{"_id":"61954c5c33feda222c16bce3","slug":"eow-will-investigate-fertilizer-embezzlement-of-2-5-crore-rupees-in-pratapgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रतापगढ़ : ईओडब्ल्यू करेगी ढाई करोड़ रुपये खाद गबन की जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रतापगढ़ : ईओडब्ल्यू करेगी ढाई करोड़ रुपये खाद गबन की जांच
Thu, 18 Nov 2021 12:09 AM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:09 AM IST
सार
पीसीएफ के एमडी की मांग पर मिली मंजूरी, आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस की टीम गठित। 1055 मीट्रिक टन डीएपी बेचकर फरार चल रहा गोदाम प्रभारी।
विज्ञापन
जांच-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले के तीन गोदामों से ढाई करोड़ रुपये की 1055 मीट्रिक टन डीएपी खाद बेचने की जांच आर्थिक अपराध शाखा(ईओडब्ल्यू) की टीम करेगी। पीसीएफ के एमडी की मांग पर अधिकारियों ने जांच करने की संस्तुति दी है। दूसरी ओर कोतवाली पुलिस आरोपी गोदाम प्रभारी को पकड़ने के लिए टीम गठित की है। इसके अलावा समितियों पर उर्वरक पहुंचाने वाले ठेकेदार पर भी शिकंजा कस सकता है।
विज्ञापन
जिले के तीन गोदामों से तीन दिन के भीतर 1055 मीट्रिक टन डीएपी गबन करने का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी डा. नितिन बंसल के निर्देश पर नगर कोतवाली में पीसीएफ प्रबंधक की तहरीर पर गोदाम प्रभारी संतोष पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। डीएपी के लिए किसान समितियों पर चक्कर काट रहे थे। मुकदमा दर्ज करने के बाद इफ्को से भेजे गए उर्वरक की छानबीन में गोदाम पर एक भी बोरी डीएपी नहीं मिली। जबकि दो गोदामों पर यूरिया मिली। जिसकी गिनती नहीं कराई जा सकी।
विज्ञापन
सूत्रों के अनुसार ढाई करोड़ रुपये के डीएपी गबन के मामले में बुधवार को पीसीएफ के एमडी ने प्रदेश के डीजीपी से प्रकरण की जांच कर कार्रवाई के लिए पत्र भेजा। जिसे संज्ञान में लेने के बाद मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा के हवाले कर दी गई है। जल्द ही आईओडब्ल्यू की टीम जांच करने आएगी। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि निलंबित गोदाम प्रभारी की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो टीमें गठित की गई हैं। विभाग से मुकदमे से संबंधित अभिलेख मांगे गए हैं।
विज्ञापन