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Pratapgarh News: सौभाग्य से रोशन नहीं हो पाए 31 हजार घर
Mon, 22 Apr 2024 02:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 22 Apr 2024 02:52 AM IST
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मानधाता के तरौल में नहीं लगे बिजली के पोल।
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सौभाग्य से रोशन नहीं हो पाए 31 हजार घर
- पिछले वर्ष 2023 में पांच करोड़ रुपये बजट हुआ था आवंटित
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में 3150 मजरों में बने 31 हजार घरों को बिजली से रोशन नहीं किया जा सका। बिजली विभाग की अनदेखी के चलते लोग दूसरे गांवों से बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं। मजरों में लगे बिजली का खंभे और तार शोपीस बने हुए हैं।
पिछले वर्ष 2023 में सौभाग्य योजना (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना) के तहत बिजली विभाग ने 3150 मजरों को चिन्हित किया था। कुल 31 हजार घरों में आपूर्ति की जानी थी। शासन की ओर से पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया। इस धनराशि से विभाग ने कुछ मजरों में बांस-बल्ली हटाकर सीमेंट और लोहे के खंभे लगा दिए। खंभों पर तार भी बिछा दिए गए। मगर, विभाग इलाके में ट्रांसफार्मर स्थापित करना भूल गया। जबकि कुछ मजरों में अभी भी बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है और यह भी ग्रामीण दूसरे गांवों से कनेक्शन लेकर कर रहे हैं। बिजली खंभे और तार लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनका घर भी बिजली से रोशन होगा। बिजली आपूर्ति सुलभ होने से किसानों को खेती और सिंचाई संबंधी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लालगंज तहसील क्षेत्र के डोडपुर के चौहान बस्ती, पिपरताली अमरौना, लीलापुर के बलीपुर परसन, अंतू के लोहंगपट्टी, सदर तहसील के बबुरहा, रानीगंज के मुआरअधारगंज में दलित बस्ती सहित 3150 मजरों में अब तक बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई है। अधीक्षण अभियंता सत्यपाल ने बताया कि तीसरे चरण की शुरूआत हो चुकी है। जल्द ही इन सभी मजरों में बिजली आपूर्ति की जाएगी। ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम भी शुरू हो चुका है।
इनसेट--
सांसद जी का नहीं जल सका हाईमास्ट
विकासखंड मानधाता के तरौल चौराहे पर विद्युतीकरण न होेने के कारण करीब सौ दुकानदार बांस- बल्ली पर केबल लगाकर दूसरे गांवों से बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। कुछ दुकानदार बैटरी और मोबाइल की लाइट से काम चला रहे हैं। आठ माह पहले सांसद निधि से हाईमास्ट लगाया गया, लेकिन विद्युतीकरण न होने के कारण उसमें आज तक रोशनी नहीं आ सकी।
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इनसेट-- -
ग्रामीणों से बातचीत
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0 तरौल चौराहे पर मेडिकल स्टोर की दुकान है। विद्युतीकरण न होने के कारण बिजली आपूर्ति के लिए बैटरी लगा रखी है।
अजय यादव, तरौल बाजार, मानधाता।
0 पास के बाजार में किराना की दुकान है। दुकान में बिजली के लिए बैटरी लगाई हुई है। कभी-कभी बैटरी बंद हो जाती है तो मोबाइल की रोशनी में दुकान चलानी पड़ती है।
साहिबुद्दीन, तरौल बाजार, मानधाता।
0 एक साल पहले बिजली विभाग ने गांव में सीमेंट का खंभा तो लगा दिया। मगर, बिजली का तार लगाना भूल गए। घर से करीब पांच किमी की दूरी पर लगे खंभे से कनेक्शन लिया है।
राम दुलार मिश्र, बबुरहा, सदर।
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- पिछले वर्ष 2023 में पांच करोड़ रुपये बजट हुआ था आवंटित
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। सौभाग्य योजना के तीसरे चरण में 3150 मजरों में बने 31 हजार घरों को बिजली से रोशन नहीं किया जा सका। बिजली विभाग की अनदेखी के चलते लोग दूसरे गांवों से बिजली की आपूर्ति कर रहे हैं। मजरों में लगे बिजली का खंभे और तार शोपीस बने हुए हैं।
पिछले वर्ष 2023 में सौभाग्य योजना (प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना) के तहत बिजली विभाग ने 3150 मजरों को चिन्हित किया था। कुल 31 हजार घरों में आपूर्ति की जानी थी। शासन की ओर से पांच करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया गया। इस धनराशि से विभाग ने कुछ मजरों में बांस-बल्ली हटाकर सीमेंट और लोहे के खंभे लगा दिए। खंभों पर तार भी बिछा दिए गए। मगर, विभाग इलाके में ट्रांसफार्मर स्थापित करना भूल गया। जबकि कुछ मजरों में अभी भी बांस-बल्ली के सहारे ही बिजली की आपूर्ति हो रही है और यह भी ग्रामीण दूसरे गांवों से कनेक्शन लेकर कर रहे हैं। बिजली खंभे और तार लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब उनका घर भी बिजली से रोशन होगा। बिजली आपूर्ति सुलभ होने से किसानों को खेती और सिंचाई संबंधी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। लालगंज तहसील क्षेत्र के डोडपुर के चौहान बस्ती, पिपरताली अमरौना, लीलापुर के बलीपुर परसन, अंतू के लोहंगपट्टी, सदर तहसील के बबुरहा, रानीगंज के मुआरअधारगंज में दलित बस्ती सहित 3150 मजरों में अब तक बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई है। अधीक्षण अभियंता सत्यपाल ने बताया कि तीसरे चरण की शुरूआत हो चुकी है। जल्द ही इन सभी मजरों में बिजली आपूर्ति की जाएगी। ट्रांसफार्मर स्थापित करने का काम भी शुरू हो चुका है।
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सांसद जी का नहीं जल सका हाईमास्ट
विकासखंड मानधाता के तरौल चौराहे पर विद्युतीकरण न होेने के कारण करीब सौ दुकानदार बांस- बल्ली पर केबल लगाकर दूसरे गांवों से बिजली आपूर्ति कर रहे हैं। कुछ दुकानदार बैटरी और मोबाइल की लाइट से काम चला रहे हैं। आठ माह पहले सांसद निधि से हाईमास्ट लगाया गया, लेकिन विद्युतीकरण न होने के कारण उसमें आज तक रोशनी नहीं आ सकी।
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ग्रामीणों से बातचीत
0 तरौल चौराहे पर मेडिकल स्टोर की दुकान है। विद्युतीकरण न होने के कारण बिजली आपूर्ति के लिए बैटरी लगा रखी है।
अजय यादव, तरौल बाजार, मानधाता।
0 पास के बाजार में किराना की दुकान है। दुकान में बिजली के लिए बैटरी लगाई हुई है। कभी-कभी बैटरी बंद हो जाती है तो मोबाइल की रोशनी में दुकान चलानी पड़ती है।
साहिबुद्दीन, तरौल बाजार, मानधाता।
0 एक साल पहले बिजली विभाग ने गांव में सीमेंट का खंभा तो लगा दिया। मगर, बिजली का तार लगाना भूल गए। घर से करीब पांच किमी की दूरी पर लगे खंभे से कनेक्शन लिया है।
राम दुलार मिश्र, बबुरहा, सदर।

मानधाता के तरौल में नहीं लगे बिजली के पोल।

मानधाता के तरौल में नहीं लगे बिजली के पोल।

मानधाता के तरौल में नहीं लगे बिजली के पोल।

मानधाता के तरौल में नहीं लगे बिजली के पोल।