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जिला पंचायत की बैठक में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Thu, 22 Jan 2015 10:19 PM IST
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जिला पंचायत के सदन में चर्चा के दौरान वर्ष 2015-16 के लिए 5 अरब की जिला योजना का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया। चर्चा के दौरान ही जिला पंचायत सदस्य अमरपाल यादव एजेंडे की प्रति फाड़कर सदन से बाहर निकल गए। इसे लेकर काफी देर तक हंगामे का हालात बने रहे।
जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को अध्यक्ष प्रमोद मौर्य की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक प्रारंभ हुई। चर्चा के दौरान ही जिपंस अमरपाल यादव सदस्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। अध्यक्ष व मंत्री विधायक के प्रतिनिधियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वह शांत नहीं हुए। अचानक एजेंडे की प्रति फाड़कर वे सदन की बैठक का बहिष्कार कर चले गए। जिला योजना के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के सदस्यों के प्राप्त प्रस्तावों को मंजूर कर लिया गया।
वर्ष 2015-16 के लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत लगभग 50 करोड़ की कार्ययोजना को भी सदन ने पारित कर लिया। अन्य मदों से होने वाले कार्यों को चर्चा के बाद सदस्यों ने हरी झंडी दी। जिला पंचायत की तीन सड़कों को लोनिवि को देने का निर्णय लिया गया। कुछ सदस्यों ने इंटरलाकिंग का भी प्रस्ताव दिया। सदन में सदस्यों ने बिजली, पानी व सड़क की जर्जर दशा का भी मुद्दा उठाया। इस बीच राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी के प्रतिनिधि भगौती प्रसाद ने अध्यक्ष से बातचीत कर जिपंस अमरपाल यादव को फिर से सदन में बुलवाया।
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वह फिर से सदन की बैठक में शामिल हुए। अध्यक्ष प्रमोद मौर्य ने सभी अधिकारियों को समस्या के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। संचालन अपर मुख्य अधिकारी अनिल शर्मा ने किया। इस मौके पर प्रभारी सीडीओ रमाकांत तिवारी, परियोजना निदेशक रंजीत सिंह, बीएसए एसटी हुसैन, प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, प्रमुख बाबागंज हितेष कुमार सिंह पंकज, कालाकांकर प्रमुख बीएन सिंह, सदर प्रमुख विनय सिंह, लाल बहादुर सिंह,राकेश सरोज समेत विधायक व मंत्री के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जिला पंचायत सभागार में सदन की बैठक समाप्त होने के बाद अध्यक्ष प्रमोद मौर्य सदस्यों को डायरी, कलम देने लगे। इस बीच किसी ने कहा विदाई का समय आ गया है। इस पर अध्यक्ष बोल पड़े कि ऐसा नहीं है। सदस्यों के साथ फिर मुलाकात होगी। अभी कार्यकाल बाकी है लेकिन यह वर्ष चुनावी है। इसलिए अंतिम न समझिए।
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जिला पंचायत सभागार में गुरुवार को अध्यक्ष प्रमोद मौर्य की अध्यक्षता में जिला योजना की बैठक प्रारंभ हुई। चर्चा के दौरान ही जिपंस अमरपाल यादव सदस्यों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। अध्यक्ष व मंत्री विधायक के प्रतिनिधियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया लेकिन वह शांत नहीं हुए। अचानक एजेंडे की प्रति फाड़कर वे सदन की बैठक का बहिष्कार कर चले गए। जिला योजना के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत के सदस्यों के प्राप्त प्रस्तावों को मंजूर कर लिया गया।
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वर्ष 2015-16 के लिए पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि योजना के तहत लगभग 50 करोड़ की कार्ययोजना को भी सदन ने पारित कर लिया। अन्य मदों से होने वाले कार्यों को चर्चा के बाद सदस्यों ने हरी झंडी दी। जिला पंचायत की तीन सड़कों को लोनिवि को देने का निर्णय लिया गया। कुछ सदस्यों ने इंटरलाकिंग का भी प्रस्ताव दिया। सदन में सदस्यों ने बिजली, पानी व सड़क की जर्जर दशा का भी मुद्दा उठाया। इस बीच राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी के प्रतिनिधि भगौती प्रसाद ने अध्यक्ष से बातचीत कर जिपंस अमरपाल यादव को फिर से सदन में बुलवाया।
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वह फिर से सदन की बैठक में शामिल हुए। अध्यक्ष प्रमोद मौर्य ने सभी अधिकारियों को समस्या के निराकरण के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। संचालन अपर मुख्य अधिकारी अनिल शर्मा ने किया। इस मौके पर प्रभारी सीडीओ रमाकांत तिवारी, परियोजना निदेशक रंजीत सिंह, बीएसए एसटी हुसैन, प्रमुख कुंडा संतोष सिंह, प्रमुख बाबागंज हितेष कुमार सिंह पंकज, कालाकांकर प्रमुख बीएन सिंह, सदर प्रमुख विनय सिंह, लाल बहादुर सिंह,राकेश सरोज समेत विधायक व मंत्री के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जिला पंचायत सभागार में सदन की बैठक समाप्त होने के बाद अध्यक्ष प्रमोद मौर्य सदस्यों को डायरी, कलम देने लगे। इस बीच किसी ने कहा विदाई का समय आ गया है। इस पर अध्यक्ष बोल पड़े कि ऐसा नहीं है। सदस्यों के साथ फिर मुलाकात होगी। अभी कार्यकाल बाकी है लेकिन यह वर्ष चुनावी है। इसलिए अंतिम न समझिए।