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शौचालय निर्माण में 18 लाख 73 हजार की बंदरबांट
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froud
शौचालय निर्माण में 18 लाख 73 हजार की बंदरबांट
ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी समेत तीन पर केस
डीपीआरओ के निर्देश पर हुई कार्रवाई से हड़कंप
सड़वा चंद्रिका ब्लाक के लखरांव ग्राम पंचायत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज/घुइसरनाथधाम। सड़वाचंद्रिका ब्लाक की लखरांव ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर प्रधान और सचिव ने मिलकर साढ़े 18 लाख रुपये हजम कर लिए। जांच में मामला सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी धन के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीपीआरओ के निर्देश पर की गई कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
सड़वा चंद्रिका विकास खंड के लखरांव में स्वच्छ भारत अभियान के तहत 326 शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम सभा के खाते में 33 लाख 10 हजार रुपये कोठा नेवढ़िया की बैंक आफ बड़ौदा शाखा में भेजे गए थे। शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायत पर डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने सड़वा चंद्रिका के एडीओ पंचायत दयाराम सरोज से जांच कराई तो बड़ा घपला सामने आया। लखरांव गांव में 67 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही आठ लाख तिहत्तर हजार रुपये ग्राम प्रधान संजय यादव ने सचिव के हस्ताक्षर के बिना ही बैंक में मिलीभगत कर निकाल लिए। यहां 259 शौचालयों के निर्माण में 10 लाख रुपये के दुरुपयोग की मामला उजागर हो गया। जांच में सामने आया कि शौचालय मानक के अनुसार नहीं बनाए गए। कई शौचालयों का निमार्ण पूर्ण हुए बिना ही उसका पैसा प्रधान संजय यादव द्वारा निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान द्वारा फर्जीवाड़ा कर 18 लाख तिहत्तर हजार सरकारी धन हड़पने की जानकारी मिली तो जिला प्रशासन के होश उड़ गए। एडीओ की जांच के दौरान सांसत में पड़े ग्राम प्रधान संजय यादव द्वारा 8 लाख 73 हजार रुपये वापस बैंक खाते में जमा करा दिए गए। शाखा प्रबंधक ने धन आहरण के लिए भी प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए एडीओ को लिखित दिया है। उधर जांच में यह भी सामने आया कि 18.73 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग में तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह (अब सेवानिवृत्त) व ग्राम पंचायत अधिकारी हरिशंकर पटेल (वर्तमान में मानधाता में तैनाती) की भूमिका भी संदिग्ध है। साफ है कि तत्कालीन दोनों कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ग्राम प्रधान ने लाखों रुपये के सरकारी धन का बंदरबांट किया है। डीपीआरओ को भेजी गई जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों को सरकारी धन के दुरुपयोग करने का जिम्मेदार ठहराया गया है। डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत दयाराम सरोज की तहरीर पर ग्राम प्रधान संजय यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी हरिशंकर पटेल व सेवानिवृत्त कर्मचारी कृष्ण कुमार सिंह के खिलाफ रविवार को सांगीपुर थाने धोखाधड़ी व सरकारी धन के दुरुपयोग करने का मुकदमा दर्ज किया गया। एसओ ने बताया कि एडीओ की तहरीर पर प्रधान समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी समेत तीन पर केस
डीपीआरओ के निर्देश पर हुई कार्रवाई से हड़कंप
सड़वा चंद्रिका ब्लाक के लखरांव ग्राम पंचायत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
लालगंज/घुइसरनाथधाम। सड़वाचंद्रिका ब्लाक की लखरांव ग्राम पंचायत में शौचालय निर्माण के नाम पर प्रधान और सचिव ने मिलकर साढ़े 18 लाख रुपये हजम कर लिए। जांच में मामला सही पाए जाने पर ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी व सरकारी धन के गबन के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। डीपीआरओ के निर्देश पर की गई कार्रवाई से हड़कंप मच गया है।
सड़वा चंद्रिका विकास खंड के लखरांव में स्वच्छ भारत अभियान के तहत 326 शौचालयों के निर्माण के लिए ग्राम सभा के खाते में 33 लाख 10 हजार रुपये कोठा नेवढ़िया की बैंक आफ बड़ौदा शाखा में भेजे गए थे। शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायत पर डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने सड़वा चंद्रिका के एडीओ पंचायत दयाराम सरोज से जांच कराई तो बड़ा घपला सामने आया। लखरांव गांव में 67 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही आठ लाख तिहत्तर हजार रुपये ग्राम प्रधान संजय यादव ने सचिव के हस्ताक्षर के बिना ही बैंक में मिलीभगत कर निकाल लिए। यहां 259 शौचालयों के निर्माण में 10 लाख रुपये के दुरुपयोग की मामला उजागर हो गया। जांच में सामने आया कि शौचालय मानक के अनुसार नहीं बनाए गए। कई शौचालयों का निमार्ण पूर्ण हुए बिना ही उसका पैसा प्रधान संजय यादव द्वारा निकाल लिया गया। ग्राम प्रधान द्वारा फर्जीवाड़ा कर 18 लाख तिहत्तर हजार सरकारी धन हड़पने की जानकारी मिली तो जिला प्रशासन के होश उड़ गए। एडीओ की जांच के दौरान सांसत में पड़े ग्राम प्रधान संजय यादव द्वारा 8 लाख 73 हजार रुपये वापस बैंक खाते में जमा करा दिए गए। शाखा प्रबंधक ने धन आहरण के लिए भी प्रधान को जिम्मेदार ठहराते हुए एडीओ को लिखित दिया है। उधर जांच में यह भी सामने आया कि 18.73 लाख रुपये के सरकारी धन के दुरुपयोग में तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह (अब सेवानिवृत्त) व ग्राम पंचायत अधिकारी हरिशंकर पटेल (वर्तमान में मानधाता में तैनाती) की भूमिका भी संदिग्ध है। साफ है कि तत्कालीन दोनों कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ग्राम प्रधान ने लाखों रुपये के सरकारी धन का बंदरबांट किया है। डीपीआरओ को भेजी गई जांच रिपोर्ट में ग्राम प्रधान व तत्कालीन ग्राम पंचायत अधिकारियों को सरकारी धन के दुरुपयोग करने का जिम्मेदार ठहराया गया है। डीपीआरओ के निर्देश पर एडीओ पंचायत दयाराम सरोज की तहरीर पर ग्राम प्रधान संजय यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी हरिशंकर पटेल व सेवानिवृत्त कर्मचारी कृष्ण कुमार सिंह के खिलाफ रविवार को सांगीपुर थाने धोखाधड़ी व सरकारी धन के दुरुपयोग करने का मुकदमा दर्ज किया गया। एसओ ने बताया कि एडीओ की तहरीर पर प्रधान समेत तीन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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