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निरक्षर जनप्रतिनिधियों की अहम होगी भूमिका
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प्रतापगढ़। सदस्य विधान परिषद के चुनाव में इस बार 2815 मतदाताओं में से 171 निरक्षर हैं। ऐसे में ये सहायकों की मदद से वोट करेंगे। चुनाव परिणाम में इन मतदाताओं की अहम भूमिका होगी। निरक्षर मतदाताओं में प्रधान और बीडीसी सदस्यों की संख्या अधिक है, इनमें ज्यादातर महिलाएं हैं।
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एमएलसी चुनाव के लिए मतदाता सूची भी तैयार हो चुकी है। इस सूची में कुल 2815 मतदाता हैं। इनमें 1193 प्रधान, 1465 बीडीसी सदस्य, 57 डीडीसी समेत सभासद, सांसद, विधायक, शिक्षक, स्नातक एमएलसी, जिला और निकायों के अध्यक्ष शामिल हैं। इनमें 171 पंचायत प्रतिनिधि निरक्षर हैं। इनमें प्रधान और बीडीसी सदस्यों की संख्या अधिक है। ऐसे में मतदान के लिए इन्हें सहायकों की जरूरत पड़ेगी।
मतदाता सूची में 1528 पुरुष तो 1287 महिला मतदाता शामिल हैं।
सबसे अधिक कुंडा में 225, जिला पंचायत में 82, सदर में 153, संडवाचंद्रिका में 162, मानधाता में 214, लक्ष्मणपुर में 144, रामपुर संग्रामगढ़ में 148, लालगंज में 138, सांगीपुर में 169, कालाकांकर में 151, बिहार में 199, बाबागंज में 168, पट्टी में 136, आसपुर देवसरा में 143, गौरा में 134, शिवगढ़ में 149, मंगरौरा में 141, और बाबा बेलखरनाथ में 159 मतदाता हैं। खास बात यह है कि इन निरक्षर मतदाता के सहायक केवल उनके परिवार के ही सगे-संबंधी बन सकते हैं। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की नजरें ऐसे वोटरों पर खासतौर पर है। इसके लिए वह परिवारवालों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेशचंद्र ने बताया कि निरक्षर मतदाताओं को सहायक द्वारा वोट डालने की सुविधा मिलेगी।
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नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, एमएलसी चुनाव के लिए मतदाता सूची भी तैयार हो चुकी है। इस सूची में कुल 2815 मतदाता हैं। इनमें 1193 प्रधान, 1465 बीडीसी सदस्य, 57 डीडीसी समेत सभासद, सांसद, विधायक, शिक्षक, स्नातक एमएलसी, जिला और निकायों के अध्यक्ष शामिल हैं। इनमें 171 पंचायत प्रतिनिधि निरक्षर हैं। इनमें प्रधान और बीडीसी सदस्यों की संख्या अधिक है। ऐसे में मतदान के लिए इन्हें सहायकों की जरूरत पड़ेगी।
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मतदाता सूची में 1528 पुरुष तो 1287 महिला मतदाता शामिल हैं।
सबसे अधिक कुंडा में 225, जिला पंचायत में 82, सदर में 153, संडवाचंद्रिका में 162, मानधाता में 214, लक्ष्मणपुर में 144, रामपुर संग्रामगढ़ में 148, लालगंज में 138, सांगीपुर में 169, कालाकांकर में 151, बिहार में 199, बाबागंज में 168, पट्टी में 136, आसपुर देवसरा में 143, गौरा में 134, शिवगढ़ में 149, मंगरौरा में 141, और बाबा बेलखरनाथ में 159 मतदाता हैं। खास बात यह है कि इन निरक्षर मतदाता के सहायक केवल उनके परिवार के ही सगे-संबंधी बन सकते हैं। चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशियों की नजरें ऐसे वोटरों पर खासतौर पर है। इसके लिए वह परिवारवालों से लगातार संपर्क साधे हुए हैं। उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुकेशचंद्र ने बताया कि निरक्षर मतदाताओं को सहायक द्वारा वोट डालने की सुविधा मिलेगी।
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