पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत के मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज
- लालगंज से लौटते समय रविवार रात संदिग्ध दशा में हुई थी मौत, धरने पर बैठे लोग, एडीजी और डीएम का किया घेराव
- परिजनों को आर्थिक मदद और घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर होता रहा हंगामा, डीएम ने दिया आश्वासन
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टीवी पत्रकार सुलभ श्रीवास्तव की मौत के मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। रविवार रात लालगंज से लौटते समय वह सुखपालनगर के पास संदिग्ध दशा में मृत मिले थे। उधर, सोमवार सुबह घटना पर आक्रोश जताते हुए कांग्रेस कार्यकर्ता और मीडियाकर्मी धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे डीएम व एडीजी प्रयागराज का घेराव कर मृतक पत्रकार के परिजनों को आर्थिक मदद और घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई। इसे लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। डीएम के हरसंभव मदद के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए। दोपहर बाद सुलभ का शव अंतिम संस्कार के लिए प्रयागराज के रसूलाबाद घाट ले जाया गया।
शहर के पश्चिमी सहोदरपुर स्टेशन रोड निवासी सुलभ श्रीवास्तव (45) एक टीवी चैनल के पत्रकार थे। रविवार को वह लालगंज कोतवाली के असरही में पकड़ी अवैध असलहा फैक्ट्री की कवरेज करने गए थे। वहां से लौटते समय रात करीब साढ़े दस बजे लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर नगर कोतवाली के सुखपालनगर के पास ईंट-भट्ठे के करीब संदिग्ध हालत में वह घायल अवस्था में मिले। उनकी बाइक गिरी थी। लोगों ने उनके मोबाइल से पत्रकार साथी को फोनकर घटना की जानकारी दी। जिसके बाद उन्हें मेडिकल कालेज लाया गया।
यहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसकी जानकारी होने पर रात में ही मेडिकल कालेज में मीडियाकर्मियों का जमावड़ा लग गया। विधायक रानीगंज धीरज ओझा, एएसपी पूर्वी सुरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता व सीओ सिटी अभय पांडेय भी पहुंच गए। मीडियाकर्मी व पत्नी रेणुका श्रीवास्तव सुलभ की हत्या का आरोप लगाने लगीं। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सोमवार को सुबह से ही पोस्टमार्टम हाउस पर मीडियाकर्मियों की भीड़ जुटी रही।
सांसद संगमलाल गुप्ता, भाजयुमो नेता वरुण प्रताप सिंह, पूर्व विधायक बृजेश सौरभ, भाजपा जिलाध्यक्ष हरिओम मिश्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बृजेंद्र मिश्र, एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह, बाबागंज विधायक विनोद सरोज भी पहुंच गए। वीडियोग्राफी के बीच दो चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम के बाद शव को घर लाया गया। शव देखते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंचे एडीजी प्रयागराज प्रेमप्रकाश, जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल व पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर का लोगों ने घेराव करते हुए एक करोड़ की आर्थिक मदद, घटना की उच्चस्तरीय जांच, मृतक पत्रकार की पत्नी को नौकरी व मकान उनके नाम दर्ज कराने की मांग की।
इस दौरान कांग्रेस नेता नीरज त्रिपाठी, संतोष तिवारी समेत मीडियाकर्मी धरने पर बैठकर मांगों को पूरा करने की जिद करने लगे। जिससे वहां हंगामा होता रहा। बाद में डीएम के मान-मनौवल पर लोग अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सुलभ की पत्नी रेणुका ने हत्या कर शव फेंकने की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी। इस पर एसपी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराते हुए उनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने का निर्देश दिया। पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि प्रथमदृष्टया घटना दुर्घटना की प्रतीत होती है। घटनास्थल का निरीक्षण व मजदूरों से पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह बातें सामने आ रही हैं। इसके बाद भी प्रकरण की हर बिंदुओं पर गहनता से छानबीन की जा रही है।