फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   72-hour water journey from Mumbai to Pratapgarh, death as soon as the village comes down

मुबंई से प्रतापगढ़ तक 72 घंटे के जलालत भरा सफर, गांव उतरते ही मौत

Tue, 19 May 2020 12:07 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 19 May 2020 12:07 AM IST
विज्ञापन
72-hour water journey from Mumbai to Pratapgarh, death as soon as the village comes down
pratapgrah news - फोटो : pratapgrah news
 हाड़तोड़ मेहनत से जिंदगी चल रही थी। पाई-पई गिनकर ही सही, लग रहा था कि बच्चों का भविष्य बन जा जाएगा। अचानक महामारी कोरोना का शोर और उसके बाद लॉकडाउन ने रोजी-रोटी छीन ली। कुछ दिन बाद किराए का कमरा भी खाली करना पड़ा। इसका बाद इनका हर लम्हा आंसुओं में डूबने लगा। जिसके लिए तन-मन से मेहनत की उसने भी मदद से इंकार कर दिया।
विज्ञापन


ऐसे में जीवन बचाने गांव का रूख करना पड़ा। भूख और आर्थिक तंगी के बीच हजारों मील रास्ता तय तो किया लेकिन गांव की देहरी भी नसीब न हो सकी। जलालत ऐसी की ससुराल ने भी घर का दरवाजा बंद कर लिया।
विज्ञापन

मुंबई में फंसे कामगारों की घर पहुंचने की बेताबी उनकी जान पर भारी पड़ने लगी है।

घर पहुंचने की जल्दबाजी में जलालत भरे सफर ने सोमवार को पट्टी इलाके के एक युवक की जान ले ली। घर आने के लिए वह परिवार के साथ चालीस लोगों से भरे ट्रक में भूसे की तरह लद गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीलिया से पीड़ित युवक 72 घंटे के सफर की दुश्वारियों को बर्दाश्त नहीं कर सका। रास्तेभर तड़पने के बाद जब प्रयागराज के करनाईपुर में ट्रक चालक ने उतारा तो उसके प्राण-पखेरू निकल गए। प्रयागराज में रहने वाला भाई पत्नी और बच्चों के साथ उसे लेकर किसी उसकी ससुराल पहुंचा।

पट्टी इलाके के डड़वा महोखरी गांव निवासी मिठाईलाल बिंद का बेटा सूरज बिंद (38) मुंबई के अंबरनाथ में पेंटिंग का काम करता था। पत्नी उर्मिला, बेटे चंदन (15) व अभय (9) भी उसके साथ रहते थे। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन में फंसने के कारण उसके सामने रहने और खाने की समस्या खड़ी हो गई। इस बीच सूरज को पीलिया हो गया।

शुक्रवार को मुंबई से एक ट्रक के प्रयागराज जाने की जानकारी मिलने पर उसने पत्नी और बच्चों के साथ घर आने की ठान ली। ट्रक में पहले से चालीस लोग सवार थे। सभी रानीगंज इलाके के रहने वाले थे। सूरज भी परिवार के साथ शुक्रवार भोर में ट्रक में सवार हो गया। करीब 72 घंटे के सफर के बाद सोमवार सुबह ट्रक प्रयागराज के करनाईपुर पहुंचा।

यहां चालक ने सभी को उतार दिया। ट्रक से उतरने के बाद सूरज बेसुध हो गया था। उसकी हालत देखकर पत्नी और बच्चे बिलखने लगे। पास के एक डाक्टर को दिखाया तो उसने जवाब दे दिया।


प्रयागराज में रहने वाला भाई विजय मैजिक डाला से किसी तरह सभी को लेकर सूरज की ससुराल रानीगंज इलाके के फतनपुर थाना क्षेत्र के स्वरूपपुर गांव पहुंचा। तब तक सूरज की मौत हो गई थी। इसकी जानकारी जब उसके घर डंड़वा पहुंची तो परिजनों में कोहराम मच गया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed