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रोजगार के नाम पर बेरोजगारों से लूट
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 12 Sep 2015 01:20 AM IST
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बेरोजगारी के इस दौर में रोजगार की चाहत रखने वाले युवाओं को प्राइवेट
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कंपनियां छल रही हैं। रोजगार कार्यालय में कैंप लगाकर बेरोजगारों से वसूली
कर रही हैं। सेवायोजन अधिकारी अपना कोरम पूरा करने में जुटे हैं।
सेवायोजन कार्यालय में इन दिनों एक कंपनी ने कैंप लगा रखा है। बेरोजगार युवा रोजगार की चाहत में इस कैंप में पहुंच रहे हैं। यहां सौ रुपये शुल्क लेकर उन्हें परीक्षा फार्म दिया जा रहा है। इसके बाद उनकी परीक्षा ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो कंपनी की ओर से उन्हें उत्तर पुस्तिका भी दी जा रही है। फिर चयनित युवाओं से प्रशिक्षण के नाम पर पंद्रह सौ रुपये लिए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी सुनील यादव की मानें तो सेलेक्ट युवाओं से पैसा लेकर एक माह प्रशिक्षण कराया जाएगा। 12 घंटे तक उनसे काम लिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें रहने और खाने की व्यवस्था खुद करनी होगी। प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती की जाएगी। चार माह बाद उनका टीडीएस कटेगा और डेढ़ वर्ष बाद उन्हें एक वर्ष में 15 दिन की छुट्टी दी जाएगी। वसूली के नाम पर उन्होंने कहा कि जिसके पास पैसा हो वह यह नौकरी करने के लिए आए। पैसा नहीं है तो कोई दबाव नहीं है। कंपनी की शर्तों तो पूरा करना ही होगा।
प्राइवेट संस्थान है। उनकी शर्त है। इसमें मैं कोई इंटरफेयर नहीं कर सकता। हलांकि यह जरूर है कि नौकरी न मिलने की शिकायत मेरे पास आई तो फिर इस कार्यालय में कैंप नहीं लगाने दिया जाएगा।
मदमबीर कृष्ण, सेवायोजन अधिकारी
सेवायोजन कार्यालय में इन दिनों एक कंपनी ने कैंप लगा रखा है। बेरोजगार युवा रोजगार की चाहत में इस कैंप में पहुंच रहे हैं। यहां सौ रुपये शुल्क लेकर उन्हें परीक्षा फार्म दिया जा रहा है। इसके बाद उनकी परीक्षा ली जा रही है। सूत्रों की मानें तो कंपनी की ओर से उन्हें उत्तर पुस्तिका भी दी जा रही है। फिर चयनित युवाओं से प्रशिक्षण के नाम पर पंद्रह सौ रुपये लिए जा रहे हैं। भर्ती अधिकारी सुनील यादव की मानें तो सेलेक्ट युवाओं से पैसा लेकर एक माह प्रशिक्षण कराया जाएगा। 12 घंटे तक उनसे काम लिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान उन्हें रहने और खाने की व्यवस्था खुद करनी होगी। प्रशिक्षण के बाद उनकी तैनाती की जाएगी। चार माह बाद उनका टीडीएस कटेगा और डेढ़ वर्ष बाद उन्हें एक वर्ष में 15 दिन की छुट्टी दी जाएगी। वसूली के नाम पर उन्होंने कहा कि जिसके पास पैसा हो वह यह नौकरी करने के लिए आए। पैसा नहीं है तो कोई दबाव नहीं है। कंपनी की शर्तों तो पूरा करना ही होगा।
प्राइवेट संस्थान है। उनकी शर्त है। इसमें मैं कोई इंटरफेयर नहीं कर सकता। हलांकि यह जरूर है कि नौकरी न मिलने की शिकायत मेरे पास आई तो फिर इस कार्यालय में कैंप नहीं लगाने दिया जाएगा।
मदमबीर कृष्ण, सेवायोजन अधिकारी