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करोड़ों की रजिस्ट्री कराने वालों को अब स्लैब में चुकानी होगी फीस
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करोड़ों की रजिस्ट्री कराने वालों को अब स्लैब में चुकानी होगी फीस
करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री कराकर खेल करने वाले प्रापर्टी डीलरों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अब उन्हें स्टांप की मालियत के हिसाब से रजिस्ट्रेशन शुल्क भी अदा करना होगा। अभी तक रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री के लिए 20,000 रुपये ही भुगतान करना पड़ता था। हालांकि दस लाख रुपये तक की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें बीस हजार रुपये ही चुकता करने होंगे।
स्टांप राजस्व में बढ़ोतरी करने और प्रापर्टी डीलरों के आए दिन रजिस्ट्री कराकर नाम परिवर्तित कराने के खेल पर विराम लगाने के लिए रजिस्ट्री शुल्क को अब स्लैब में लागू कर दिया है। अभी तक एक लाख रुपये से करोड़ों की रजिस्ट्री कराने वालों को बीस हजार रुपये शुल्क के रूप में चुकता करने होते थे। मगर अब दस लाख रुपये तक रजिस्ट्री कराने वालों को बीस हजार रुपये और इससे अधिक की धनराशि पर स्लैब में रजिस्ट्रेशन शुल्क लागू होगा।
कहने का मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति एक करोड़ रुपये कीमत की जमीन की रजिस्ट्री कराता है तो उसे एक लाख रुपये शुल्क के रूप में चुकता करने होंगे। स्टांप विभाग ने पांच साल बाद शुल्क में परिवर्तन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इससे करोड़ों रुपये की जमीन लिखाने वालों को अब शुल्क भी अधिक चुकता करना होगा। इससे राजस्व में जहां बढ़ोतरी होगी, वहीं सामान्य लोगों को राहत मिलेगी।
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रजिस्ट्री शुल्क में परिवर्तन की व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी। जिले के कुंडा, रानीगंज, सदर, पट्टी और लालगंज के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में शासनादेश पहुंच गया है।
रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि स्लैब व्यवस्था लागू की गई है। अभी तक एक निश्चित धनराशि ही चुकता करनी होती थी। इससे प्रापर्टी डीलरों को काफी लाभ मिलता था। मगर अब सामान्य परिवारों को राहत मिलेगी और बड़े लोगों को अधिक धनराशि चुकता करनी होगी।
अविनाश पांडेय, एआईजी, स्टांप
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करोड़ों रुपये की जमीन की रजिस्ट्री कराकर खेल करने वाले प्रापर्टी डीलरों के लिए नई मुसीबत खड़ी हो गई है। अब उन्हें स्टांप की मालियत के हिसाब से रजिस्ट्रेशन शुल्क भी अदा करना होगा। अभी तक रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री के लिए 20,000 रुपये ही भुगतान करना पड़ता था। हालांकि दस लाख रुपये तक की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए राहत भरी खबर है। उन्हें बीस हजार रुपये ही चुकता करने होंगे।
स्टांप राजस्व में बढ़ोतरी करने और प्रापर्टी डीलरों के आए दिन रजिस्ट्री कराकर नाम परिवर्तित कराने के खेल पर विराम लगाने के लिए रजिस्ट्री शुल्क को अब स्लैब में लागू कर दिया है। अभी तक एक लाख रुपये से करोड़ों की रजिस्ट्री कराने वालों को बीस हजार रुपये शुल्क के रूप में चुकता करने होते थे। मगर अब दस लाख रुपये तक रजिस्ट्री कराने वालों को बीस हजार रुपये और इससे अधिक की धनराशि पर स्लैब में रजिस्ट्रेशन शुल्क लागू होगा।
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कहने का मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति एक करोड़ रुपये कीमत की जमीन की रजिस्ट्री कराता है तो उसे एक लाख रुपये शुल्क के रूप में चुकता करने होंगे। स्टांप विभाग ने पांच साल बाद शुल्क में परिवर्तन करते हुए नई व्यवस्था लागू की है। इससे करोड़ों रुपये की जमीन लिखाने वालों को अब शुल्क भी अधिक चुकता करना होगा। इससे राजस्व में जहां बढ़ोतरी होगी, वहीं सामान्य लोगों को राहत मिलेगी।
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रजिस्ट्री शुल्क में परिवर्तन की व्यवस्था सोमवार से लागू हो जाएगी। जिले के कुंडा, रानीगंज, सदर, पट्टी और लालगंज के सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में शासनादेश पहुंच गया है।
रजिस्ट्री शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की गई है, बल्कि स्लैब व्यवस्था लागू की गई है। अभी तक एक निश्चित धनराशि ही चुकता करनी होती थी। इससे प्रापर्टी डीलरों को काफी लाभ मिलता था। मगर अब सामान्य परिवारों को राहत मिलेगी और बड़े लोगों को अधिक धनराशि चुकता करनी होगी।
अविनाश पांडेय, एआईजी, स्टांप