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ओपीडी का भार, प्रतिदिन बुखार के मरीजों की संख्या पहुंची तीन हजार
Sat, 04 Sep 2021 05:21 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 05:21 PM IST
सार
मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग में शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही मरीज पर्चा खरीदने के लिए लाइन में लग गए। बताया जाता है कि बीते सप्ताह भर पहले जहां सौ से डेढ़ सौ की ओपीडी होती थी वहीं इन दिनों महज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित चार से पांच सौ मरीज ओपीडी में पहुंचकर चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं।
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मौसम का मिजाज बदलने से मेडिकल कालेज ओपीडी में रही मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
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विस्तार
मौसम में बदलाव के चलते बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। बीते सप्ताह भर से मौसम में बदलाव के कारण बच्चे हों या फिर बूढ़े बुखार के चपेट में आकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिले भर के सरकारी और निजी अस्पतालों में ही देखा जाए तो शुक्रवार को ही केवल तीन हजार के करीब मरीजों ने इलाज कराया।
मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग में शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही मरीज पर्चा खरीदने के लिए लाइन में लग गए। बताया जाता है कि बीते सप्ताह भर पहले जहां सौ से डेढ़ सौ की ओपीडी होती थी वहीं इन दिनों महज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित चार से पांच सौ मरीज ओपीडी में पहुंचकर चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। शुक्रवार सुबह से ही पर्चा काउंटर से लेकर दवा व ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें दिखाई दी। एक ही दिन में 12 सौ से अधिक ओपीडी पहुंच गई।
भीड़ अधिक होने से अस्पताल में सुविधाएं पाने के लिए हर तरफ मारामारी मची रही। यही हाल सीएचसी और पीएचसी की भी रही। सीएचसी पीएचसी में वैसे भूले भटके मरीज इलाज कराने के लिए जाते थे, मगर मौजूदा समय सौ से दो सौ के करीब ओपीडी में मरीज पहुंचकर बुखार का इलाज कर रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि ओपीडी सुबह आठ बजे शुरू हुई लेकिन मरीज पहले से ही पहुंच गए थे। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वैसे मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस लिए दो पर्चा काउंटर खुलवाया गया है।
जेल में भी बुखार रोगियों की भरमार
जिला जेल में बंद बंदियों को भी बुखार होने लगा है। जेल में बंद तीन बंदियों की हालत नाजुक देखकर चिकित्सक उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एक मरीज की हालत नाजुक बताकर उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिए।
बदलते मौसम में रहें सावधान
इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने आस पड़ोस गंदा पानी न एकत्र होने दें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। एसी की हवा लेने से परहेज करें। जब भी धूप से घर पहुंचे तो तत्काल पानी न पीएं। इस बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर व डेंगू चल रहा है। अगर थोड़ी सी लापरवाही बरती तो बीमार हो सकते हैं। फीवर आने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाकर इलाज कराएं। अगर पांच दिन बाद भी बुखार नहीं जाता है तो डेंगू की जांच कराएं। -डॉ. मनोज खत्री , फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज
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मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग में शुक्रवार सुबह आठ बजे से ही मरीज पर्चा खरीदने के लिए लाइन में लग गए। बताया जाता है कि बीते सप्ताह भर पहले जहां सौ से डेढ़ सौ की ओपीडी होती थी वहीं इन दिनों महज सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित चार से पांच सौ मरीज ओपीडी में पहुंचकर चिकित्सकों से इलाज करा रहे हैं। शुक्रवार सुबह से ही पर्चा काउंटर से लेकर दवा व ओपीडी में मरीजों की लंबी लाइनें दिखाई दी। एक ही दिन में 12 सौ से अधिक ओपीडी पहुंच गई।
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भीड़ अधिक होने से अस्पताल में सुविधाएं पाने के लिए हर तरफ मारामारी मची रही। यही हाल सीएचसी और पीएचसी की भी रही। सीएचसी पीएचसी में वैसे भूले भटके मरीज इलाज कराने के लिए जाते थे, मगर मौजूदा समय सौ से दो सौ के करीब ओपीडी में मरीज पहुंचकर बुखार का इलाज कर रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि ओपीडी सुबह आठ बजे शुरू हुई लेकिन मरीज पहले से ही पहुंच गए थे। गंभीर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। वैसे मरीजों को दवा देकर घर भेज दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस लिए दो पर्चा काउंटर खुलवाया गया है।
जेल में भी बुखार रोगियों की भरमार
जिला जेल में बंद बंदियों को भी बुखार होने लगा है। जेल में बंद तीन बंदियों की हालत नाजुक देखकर चिकित्सक उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक एक मरीज की हालत नाजुक बताकर उसे प्रयागराज के लिए रेफर कर दिए।
बदलते मौसम में रहें सावधान
इस समय सावधानी बरतने की जरूरत है। अपने आस पड़ोस गंदा पानी न एकत्र होने दें। रात में मच्छरदानी का प्रयोग करें। एसी की हवा लेने से परहेज करें। जब भी धूप से घर पहुंचे तो तत्काल पानी न पीएं। इस बदलते मौसम के कारण वायरल फीवर व डेंगू चल रहा है। अगर थोड़ी सी लापरवाही बरती तो बीमार हो सकते हैं। फीवर आने पर तत्काल चिकित्सक को दिखाकर इलाज कराएं। अगर पांच दिन बाद भी बुखार नहीं जाता है तो डेंगू की जांच कराएं। -डॉ. मनोज खत्री , फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज