उपलब्धि : प्रतापगढ़ के चार आईएएस भाई-बहनों का नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज
लालगंज तहसील के इटौरी मकनपुर निवासी बड़ौदा ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक पद से रिटायर्ड अनिल मिश्र के बेटे योगेश, लोकेश, बेटी क्षमा व माधवी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी।
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संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता हासिल कर इतिहास रचने वाले जिले के लालगंज तहसील के चार सगे भाई-बहनों का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व एशिया रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। आईएएस योगेश मिश्र के आवेदन पर छह महीने की छानबीन के बाद उनके नामों को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया। दरअसल, सगे भाई-बहनों के रूप में स्थान बनाने वालों में प्रतापगढ़ के एक ही परिवार के इन चार लोगों की उपलब्धि रही है। इस कारण उनका नाम इंडिया बुक आफ रिकॉर्ड व एशिया बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। संस्था की ओर से उन्हें इसकी सूचना दी गई।
लालगंज तहसील के इटौरी मकनपुर निवासी बड़ौदा ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक पद से रिटायर्ड अनिल मिश्र के बेटे योगेश, लोकेश, बेटी क्षमा व माधवी ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास की थी। इन चारों की प्रारंभिक शिक्षा लालगंज के पुनीत जूनियर हाईस्कूल व इसके बाद इंटर तक की शिक्षा रामअंजोर मिश्र इंटर कॉलेज में हुई।
योगेश ने मोतीलाल नेहरू इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक की पढ़ाई की। क्षमा ने हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कॉलेज लालगंज से हिंदी में एमए की परीक्षा उत्तीर्ण की। माधवी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीजी किया। छोटे बेटे लोकेश ने दिल्ली से आईआईटी की पढ़ाई पूरी की।
क्षमा का आईपीएस एवं योगेश का आईएएस में चयन हुआ। क्षमा की तैनाती बंगलौर में है। योगेश शाहजहांपुर में तैनात हैं। वर्ष 2015 में माधवी व लोकेश का आईएएस पद पर चयन हुआ। माधवी इन दिनों डीएम रामगढ़ झारखंड एवं लोकेश कोडरमा झारखंड में सीडीओ के पद पर तैनात हैं।
आईएएस योगेश मिश्र ने बताया कि इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड व एशिया बुक ऑफ रिकार्ड में नाम दर्ज करने के लिए आवेदन किया था। एजेंसियों ने करीब छह महीने तक इसकी बाकायदा छानबीन की। सप्ताह भर पहले दोनों रिकार्ड में नाम दर्ज होने की सूचना मिली। हालांकि अभी सर्टिफिकेट व मेडल नहीं मिला है। सितंबर महीने में दोनों प्राप्त होगा।
गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में नाम दर्ज करने की तैयारी
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में चारों भाई-बहनों का नाम दर्ज हो चुका है। अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया गया है। इसकी प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही इसमें भी नाम शामिल होने की उम्मीद है।
जल्द होगा प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षार्थियों को सफल कराने का रिकॉर्ड
योगेश मिश्र अब तक 150 परीक्षार्थियों को सिविल सेवा व पीसीएस की परीक्षा में सफलता हासिल करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक मेरे मार्गदर्शन में 140 आईएएस व 10 प्रतियोगी परीक्षार्थी पीसीएस में सफल हुए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही यह रिकॉर्ड भी प्राप्त करने में भी सफलता मिलेगी।