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नवंबर-दिसंबर में सिर्फ आठ मुहूर्त और आठ हजार से अधिक शादियां
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लॉकडाउन के चलते अप्रैल और मई माह में निरस्त हुईं शादियों को अब नवंबर और दिसंबर में संपन्न कराने की तैयारी है। वर और कन्या पक्ष के लोग इसके लिए अभी से तैयारियों में जुट गए हैं। दरअसल, नवंबर और दिसंबर माह में शादी के लिए सिर्फ आठ मुहूर्त हैं और तकरीबन आठ हजार शादियां होनी हैं। ऐसे में बैंडबाजा, वाहन, होटल आदि की बुकिंग को लेकर मारामारी हो रही है।
बासंतिक नवरात्र के बाद से ही शादी-विवाह के मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। इस बार अप्रैल व मई माह में ग्रहों का संयोग बहुत ही बढ़िया था। ग्रहों की चाल अच्छी होने से लगभन की भरमार थी। अप्रैल व मई माह में विवाह के 30 से अधिक मुहूर्त थे। जिले में हजारों शादियां तय थीं। वर पक्ष व कन्यापक्ष दोनों शादी की तैयारियों में जुटे थे। मैरिजहाल, बैंडबाजा, वाहन आदि की बुकिंग भी कर ली गई थी। मगर ऐन वक्त पर कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से सारी तैयारियों पर पानी फिर गया। शादी-विवाह आदि के कार्यक्रम में लॉकडाउन की पाबंदियां आड़े आ गईं।
इससे दोनों पक्षों के लोगों ने शादी की तिथि स्थगित कर दी। जिले में हजारों शादियों की तिथि बढ़ा दी गई। नवंबर और दिसंबर माह में नया मुहूर्त तलाशा जाने लगा। मगर मुश्किल यह है कि नवंबर व दिसंबर माह में महज गिनती भर के ही मुहूर्त हैं। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्र ने बताया कि नवंबर व दिसंबर माह में ग्रहों का संयोग मुहूर्त के लिहाज से सटीक नहीं बैठ रहा है। महज 8 मुहूर्त ही इन दोनों माह में अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर, 30 नंबर, 1, 6, 7, 9, 10 और 11 दिसंबर को ही शुभ मुहूर्त है।
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इन मुहूर्तों पर पहले से ही शादियां तय हैं। जबकि अप्रैल व मई माह की स्थगित शादियां भी इन्हीं मुहूर्तों में निर्धारित की गई हैं। एक मोटे अनुमान के मुताबिक इन तिथियों में आठ हजार के करीब शादियां होनी हैं। अब व्यवस्था को लेकर वर और कन्या पक्ष के सामने समस्या खड़ी हो गई है। मैरिजहाल, बैंडबाजा, आतिशबाजी, वाहन आदि की बुकिंग के लिए मारामारी हो रही है। ज्यादातर मैरिजहाल, वाहन और होटल बुक हो चुके हैं। जो नहीं बुक हैं, वह दुगने की डिमांड कर रहे हैं।
शहर के पटखौली निवासी लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि उनके घर में मई में शादी थी, मगर लॉकडाउन के चलते टालनी पड़ी। अब नवंबर व दिसंबर के मुहूर्त में शादी की तिथि निर्धारित करने की कवायद चल रही है, मगर वाहन, बैंडबाजा, मैरिजहाल की दिक्कत आ रही है। बुकिंग को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पड़ाव वार्ड की रहने वाली सरोज मिश्रा ने बताया कि उनकी बेटी शादी मई में थी। लॉकडाउन के चलते टल गई है। अब नवंबर व दिसंबर माह के मुहूर्त में शादी की योजना बनाई जा रही है।
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बासंतिक नवरात्र के बाद से ही शादी-विवाह के मुहूर्त शुरू हो जाते हैं। इस बार अप्रैल व मई माह में ग्रहों का संयोग बहुत ही बढ़िया था। ग्रहों की चाल अच्छी होने से लगभन की भरमार थी। अप्रैल व मई माह में विवाह के 30 से अधिक मुहूर्त थे। जिले में हजारों शादियां तय थीं। वर पक्ष व कन्यापक्ष दोनों शादी की तैयारियों में जुटे थे। मैरिजहाल, बैंडबाजा, वाहन आदि की बुकिंग भी कर ली गई थी। मगर ऐन वक्त पर कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के चलते लॉकडाउन होने से सारी तैयारियों पर पानी फिर गया। शादी-विवाह आदि के कार्यक्रम में लॉकडाउन की पाबंदियां आड़े आ गईं।
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इससे दोनों पक्षों के लोगों ने शादी की तिथि स्थगित कर दी। जिले में हजारों शादियों की तिथि बढ़ा दी गई। नवंबर और दिसंबर माह में नया मुहूर्त तलाशा जाने लगा। मगर मुश्किल यह है कि नवंबर व दिसंबर माह में महज गिनती भर के ही मुहूर्त हैं। ज्योतिषाचार्य पं. आलोक मिश्र ने बताया कि नवंबर व दिसंबर माह में ग्रहों का संयोग मुहूर्त के लिहाज से सटीक नहीं बैठ रहा है। महज 8 मुहूर्त ही इन दोनों माह में अच्छे हैं। उन्होंने बताया कि 27 नवंबर, 30 नंबर, 1, 6, 7, 9, 10 और 11 दिसंबर को ही शुभ मुहूर्त है।
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इन मुहूर्तों पर पहले से ही शादियां तय हैं। जबकि अप्रैल व मई माह की स्थगित शादियां भी इन्हीं मुहूर्तों में निर्धारित की गई हैं। एक मोटे अनुमान के मुताबिक इन तिथियों में आठ हजार के करीब शादियां होनी हैं। अब व्यवस्था को लेकर वर और कन्या पक्ष के सामने समस्या खड़ी हो गई है। मैरिजहाल, बैंडबाजा, आतिशबाजी, वाहन आदि की बुकिंग के लिए मारामारी हो रही है। ज्यादातर मैरिजहाल, वाहन और होटल बुक हो चुके हैं। जो नहीं बुक हैं, वह दुगने की डिमांड कर रहे हैं।
शहर के पटखौली निवासी लक्ष्मण शर्मा ने बताया कि उनके घर में मई में शादी थी, मगर लॉकडाउन के चलते टालनी पड़ी। अब नवंबर व दिसंबर के मुहूर्त में शादी की तिथि निर्धारित करने की कवायद चल रही है, मगर वाहन, बैंडबाजा, मैरिजहाल की दिक्कत आ रही है। बुकिंग को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पड़ाव वार्ड की रहने वाली सरोज मिश्रा ने बताया कि उनकी बेटी शादी मई में थी। लॉकडाउन के चलते टल गई है। अब नवंबर व दिसंबर माह के मुहूर्त में शादी की योजना बनाई जा रही है।