श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार लोडर बेकाबू होकर पलटने से दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उन्नीस श्रद्धालु घायल हो गए। तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों व लहूलुहान घायलों के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर ट्रामा सेंटर में अफरातफरी मच गई। हादसा श्रद्धालुओं के संग्रामगढ़ इलाके से दर्शन करने बाबा घुइसरनाथ धाम जाते समय लालगंज इलाके में हुआ।
प्रतापगढ़ : श्रद्धालुओं से भरी बेकाबू लोडर पलटी, दो युवतियों की दर्दनाक मौत, 19 घायल
श्रद्धालुओं से भरी तेज रफ्तार लोडर बेकाबू होकर पलटने से दो युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में उन्नीस श्रद्धालु घायल हो गए। तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। मृतकों व लहूलुहान घायलों के ट्रामा सेंटर पहुंचने पर ट्रामा सेंटर में अफरातफरी मच गई।
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सूचना पर पहुंची पुलिस राहगीरों की मदद से घायलों को लालगंज ट्रामा सेंटर ले आई। बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने पर वहां अफरातफरी मच गई। उपचार के दौरान गंभीर रूप से घायल राजकली, निशा व रिशा सरोज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी पर एसडीएम लालधर यादव व सीओ रामसूरत सोनकर ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर अधीक्षक डॉ. अरविंद गुप्ता के साथ घायलों के उपचार का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
हादसे के बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया है। तीन घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। - राम सूरत सोनकर, सीओ, लालगंज
श्रद्धालुओं से भरी आटो लोडर के पलटने से दो श्रद्धालुओं की मौत और उन्नीस के घायल होने से घटना स्थल से लेकर श्रद्धालुओं के गांव लालूपट्टी तक चीखपुकार मच गई। हादसे के बाद मौके पर पड़े लहूलुहान श्रद्धालु कराह रहे थे। सबसे पहले मौके पर दरोगा राजेश कुमार पहुंचे। घायलों को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था नहीं देख पलटे पड़े लोडर की मदद से दरोगा ने गंभीर रूप से घायलों को ट्रामा सेंटर पहुंचाया। इसके बाद तीन एंबुलेंस पहुंची और घायलों को ले जाया गया।
यहां आधे घंटे तक चीख पुकार मची रही। इसके बाद ट्रामा सेंटर में परिजन एक दूसरे की हालत देखकर बिलखते रहे। कोमल व सीमा के शव के पास परिजन दहाड़े मारकर रो रहे थे। परिजनों को अपने घायल होने से अधिक दर्द दोनों युवतियों की मौत से हो रहा था। पुलिस व स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। श्रद्धालुओं के गांव जब घटना की सूचना मिली तो वहां भी कोहराम मच गया। परिजन व पड़ोसी रोने बिलखने लगे। कोहराम के बीच कुछ लोग घायलों की मदद से लिए लालगंज भागे। परिवार के लोगों को कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि वह क्या करें। मौके से लेकर ट्रामा सेंटर व लालूपट्टी तक कोहराम व चीख पुकार सुनकर लोगों के आंखों में आंसू आ गए।
रास्ते में घर न होता तो बच जाती कोमल की जान
दर्दनाक हादसे में जाने गंवाने वाली कोमल सरोज को उसकी मौत ही खींच ले आई थी। कोमल लालगंज कोतवाली के शिवा वैश्य पूरे जोधा की रहने वाली थी। पिता सुरेश सरोज खेती किसानी करते हैं। वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। बड़ी बहन नेहा की शादी लालूपट्टी में हुई थी। बहन की ससुराल से कोमल के पास फोन आया कि उसके यहां से लोग घुइसरनाथ धाम जा रहे हैं।
रास्ते में कोमल का घर पड़ता था, जिसके चलते वह भी साथ जाने को तैयार हो गई। कोमल ने परिजनों को बताया कि वापस आते समय वह घर आ जाएगी। लेकिन दर्दनाक हादसे में उसकी मौत हो गई। इसकी जानकारी कोमल के परिजनों को हुई तो उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। परिजनों का कहना था कि रास्ते में घर नहीं पड़ता को कोमल साथ नहीं जाती और उसकी जान बच जाती।
सामान ढ़ोने के परमिट पर सवारियां ढ़ो रहा था लोडर ...
जिस लोडर से हुए हादसे में दो श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो गई और उन्नीस लोग घायल हो गए, उसका सवारियां ढोने का परमिट नहीं था। यह वाहन सामान ढोने के लिए खरीदकर आरटीओ आफिस से पंजीकरण कराया गया था। चालक मनोज कुमार का घर भी लालूपट्टी में पड़ता है, जिसे बाबा धाम जाने के लिए बुक किया गया था। लोडर पर दस सवारियों को बैठने की जगह नहीं थी, इसके बाद भी २१ लोगों को भूसे की तरह भरा गया था।
कुछ लोग लोडर पर पीछे बैठे थे, जगह नहीं मिली तो डाले पर भी लड़कियां व बच्चे सहारा लेकर बैठे थे। खचाखच भरा लोडर तेज गति से बाबा धाम जा रहा था। इस बीच लालगंज के भेभौरा के समीप मोड़ पर चालक रफ्तार के चलते नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक चलते लोडर का पीछे वाला डाला खुल गया और लोग रोड पर गिरने लगे। इस बीच चालक नियंत्रण खो बैठा और दर्दनाक हादसा हो गया।