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जेल में बनेगी हाईसिक्योरिटी व अतिरिक्त बैरक: एडीजी जेल
Thu, 14 Dec 2023 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 14 Dec 2023 02:48 AM IST
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महानिरीक्षक कारागार एसएन साबत ने बुधवार को अफसरों संग जेल का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं देखी। पुस्तकालय तथा कौशल विकास के प्रशिक्षण की खराब व्यवस्था देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही कारागार में क्षमता से अधिक बंदियों को रखे जाने पर हाईसिक्योरिटी व अतिरिक्त बैरक का निर्माण कराने के लिए जेल अधीक्षक से प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया।
जेल पहुंचे एडीजी ने जिलाधिकारी संजीव रंजन तथा पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के साथ बंदियों की समस्याओं को सुना। कारागार स्थित महिला बैरक, पाकशाला, जेल अस्पताल, सीसीटीवी कैमरा, बैरक 1 एवं 2, लीगल एंड क्लीनिक एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग रूम, पुस्तकालय सहित जेल परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। कहा-बंदियों को ठंड से बचाने का प्रबंध किया जाए।
एडीजी ने महिला बैरक में प्रशिक्षण की सुविधा न मिलने पर सिलाई मशीन उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं के प्रशिक्षण एवं पढ़ाई के काम को सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बंदियों के कौशल विकास के लिए जिला कारागार में फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम पर नाराज एडीजी ने कहा, बंदियों को कौशल विकास के लिए विभिन्न ट्रेडों की आवश्यकता है, जिससे वे प्रशिक्षण प्राप्त कर कुछ कार्य कर सके।
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पुस्तकालय की स्थिति ठीक न मिलने पर उन्होंने जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे को ऐसी लाइब्रेरी बनाने को कहा, जिसमें प्रत्येक क्लास की दो व तीन सेट की पुस्तकें उपलब्ध रहें। महिला बंदियों के बच्चों को खाने की सामग्री एवं कपड़े भी दिए। कारागार में निरुद्ध 18 वर्ष से कम आयु के बंदियों से मिलकर उनके अपराध एवं उनकी आयु के संबंध में जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक से उनके प्रकरण को दिखवाने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान जेल में आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद नहीं हुई। अफसरों के निरीक्षण के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
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जेल पहुंचे एडीजी ने जिलाधिकारी संजीव रंजन तथा पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के साथ बंदियों की समस्याओं को सुना। कारागार स्थित महिला बैरक, पाकशाला, जेल अस्पताल, सीसीटीवी कैमरा, बैरक 1 एवं 2, लीगल एंड क्लीनिक एवं वीडियो कान्फ्रेंसिंग रूम, पुस्तकालय सहित जेल परिसर की साफ-सफाई का निरीक्षण किया। कहा-बंदियों को ठंड से बचाने का प्रबंध किया जाए।
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एडीजी ने महिला बैरक में प्रशिक्षण की सुविधा न मिलने पर सिलाई मशीन उपलब्ध कराने और प्रशिक्षण दिलाने का निर्देश भी दिया। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को महिलाओं के प्रशिक्षण एवं पढ़ाई के काम को सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बंदियों के कौशल विकास के लिए जिला कारागार में फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं इलेक्ट्रीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम पर नाराज एडीजी ने कहा, बंदियों को कौशल विकास के लिए विभिन्न ट्रेडों की आवश्यकता है, जिससे वे प्रशिक्षण प्राप्त कर कुछ कार्य कर सके।
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पुस्तकालय की स्थिति ठीक न मिलने पर उन्होंने जेल अधीक्षक रमाकांत दोहरे को ऐसी लाइब्रेरी बनाने को कहा, जिसमें प्रत्येक क्लास की दो व तीन सेट की पुस्तकें उपलब्ध रहें। महिला बंदियों के बच्चों को खाने की सामग्री एवं कपड़े भी दिए। कारागार में निरुद्ध 18 वर्ष से कम आयु के बंदियों से मिलकर उनके अपराध एवं उनकी आयु के संबंध में जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधीक्षक से उनके प्रकरण को दिखवाने के लिए कहा। निरीक्षण के दौरान जेल में आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद नहीं हुई। अफसरों के निरीक्षण के बाद जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।