिछड़ी और अनुसूचित जाति के लोगों की संख्या कम होने के बावजूद ग्राम पंचायत हरजामऊ में प्रधान पद ओबीसी के लिए आरक्षित कर दिया गया है। आपत्ति जताते हुए कहा है कि ग्राम सभा में 45 मतदाता ओबीसी, 186 मतदाता एससी और सामान्य जाति के 839 मतदाता हैं। वर्ष 2015 में ग्रामसभा की सीट अनुसूचित के लिए आरक्षित थी। ग्रामसभा हर्जामऊ ओबीसी सीट होने पर ग्रामीणों ने जिला अधिकारी से शिकायत करते हुए आपत्ति जताई है।