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Pratapgarh News: नसबंदी से अब भी डरते हैं पुरुष, साल भर में मात्र 22 ने कराई
Fri, 23 Feb 2024 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 23 Feb 2024 11:59 PM IST
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परिवार नियोजन में पुरुषों से आगे महिलाएं, 4516 आगे आईं
संवाद न्यूज एजंसी
प्रतापगढ़। परिवार नियोजन के मामले में आज भी पुरुष महिलाओं से पीछे हैं। अप्रैल से लेकर अब तक 4516 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। पुरुषों की संख्या महज 22 है। जिले की 9955 महिलाओं ने परिवार नियोजन में भागीदारी लेते हुए अंतरा इंजेक्शन का सहारा लिया।
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल का कहना है कि पुरुषों में भ्रांति है कि नसबंदी से शारीरिक संबंध बनाने की क्षमता कम हो जाती है। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की नसबंदी आसान है। सप्ताह भर तक वे भारी सामान नहीं उठा सकते। इसके बाद सब सामान्य हो जाता है। लेकिन पुरुषों में जागरूकता नहीं आई। वे अब भी डरते हैं।
डॉ. जीएम शुक्ल ने बताया कि परिवार नियोजन का स्थायी साधन नसबंदी एक सरल उपाय है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जनपद में 26 पुरुषों तो 5419 महिलाओं ने नसबंदी कराई है।
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इनसेट
पुरुषों को प्रोत्साहन राशि ज्यादा
परिवार नियोजन के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। नसबंदी कराने वाली महिलाओं को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा प्रसव के तुरंत बाद नसबंदी पर महिलाओं को ढाई हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पुरुषों की नसबंदी कराने पर प्रोत्साहन राशि तीन हजार रुपये दिए जाते हैं।
इनसेट
पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर न के बराबर
सीएमओ डॉ. जीएन शुक्ल ने बताया कि पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर .01 प्रतिशत है। शादीशुदा पुरुष नसबंदी की सेवा का लाभ ले सकते हैं। 60 वर्ष से कम उम्र के शादीशुदा पुरुष भी नसबंदी करा सकते हैं। पुरुष नसबंदी तभी करवानी चाहिए, जब पत्नी ने नसबंदी न करवाई हो। पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर .01 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि छोटे परिवार के लिए 4550 महिलाओं ने प्रसव के तत्काल बाद आईयूसीडी (कॉपर टी) का सहारा लिया है।
ध्यान दें
पुरुषों में एक छोटा सा चीरा लगाकर नसबंदी की जाती है, जबकि महिलाओं का पेट खोलना पड़ता है।
पुरुष नसबंदी में पांच से सात मिनट का समय लगता है, महिलाओं में 20 से 25 मिनट लगता है।
नसबंदी कराने वाले पुरुष हो या फिर महिलाओं को यदि बच्चे की जरूरत होती है तो ऑपरेशन कर नस को खोल दिया जाता है। महिला चाहे तो फिर से गर्भ धारण कर सकती हैं।
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संवाद न्यूज एजंसी
प्रतापगढ़। परिवार नियोजन के मामले में आज भी पुरुष महिलाओं से पीछे हैं। अप्रैल से लेकर अब तक 4516 महिलाओं ने नसबंदी कराई है। पुरुषों की संख्या महज 22 है। जिले की 9955 महिलाओं ने परिवार नियोजन में भागीदारी लेते हुए अंतरा इंजेक्शन का सहारा लिया।
सीएमओ डॉ. जीएम शुक्ल का कहना है कि पुरुषों में भ्रांति है कि नसबंदी से शारीरिक संबंध बनाने की क्षमता कम हो जाती है। जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की नसबंदी आसान है। सप्ताह भर तक वे भारी सामान नहीं उठा सकते। इसके बाद सब सामान्य हो जाता है। लेकिन पुरुषों में जागरूकता नहीं आई। वे अब भी डरते हैं।
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डॉ. जीएम शुक्ल ने बताया कि परिवार नियोजन का स्थायी साधन नसबंदी एक सरल उपाय है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जनपद में 26 पुरुषों तो 5419 महिलाओं ने नसबंदी कराई है।
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पुरुषों को प्रोत्साहन राशि ज्यादा
परिवार नियोजन के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। नसबंदी कराने वाली महिलाओं को दो हजार रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा प्रसव के तुरंत बाद नसबंदी पर महिलाओं को ढाई हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है। पुरुषों की नसबंदी कराने पर प्रोत्साहन राशि तीन हजार रुपये दिए जाते हैं।
इनसेट
पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर न के बराबर
सीएमओ डॉ. जीएन शुक्ल ने बताया कि पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर .01 प्रतिशत है। शादीशुदा पुरुष नसबंदी की सेवा का लाभ ले सकते हैं। 60 वर्ष से कम उम्र के शादीशुदा पुरुष भी नसबंदी करा सकते हैं। पुरुष नसबंदी तभी करवानी चाहिए, जब पत्नी ने नसबंदी न करवाई हो। पुरुष नसबंदी के फेल होने का डर .01 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि छोटे परिवार के लिए 4550 महिलाओं ने प्रसव के तत्काल बाद आईयूसीडी (कॉपर टी) का सहारा लिया है।
ध्यान दें
पुरुषों में एक छोटा सा चीरा लगाकर नसबंदी की जाती है, जबकि महिलाओं का पेट खोलना पड़ता है।
पुरुष नसबंदी में पांच से सात मिनट का समय लगता है, महिलाओं में 20 से 25 मिनट लगता है।
नसबंदी कराने वाले पुरुष हो या फिर महिलाओं को यदि बच्चे की जरूरत होती है तो ऑपरेशन कर नस को खोल दिया जाता है। महिला चाहे तो फिर से गर्भ धारण कर सकती हैं।