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निजीकरण ,पुराने श्रम कानूनों को बहाल करने की मांग को लेकर गरजे कर्मचारी
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प्रतापगढ़। बैंकों के निजीकरण और नए श्रम कानूनों के विरोध में ट्रेड यूनियनों के बंद के आह्वान पर अधिकांश बैंक शाखाओं में ताला लटकता रहा। यूनियन ऑल इंडिया, बैंक इंप्लायज एसोसिएशन, बैंक इंप्लाइज फेडरेशन आफ इंडिया , आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को दूसरे लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। इससे करोड़ों रुपये का भुगतान अटक गया।
राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने, नए श्रम कानूनों को समाप्त कर, पुराने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर बैंक, एलआईसी, बिजली और डाक विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मंगलवार को बैैंककर्मियों ने बैंक ऑफ इं डिया के सामने एकत्रित होकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। दो दिन से बैंकों के बंद होने से करोड़ों रुपये का कारोबार ठप रहा।
बाबागंज स्थित पीएनबी के सामने हुई जनसभा को संबोधित करते हुए यूपीबीईयू के मंत्री नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि सरकारी बैंकों का निजीकरण करने से न केवल बैंक कर्मचारी प्रभावित होंगे, बल्कि समूचे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। ग्राहकों को भी इसके दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की जमापूंजी पर राष्ट्र के कुछ औद्योगिक घरानों का कब्जा हो जाएगा। नए श्रम कानूनों को कर्मचारियों के लिए घातक बताते हुए पुराने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की गई । उप्र बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सच्चिदानंद पांडेय ने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की संख्या प्रतिदिन घट रही है। नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है।
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इस अवसर पर सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, सुरेंद्र कुमार सिंह,हेमंत नंदन ओझा, श्याम शंकर दूबे, देवेंद्र कुमार मौर्या, अमरजीत, जितेंद्र कुमार सिंह, दामोदर प्रसाद तिवारी, रामदेव अनिल, केदारनाथ यादव,अभिषेक सहाय, शिवेश मिश्रा, अश्विनी कुमार आदि मौजूद रहे। मीराभवन स्थित बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक, एलआईसी, डाकघर के कर्मचारी भी हड़ताल रहे।
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राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण करने, नए श्रम कानूनों को समाप्त कर, पुराने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग सहित अन्य मांगों को लेकर बैंक, एलआईसी, बिजली और डाक विभाग के कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। मंगलवार को बैैंककर्मियों ने बैंक ऑफ इं डिया के सामने एकत्रित होकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। दो दिन से बैंकों के बंद होने से करोड़ों रुपये का कारोबार ठप रहा।
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बाबागंज स्थित पीएनबी के सामने हुई जनसभा को संबोधित करते हुए यूपीबीईयू के मंत्री नारेंद्र प्रसाद मिश्र ने कहा कि सरकारी बैंकों का निजीकरण करने से न केवल बैंक कर्मचारी प्रभावित होंगे, बल्कि समूचे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। ग्राहकों को भी इसके दुष्परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जनता की जमापूंजी पर राष्ट्र के कुछ औद्योगिक घरानों का कब्जा हो जाएगा। नए श्रम कानूनों को कर्मचारियों के लिए घातक बताते हुए पुराने श्रम कानूनों को लागू करने की मांग की गई । उप्र बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष सच्चिदानंद पांडेय ने कहा कि बैंकों में कर्मचारियों की संख्या प्रतिदिन घट रही है। नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो रही है।
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इस अवसर पर सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, दिनेश कुमार, सुरेंद्र कुमार सिंह,हेमंत नंदन ओझा, श्याम शंकर दूबे, देवेंद्र कुमार मौर्या, अमरजीत, जितेंद्र कुमार सिंह, दामोदर प्रसाद तिवारी, रामदेव अनिल, केदारनाथ यादव,अभिषेक सहाय, शिवेश मिश्रा, अश्विनी कुमार आदि मौजूद रहे। मीराभवन स्थित बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक, एलआईसी, डाकघर के कर्मचारी भी हड़ताल रहे।