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Pratapgarh News: देश को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम है हिंदी
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हिंदी देशवासियों को एक सूत्र में पिरोने का माध्यम है। यह देश के अधिकांश लोगों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। यह बातें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने शनिवार को शहर के एमडीपीजी कॉलेज में आयोजित हिंदी दिवस समारोह में कहीं।
न्यायमूर्ति ने कहा कि हमारे यहां कहावत है कि कोस -कोस पर बदले पानी, चार कोस पर बानी, इन सबके बावजूद हिंदी एक माध्यम के रूप में सबके लिए सहज एवं सरल है। हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। जिला जज अब्दुल शाहिद ने कहा कि हम सब की कोशिश है की अदालत में बहस एवं आदेश भी ज्यादा से ज्यादा हिंदी में ही हो।
मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो़ ऋषिकांत पांडेय ने अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ़ अरुण कुमार मिश्र की पुस्तक भारतीय संस्कृति में राम एवं विष्णु दत्त मिश्र द्वारा रचित काव्योपवन का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। अध्यक्षता प्रमन मिश्र एवं संचालन प्रो़ रमेश चंद्र शुक्ल ने किया। जनपद हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री आनंद कुमार पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य प्रो़ अरविंद मिश्र एवं अध्यक्ष प्रमन मिश्र ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। डीएम संजीव रंजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना तिवारी, पुलिस अधीक्षक डॉ़ अनिल कुमार मौजूद रहे। महाविद्यालय के शिक्षक रहे प्रो अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रो़ अमिता मिश्रा, गीता शुक्ला व पट्टी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के प्राचार्य प्रो़ अखिलेश पांडेय को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
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परियावां स्थित दिव्य ज्योति सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर अवधेशपुरम् (ऐंठू) में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्थान अध्यक्ष डाॅ़ रणजीत सिंह ने कहा कि 1949 को देश की संविधान सभा ने सर्वसम्मति से हिंदी को राजभाषा के रूप में अपनाया। विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिता हुई। 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. नवीन सिंह, महेंद्र प्रताप व प्रदीप सिंह मौजूद रहे।
हिंदी दिवस पर हुआ दीक्षारंभ समारोह
बीरापुर। रानीगंज तहसील क्षेत्र के स्वामी कृपा श्री जी महाराज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर प्राचार्य प्रो़ विजय कुमार मिश्र ने कहा शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थी के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालकर उसे सुंदर व्यक्तित्व का आकार देना मात्र है। संयोजिका डाॅ़ कंचन व मुख्यशास्ता डॉ.अंशुमान सिंह, डाॅ़ संजय कुमार, डाॅ. नीलिमा सिंहाव डाॅ. गंगाराम ने छात्र छात्राओं को संबोधित किया।
हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
प्रतापगढ़। सृजना साहित्यिक संस्था हिंदी दिवस पर शारदा संगीत महाविद्यालय में संगोष्ठी हुई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ़. दयाराम मौर्य की। मुख्य अतिथि आनंद मोहन ओझा अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्राचार्य बीना श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, दीपक श्रीवास्तव, शेफाली सोनी, ऋतुराज सरोज, मौजूद रहे। संवाद
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न्यायमूर्ति ने कहा कि हमारे यहां कहावत है कि कोस -कोस पर बदले पानी, चार कोस पर बानी, इन सबके बावजूद हिंदी एक माध्यम के रूप में सबके लिए सहज एवं सरल है। हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी भाषा है। जिला जज अब्दुल शाहिद ने कहा कि हम सब की कोशिश है की अदालत में बहस एवं आदेश भी ज्यादा से ज्यादा हिंदी में ही हो।
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मुख्य वक्ता इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष प्रो़ ऋषिकांत पांडेय ने अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ़ अरुण कुमार मिश्र की पुस्तक भारतीय संस्कृति में राम एवं विष्णु दत्त मिश्र द्वारा रचित काव्योपवन का लोकार्पण अतिथियों द्वारा किया गया। अध्यक्षता प्रमन मिश्र एवं संचालन प्रो़ रमेश चंद्र शुक्ल ने किया। जनपद हिंदी साहित्य सम्मेलन के प्रधानमंत्री आनंद कुमार पांडेय ने अतिथियों का स्वागत किया। प्राचार्य प्रो़ अरविंद मिश्र एवं अध्यक्ष प्रमन मिश्र ने अतिथियों को अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। डीएम संजीव रंजन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना तिवारी, पुलिस अधीक्षक डॉ़ अनिल कुमार मौजूद रहे। महाविद्यालय के शिक्षक रहे प्रो अरुण कुमार श्रीवास्तव, प्रो़ अमिता मिश्रा, गीता शुक्ला व पट्टी पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज के प्राचार्य प्रो़ अखिलेश पांडेय को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया।
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परियावां स्थित दिव्य ज्योति सेवा संस्थान के तत्वावधान में शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर अवधेशपुरम् (ऐंठू) में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। संस्थान अध्यक्ष डाॅ़ रणजीत सिंह ने कहा कि 1949 को देश की संविधान सभा ने सर्वसम्मति से हिंदी को राजभाषा के रूप में अपनाया। विद्यार्थियों की विभिन्न प्रतियोगिता हुई। 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डाॅ. नवीन सिंह, महेंद्र प्रताप व प्रदीप सिंह मौजूद रहे।
हिंदी दिवस पर हुआ दीक्षारंभ समारोह
बीरापुर। रानीगंज तहसील क्षेत्र के स्वामी कृपा श्री जी महाराज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर प्राचार्य प्रो़ विजय कुमार मिश्र ने कहा शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थी के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालकर उसे सुंदर व्यक्तित्व का आकार देना मात्र है। संयोजिका डाॅ़ कंचन व मुख्यशास्ता डॉ.अंशुमान सिंह, डाॅ़ संजय कुमार, डाॅ. नीलिमा सिंहाव डाॅ. गंगाराम ने छात्र छात्राओं को संबोधित किया।
हिंदी दिवस पर संगोष्ठी का हुआ आयोजन
प्रतापगढ़। सृजना साहित्यिक संस्था हिंदी दिवस पर शारदा संगीत महाविद्यालय में संगोष्ठी हुई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ़. दयाराम मौर्य की। मुख्य अतिथि आनंद मोहन ओझा अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर प्राचार्य बीना श्रीवास्तव, अशोक तिवारी, दीपक श्रीवास्तव, शेफाली सोनी, ऋतुराज सरोज, मौजूद रहे। संवाद