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कर्मचारियों, शिक्षकों ने पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए भरी हुंकार 

Thu, 07 Feb 2019 12:47 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़ Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 07 Feb 2019 12:47 AM IST
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Employees, teachers filled up to restore old pension
पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए भरी हुंकार - फोटो : प्रतापगढ़
 
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पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों और शिक्षकों को आंदोलन पूरी तरह सफल रहा। विकास भवन, पीडब्लूडी, एआरटीओ, आईटीआई, बीएसए, सीएमओ, वन विभाग और ट्रेजरी कार्यालयों में तालाबंदी कर बाहर धरना-प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों ने चेताया कि सरकार चाहे जो कार्रवाई करें, वह डरने वाले नहीं हैं। कर्मचारियों ने कहा कि उनकी मांग सिर्फ पुरानी पेंशन की बहाली है और उसे लेकर ही रहेंगे।  

सरकार के हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी जिले के कर्मचारियों और शिक्षकों ने बुधवार से 12 फरवरी तक कार्य बहिष्कार और तालाबंदी कर आंदोलन किया। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारी और शिक्षक नेताओं ने विकास भवन, पीडब्लूडी, एआरटीओ, आईटीआई, बीएसए, सीएमओ, वन विभाग और ट्रेजरी कार्यालयों में ताला जड़ दिया। कार्यालय के  बाहर प्रदर्शन कर सरकार को खुली चुनौती दी कि जो कार्रवाई करनी है करें, मगर आंदोलन ठप होने वाला नहीं है।
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कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले एकजुट हुए कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन के लिए गगनभेदी नारे लगाए। विकास भवन में हुए प्रदर्शन में सहसंयोजक रमाशंकर तिवारी ने कहा कि आंदोलनरत कर्मचारियों और शिक्षकों की सिर्फ एक मांग है पुरानी पेंशन की बहाली। उन्होंने कहा कि पांच साल के लिए चुने जाने वाले सांसद और विधायकों के पेंशन पर रोक नहीं लगाई गई है, जबकि चालीस साल सेवा करने वाले कर्मचारियों की पेंशन बंद कर दी गई है।
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जिला संयोजक राजेश मोहन मिश्र ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों और शिक्षकों का हक है, और इसे हम लेकर ही रहेंगे। कर्मचारी नेताओं ने कहा है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती है, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोगों में राजेंद्र कुमार यादव, मनोकानिका उपाध्याय, अतुल यादव, अशोक शुक्ला, अनिल कुमार सिंह, मंजीत सिंह, विनय सिंह, सुरेश चंद्र पांडेय, फतेह बहादुर सिंह, प्रभाशंकर पांडेय, सुदीप पांडेय, ललित मिश्र आदि मौजूद रहे।  

लखनऊ की बैठक पर टिकी है नजर  
जिले में आंदोलन पर रहनेे वाले कर्मचारियों और शिक्षकों की नजरें लखनऊ में शीर्ष अधिकारियों और नेताओं के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी रही। धरना-प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों और शिक्षक वार्ता पर पल-पल पर खबर लेते रहे। कर्मचारी नेेताओं का मानना है कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर ही गुरुवार को आंदोलन निर्भर करेगा।  

परिषदीय स्कूलों में लटकता रहा ताला  
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों के हड़ताल  में शामिल होने से अधिकांश विद्यालयों में बुधवार को ताला लटकता रहा। बीआरसी केंद्रों पर मीटिंग करके शिक्षकों ने चेताया है कि अगर पुरानी पेंशन बहाल नहीं होती है, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।  


प्रतिबंध के बावजूद नहीं हुई कोई पहल  
हड़ताल पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद बुधवार को कार्यालयों में तालाबंदी कर कार्य बहिष्कार किया गया। इसके बावजूद अधिकारी कर्मचारियों के प्रदर्शन पर चुप्पी साधे रहे। आलम यह रहा कि कर्मचारियों के  तालाबंदी के चलते अफसर भी कार्यालय नहीं पहुंचे। इससे फरियादियों को निराश होना पड़ा।
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