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सोशल डिस्टेंसिंग के बीच मातमी माहौल में दफन किए गए ताजिए

Sat, 21 Aug 2021 03:48 PM IST
इलाहाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़ Published by: इलाहाबाद ब्यूरो Updated Sat, 21 Aug 2021 03:48 PM IST
सार

कोरोना गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए जुलूस-ए-हुसैनिया कमेटी ने शुक्रवार को मोहर्रम पर जुलूस नहीं निकाला। अकीदतमंदों ने केवल सांकेतिक रूप से पर्व मनाया।

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Freshmen buried in mournful atmosphere amid social distancing
अजीतनगर से मोहर्रम के दसवीं पर निकला अलम का जुलूस। संवाद - फोटो : PRATAPGARH

विस्तार

मोहर्रम पर अंजुमनों की ओर से शुक्रवार को कोविड नियमों के बीच साधारण ढंग से जुलूस निकाला गया। मातमी माहौल में शहादत का ताजिया और अलम के फूल करबला शरीफ में कोरोना गाइड लाइन के अनुसार दफन किए गए। शहर से गांव तक चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात रही।
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कोरोना गाइड लाइन को ध्यान में रखते हुए जुलूस-ए-हुसैनिया कमेटी ने शुक्रवार को मोहर्रम पर जुलूस नहीं निकाला। अकीदतमंदों ने केवल सांकेतिक रूप से पर्व मनाया। शाम को कमेटियों की ओर से ताजियों को करबला ले जाया गया। इस दौरान ताजिये के साथ सोशल डिस्टेसिंग के नियमों का पालन करते हुए सिर्फ तीन लोग ही रहे। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष आबिद रजा हसमती ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत से हमें यह सीख मिलती है कि कभी जुल्म और ज्यादती के आगे झुकना नहीं चाहिए। करबला में बहादुरी दिखाते हुए वह शहीद हो गए।
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उन्होंने दुनिया को नेकी व हिम्मत का पैगाम दिया। इस मौके पर हजरत इमाम हुसैन की याद में लोगों में सूखा लंगर भी बांटा गया। चिलबिला के पास करबला शरीफ में लोग कम संख्या में ही गए। बाकी लोगों ने घर पर हुसैन को मातमी माहौल में याद किया। इस मौके पर मुनव्वर हसन, आबिद रजा, कारी अख्तर रजा अंसारी, सफीक बाबा अजमेरी ने भाईचारे का संदेश दिया।
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लोगों को मॉस्क और सैनिटाइजर वितरित किए गए। इस मौके पर अंजुमन आशिकाने रसूल के इरशाद सिद्दीकी, मुख्तार राइन, गुलाम रजा, मोहम्मद अकरम, मोहम्मद अफजल सिद्दीकी, मोहम्मद इरशाद पठान, मरियम इस्लाम मेमोरियल ट्रस्ट के प्रबंधक बाबा हुसैन मोहम्मद, इमरान, मोहम्मद शानू, अब्दुल जब्बार, मोहम्मद सहाब आदि लोग मौजूद रहे।


सड़कों पर तैनात रही पुलिस
मोहर्रम को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। शासन की गाइडलाइन थी कि इस बार ताजिये के जुलूस सड़कों पर नहीं निकाले जाएंगे। पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए एसपी सतपाल अंतिल ने भारी फोर्स की तैनाती की थी। ताजिया दफन कराने में दो अपर पुलिस अधीक्षक, छह सीओ, 20 थानाध्यक्ष, आठ इंस्पेक्टर, 120 दारोगा, 546 सिपाही, 75 महिला सिपाही, 110 होमगार्ड, 60 पीआरडी, 80 चौकीदार तथा डेढ़ कंपनी पीएसी की तैनाती की गई थी।

रखहा बाजार से मोहर्रम के मौके पर निकला ताजिया का जुलूस। संवाद

रखहा बाजार से मोहर्रम के मौके पर निकला ताजिया का जुलूस। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

 

पुराना माल गोदाम रोड पर ताजिया रखकर फातिहा पढ़ते लोग। संवाद

पुराना माल गोदाम रोड पर ताजिया रखकर फातिहा पढ़ते लोग। संवाद- फोटो : PRATAPGARH

 

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