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Pratapgarh News: अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 11:03 PM IST
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Interstate online betting racket busted; five arrested
साइबर क्राइम टीम ने अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, फर्जी पासबुक, एटीएम कार्ड व यूनाइटेड किंगडम (यूके) का सिम बरामद हुआ है।
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साइबर ठगी के मुकदमे की विवेचना के दौरान साइबर क्राइम इंस्पेक्टर दिवाकर सिंह यादव और एसआई मो. नदीम खां ने डिजिटल साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर लखनऊ के चिनहट (मल्हौर रेलवे स्टेशन रोड) में एक संदिग्ध ठिकाने पर साथियों के साथ दबिश दी।
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मौके पर पुलिस ने ऑनलाइन सट्टेबाजी गिरोह के पांच लोगों को पकड़ा। इनमें जबलपुर स्थित कटनी माधवनगर निवासी प्रीतम समतानी उर्फ हैरी, गुजरात के सूरत स्थित बारडोली निवासी निशांत हर्षद उर्फ डैडी, मध्य प्रदेश के सतना स्थित सिंधी कलोनी मैहन निवासी संकेत सावलानी उर्फ सिनचैन, रीवा स्थित तरहटी हुजूर निवासी शुभम वाधवानी उर्फ मुन्ना, रीवा के ही बांस मनगवा निवासी अमरजीत साकेत उर्फ सलमान शामिल थे।
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एएसपी पूर्वी आलोक कुमार ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 32 स्मार्टफोन, दो यूके व 46 भारतीय सिम, एक लैपटॉप, आठ फर्जी बैंक पासबुक, सात एटीएम कार्ड के साथ 39,990 नकदी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर जेल भेजा गया।
गुजरात, मध्य प्रदेश में भी ठिकाना
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का सट्टेबाजी का ठिकाना गुजरात और मध्य प्रदेश के साथ कई अन्य राज्यों में चल रहा था। लखनऊ में भी उनका ठिकाना था। यहां से वह फर्जी खातों के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कई जगहों पर ऑनलाइन गेमिंग व धोखाधड़ी का नेटवर्क फैलाया था।

अपराध का तरीका

पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोगों के नाम से बैंक खाता खुलवाकर एटीएम कार्ड प्राप्त करते थे। ऑनलाइन सट्टेबाजी के लिए यूके और भारतीय सिम का प्रयोग करते थे। अलग-अलग शिफ्टों में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के एप और वेबसाइट का संचालन किया जाता था। सट्टेबाजी के रुपये को फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था ताकि मुख्य आरोपियों तक पुलिस न पहुंच सके।
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