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Pratapgarh News: जिंदा व्यक्ति को मृत बताकर दूसरे ने कर दिया बैनामा, धरना-प्रदर्शन संग हंगामा
Sun, 05 Nov 2023 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 05 Nov 2023 01:46 AM IST
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पट्टी तहसील के आसपुर देवसरा में कोटिया गांव निवासी जितेंद्र सिंह जिंदा हैं, लेकिन उन्हें मृत बताकर दूसरे व्यक्ति ने बैनामा कर दिया। आरोप है कि वह 15 वर्षों तक बाहर था। इस दौरान राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से राजस्व अभिलेखों में कूट रचना कराकर दूसरे व्यक्ति ने बैनामा कर दिया। अब वह न्याय के लिए अधिकारियों के चौखट पर दस्तक दे रहा है, मगर कोई सुनने को तैयार नहीं है। नाराज वृद्ध तहसील के बाहर धरना-प्रदर्शन संग हंगामा किया।
शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में अफसरों की ओर से कोई राहत नहीं मिलते देख पीड़ित जितेंद्र सिंह तहसील के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके पहले उन्होंने अफसरों की मौजूदगी में खूब हंगामा किया। इससे पहले उन्होंने तहसील परिसर स्थित एक पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया।
अधिवक्ताओं की सतर्कता के चलते वह इस कार्य में सफल नहीं हो सके तो तहसील परिसर में ही अपने कपड़े उतारकर धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे एडीएम ने उन्हें बुलाया तो जितेंद्र ने न्याय की गुहार लगाई। इस पर एसडीएम ने कहा कि बैनामा निरस्त करने का कार्य अदालत का है, इसलिए वह अदालत की शरण में जाए।
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एडीएम की यह बात सुनकर वह धरना समाप्त कर घर के लिए रवाना हो गए। पीड़ित ने बताया कि तीन महीने से लगातार शिकायतें कर रहा है, मगर अफसर कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।
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शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में अफसरों की ओर से कोई राहत नहीं मिलते देख पीड़ित जितेंद्र सिंह तहसील के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके पहले उन्होंने अफसरों की मौजूदगी में खूब हंगामा किया। इससे पहले उन्होंने तहसील परिसर स्थित एक पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या करने का प्रयास भी किया।
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अधिवक्ताओं की सतर्कता के चलते वह इस कार्य में सफल नहीं हो सके तो तहसील परिसर में ही अपने कपड़े उतारकर धरने पर बैठ गए। दोपहर करीब 12 बजे एडीएम ने उन्हें बुलाया तो जितेंद्र ने न्याय की गुहार लगाई। इस पर एसडीएम ने कहा कि बैनामा निरस्त करने का कार्य अदालत का है, इसलिए वह अदालत की शरण में जाए।
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एडीएम की यह बात सुनकर वह धरना समाप्त कर घर के लिए रवाना हो गए। पीड़ित ने बताया कि तीन महीने से लगातार शिकायतें कर रहा है, मगर अफसर कोई भी बात सुनने को तैयार नहीं हैं।