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Pratapgarh News: उजाले को लगा ग्रहण...बाजारों-चौराहों पर सालों से बुझीं हाईमास्ट लाइटें
Thu, 07 Aug 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 07 Aug 2025 11:16 PM IST
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किशुनगंज बाजार में महीनों से खराब पड़ा हाईमास्ट। संवाद
जिले के सांसद व विधायक निधि से 13.52 करोड़ की लागत से लगी सैकड़ों हाईमास्ट सालों से बुझी हैं। ऐसे में शाम होते ही हाईवे स्थित बाजारों व चौराहों पर अंधेरा छा जाता है। अंधेरा छाने से दुकानदार, राहगीर व स्थानीय लोग परेशान हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण लोगों की उम्मीदों को ग्रहण लगा हुआ है। बृहस्पतिवार को हुई पड़ताल में हाईमास्ट लाइटों की हकीकत सामने आई।
सांसद निधि से 2019 से 2024 तक कुल 355 हाईमास्ट लाइटें लगाई गईं। इसमें 200 मिनी एवं 155 बड़ी हाईमास्ट लाइटें शामिल हैं। प्रत्येक छोटी हाईमास्ट लाइट के लिए 1.86 लाख एवं बड़ी हाईमास्ट लाइट के लिए 5.86 लाख रुपये खर्च किए गए। जिलेभर में छोटी हाईमास्ट के लिए 3.72 करोड़ व बड़ी हाईमास्ट लाइट के लिए 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें से अधिकांश हाईमास्ट लाइटें पांच साल में ही खराब हो गई। जो जल रही हैं, उनमें भी कई लाइटें खराब हैं।
पट्टी-रानीगंज मार्ग पर पुलिस चौकी के समीप लगी हाईमास्ट लाइट एक साल से बंद है। फतनपुर बाजार चौराहे में हाईमास्ट लाइट दो साल से खराब है। पट्टी इलाके के नारंगपुर बाजार में हाईमास्ट एक साल से खराब है। किशुनगंज बाजार में लगा हाईमास्ट 2015 से खराब है। पट्टी-रानीगंज रोड उड़ैयाडीह तिराहे पर हाईमास्क लाइट साल भर से बंद है। जामताली बाजार में लगी हाईमास्ट लाइट छह महीने से खराब है।
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बाजार के राहुल त्रिपाठी, महेश मिश्रा, विकास मिश्रा, राजेश दुबे, करमचंद उमर वैश्य ने बताया कि अंधेरे के चलते दुर्घटना का खतरा रहता है। स्थानीय प्रीतम पांडेय ने कहा कि अंधेरे के कारण दुकानदार व राहगीरों को दिक्कत होती है। बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के दीवानगंज, शीतलागंज, सोनाही, बाबा बेलखरनाथ धाम परिसर, रखहा बाजार, उडैयाडीह, दिलीपपुर चौराहों पर लगी हाईमास्ट लाइटें दो साल से बंद हैं।
यह है नियम
नियम के अनुसार कार्यदायी संस्था को पांच साल के पहले खराब होने वाली लाइट को ठीक करना होता है। इसके बाद जिम्मेदारी ग्राम सभा या नगर पालिका की होती है। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था से लेकर ग्राम पंचायत या नगर पालिका ने लाइटों को दुरुस्त नहीं कराया।
साल- लगे हाईमास्ट
2020-88
2021-00
2022-36
2023-86
2024-145
जिलेभर में लगी हाईमास्ट लाइटों को सुधरवाने के लिए टीम गठित कर सर्वे कराया जाएगा। जिन बाजारों में लाइटें खराब हैं, उन्हें जिम्मेदार संस्था के माध्यम से सुधरवाया जाएगा।-डॉ. दिव्या मिश्रा, सीडीओ
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सांसद निधि से 2019 से 2024 तक कुल 355 हाईमास्ट लाइटें लगाई गईं। इसमें 200 मिनी एवं 155 बड़ी हाईमास्ट लाइटें शामिल हैं। प्रत्येक छोटी हाईमास्ट लाइट के लिए 1.86 लाख एवं बड़ी हाईमास्ट लाइट के लिए 5.86 लाख रुपये खर्च किए गए। जिलेभर में छोटी हाईमास्ट के लिए 3.72 करोड़ व बड़ी हाईमास्ट लाइट के लिए 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें से अधिकांश हाईमास्ट लाइटें पांच साल में ही खराब हो गई। जो जल रही हैं, उनमें भी कई लाइटें खराब हैं।
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पट्टी-रानीगंज मार्ग पर पुलिस चौकी के समीप लगी हाईमास्ट लाइट एक साल से बंद है। फतनपुर बाजार चौराहे में हाईमास्ट लाइट दो साल से खराब है। पट्टी इलाके के नारंगपुर बाजार में हाईमास्ट एक साल से खराब है। किशुनगंज बाजार में लगा हाईमास्ट 2015 से खराब है। पट्टी-रानीगंज रोड उड़ैयाडीह तिराहे पर हाईमास्क लाइट साल भर से बंद है। जामताली बाजार में लगी हाईमास्ट लाइट छह महीने से खराब है।
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बाजार के राहुल त्रिपाठी, महेश मिश्रा, विकास मिश्रा, राजेश दुबे, करमचंद उमर वैश्य ने बताया कि अंधेरे के चलते दुर्घटना का खतरा रहता है। स्थानीय प्रीतम पांडेय ने कहा कि अंधेरे के कारण दुकानदार व राहगीरों को दिक्कत होती है। बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के दीवानगंज, शीतलागंज, सोनाही, बाबा बेलखरनाथ धाम परिसर, रखहा बाजार, उडैयाडीह, दिलीपपुर चौराहों पर लगी हाईमास्ट लाइटें दो साल से बंद हैं।
यह है नियम
नियम के अनुसार कार्यदायी संस्था को पांच साल के पहले खराब होने वाली लाइट को ठीक करना होता है। इसके बाद जिम्मेदारी ग्राम सभा या नगर पालिका की होती है। इसके बावजूद कार्यदायी संस्था से लेकर ग्राम पंचायत या नगर पालिका ने लाइटों को दुरुस्त नहीं कराया।
साल- लगे हाईमास्ट
2020-88
2021-00
2022-36
2023-86
2024-145
जिलेभर में लगी हाईमास्ट लाइटों को सुधरवाने के लिए टीम गठित कर सर्वे कराया जाएगा। जिन बाजारों में लाइटें खराब हैं, उन्हें जिम्मेदार संस्था के माध्यम से सुधरवाया जाएगा।-डॉ. दिव्या मिश्रा, सीडीओ