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जो राष्ट्रभक्त होंगे, वह गाएंगे वंदे मातरम् : रामनाईक
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 08 Apr 2016 12:10 AM IST
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प्रतापगढ़ पहुंचे राज्यपाल ने रखी राय
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प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक ने कहा है कि जो व्यक्ति सच्चा राष्ट्रभक्त होगा, वह वंदे मातरम् गाएगा। उन्होंने कहा कि संसद सत्र प्रारंभ होने पर राष्ट्रगान और समापन पर वंदे मातरम् का गान किया जाता है। ऐसे में किसी को इसका विरोध नहीं करना चाहिए। राज्यपाल इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने ‘भारत माता की जय’ का विरोध करने वालों पर इशारों ही इशारों में हमला बोला। कहा, कोयल गीत गाती है, कौवे कांव-कांव करते हैं, लेकिन लोग कोयल के गीत ही सुनते हैं।
रामनाईक जिले के तुलसी सदन हादीहाल में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले आयोजित नववर्ष महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने आए थे। उन्होंने कहा कि देश का संविधान 1950 में लागू हुआ, मगर इसके बाद भी राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को उचित सम्मान नहीं मिला। 1992 में लोकसभा में उन्होेंने यह मुद्दा उठाया तो उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। सभी सांसदों की सहमति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि सत्र के प्रारंभ होने पर राष्ट्रगान और समापन के समय वंदे मातरम् का गान किया जाएगा। तब से अब तक ऐसा ही होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च पंचायत ने जब राष्ट्रगान और वंदे मातरम गान की स्वीकृति दे दी तो देश के प्रत्येक नागरिकों का यह कर्तव्य बनता है कि वे भारत माता की जय बोलें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोग स्वतंत्र हैं, जो भारत माता की जय नहीं बोलना चाहता है, उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। विधानसभा में कैबिनेट मंत्री आजम खां की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने उनके व्याखान की प्रतियों का अध्ययन किया है। इसमें 20 शब्द गलत प्रयोग किए गए हैं। इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भी दी गई है।
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रामनाईक जिले के तुलसी सदन हादीहाल में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले आयोजित नववर्ष महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने आए थे। उन्होंने कहा कि देश का संविधान 1950 में लागू हुआ, मगर इसके बाद भी राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को उचित सम्मान नहीं मिला। 1992 में लोकसभा में उन्होेंने यह मुद्दा उठाया तो उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। सभी सांसदों की सहमति से यह प्रस्ताव पास किया गया कि सत्र के प्रारंभ होने पर राष्ट्रगान और समापन के समय वंदे मातरम् का गान किया जाएगा। तब से अब तक ऐसा ही होता आ रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वोच्च पंचायत ने जब राष्ट्रगान और वंदे मातरम गान की स्वीकृति दे दी तो देश के प्रत्येक नागरिकों का यह कर्तव्य बनता है कि वे भारत माता की जय बोलें। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि देश के लोग स्वतंत्र हैं, जो भारत माता की जय नहीं बोलना चाहता है, उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। विधानसभा में कैबिनेट मंत्री आजम खां की ओर से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने उनके व्याखान की प्रतियों का अध्ययन किया है। इसमें 20 शब्द गलत प्रयोग किए गए हैं। इसकी जानकारी विधानसभा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री को भी दी गई है।
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