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तूफान के बाद सैकड़ों गांव में छाया अंधेरा दूर नहीं कर सका विभाग
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:19 AM IST
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गत 27 मई को आए तेज तूफान में धराशायी हुए बिजली के खंभों से सैकड़ों गांवों में छाया अंधेरा बिजली विभाग अभी भी दूर नहीं कर सका है। बिजली दुरुस्त करने में सबसे बड़ी बाधा पोल की कमी बताई जा रही है। जिले में आए तूफान का दंश लोग झेल रहे हैं। पता चला कि तूफान से जेठवारा, लालगंज और कुंडा में करीब छह सौ और पट्टी और सदर इलाके में करीब चार सौ पोल गिर पड़े थे। जिससे इन इलाकों के सैकड़ों गांव की बिजली गुल हो गई थी।
तूफान के पांच दिन भी इन तूफान प्रभावित गांवों में बिजली नहीं दुरुस्त हो सकी है। वहां के लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। किसानों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जहां पोल नहीं लगे हैं वहां के किसान, जनप्रतिनिधि एक्सईएन दफ्तर में डेरा डाले हुए हैं। उनकी केवल एक ही डिमांड है कि पोल चाहिए। पोल न मिलने से बिजली नहीं मिल रही है। इस बारे में एक्सईएन द्वितीय ओपी मिश्रा ने बताया कि जहां पर भी पोल गिरे वहां पर नया पोल लगाया जा रहा है। चूंकि पोल काफी संख्या में गिरे हैं। इसलिये पोल की कमी आ गई है। उसको मंगाया जा रहा है। शीघ्र ही सभी प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति चालू हो जाएगी।
प्रधान के सत्यापन के बाद ही मिलेेंगे पोल
यदि ग्रामवासियों को पोल चाहिए तो वे अपने यहां के प्रधान से लिखवाकर लाएं। सत्यापन के बाद ही पोल दिया जाएगा। प्रधान के अलावा जिला पंचायत सदस्य, विधायक,एमएलएसी और सांसद के पत्र पर भी पोल देने की व्यवस्था है। एक्सईएन एके श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें से किसी भी एक जनप्रतिनिधि का एक पत्र जरूरी है। इसके बिना पोल देने में दिक्कत आ सकती है। लिखा-पढ़ी की जा रही है। अधीक्षण अभियंता का सख्त निर्देश है कि जितने भी पोल दिए जाएं उसमें जनप्र्रतिनिधियों की सहमति हो और इसकी बकायदा लिखा-पढ़ी हो।
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तूफान के पांच दिन भी इन तूफान प्रभावित गांवों में बिजली नहीं दुरुस्त हो सकी है। वहां के लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। किसानों की सिंचाई नहीं हो पा रही है। जहां पोल नहीं लगे हैं वहां के किसान, जनप्रतिनिधि एक्सईएन दफ्तर में डेरा डाले हुए हैं। उनकी केवल एक ही डिमांड है कि पोल चाहिए। पोल न मिलने से बिजली नहीं मिल रही है। इस बारे में एक्सईएन द्वितीय ओपी मिश्रा ने बताया कि जहां पर भी पोल गिरे वहां पर नया पोल लगाया जा रहा है। चूंकि पोल काफी संख्या में गिरे हैं। इसलिये पोल की कमी आ गई है। उसको मंगाया जा रहा है। शीघ्र ही सभी प्रभावित गांवों की बिजली आपूर्ति चालू हो जाएगी।
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प्रधान के सत्यापन के बाद ही मिलेेंगे पोल
यदि ग्रामवासियों को पोल चाहिए तो वे अपने यहां के प्रधान से लिखवाकर लाएं। सत्यापन के बाद ही पोल दिया जाएगा। प्रधान के अलावा जिला पंचायत सदस्य, विधायक,एमएलएसी और सांसद के पत्र पर भी पोल देने की व्यवस्था है। एक्सईएन एके श्रीवास्तव ने बताया कि इसमें से किसी भी एक जनप्रतिनिधि का एक पत्र जरूरी है। इसके बिना पोल देने में दिक्कत आ सकती है। लिखा-पढ़ी की जा रही है। अधीक्षण अभियंता का सख्त निर्देश है कि जितने भी पोल दिए जाएं उसमें जनप्र्रतिनिधियों की सहमति हो और इसकी बकायदा लिखा-पढ़ी हो।
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