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पुलिस की निगरानी में बांटी जा रही डीएपी, होती रही धक्का-मुक्की
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विश्वनाथगंज के साधन सहकारी समिति पर डीएपी के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
- फोटो : PRATAPGARH
जिले में डीएपी का संकट अभी खत्म नहीं हुआ है। साधन सहकारी समितियों पर 15-15 टन डीएपी पहुंचने के बाद किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी है। खाद लेने के लिए धक्कामुक्की हो रही है। बृहस्पतिवार को गोबरी साधन सहकारी समिति पर अधिक भीड़ होने पर सचिव ने पुलिस बुलाकर खाद की बिक्री की। हालांकि जिले में 650 मीट्रिकटन डीएपी अभी डंप है। समितियों में जल्द ही दूसरे चरण में 15-15 टन खाद भेजी जाएगी।
बृहस्पतिवार को साधन सहकारी समिति गोबरी में डीएपी लेने के लिए सुबह से ही किसानों की लाइन लग गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि धक्कामुक्की होने लगी। यह देख सचिव ने अंतू थाना फोन कर फोर्स मांगी। पुलिस की देखरेख में किसानों को खाद वितरित की गई। साधन सहकारी समिति गोबरी में दो दिन पहले 360 बोरी डीएपी आई।
तकनीकी खराबी के चलते दो दिन तक डीएपी का वितरण नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को खाद बंटने की सूचना पर सुबह से ही किसानों की लंबी लाइन लग गई। खाद की बोरियां पहले लेने के लिए किसान आपस में लड़ने लगे। यह देखकर सचिव ने अंतू थाने फोनकर पुलिस बुलाई। सचिव ओमप्रकाश यादव ने बताया कि दो बार डीएपी का वितरण हो चुका है, तीन-चार दिन बाद फिर से डीएपी की आने की संभावना है। जिले की अधिकांश साधन समितियों से डीएपी खत्म होने की सूचना है।
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उधर, बेलखरनाथधाम विकासखंड के सनी गांव में पीसीएफ का गोदाम है। इस गोदाम से बीज और खाद की बिक्री की जाती है। इस बार डीएपी की किल्लत होने से लोग कई दिनों से किसान गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी मुश्किल से कुछ लोगों को बुधवार को एक-एक बोरी डीएपी मिली थी। बृहस्पतिवार को सुबह से भारी भीड़ जुट गई, मगर मात्रा कम होने के कारण कुछ लोगों को खाद देकर केंद्र बंद कर दिया गया।
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बृहस्पतिवार को साधन सहकारी समिति गोबरी में डीएपी लेने के लिए सुबह से ही किसानों की लाइन लग गई। भीड़ इतनी अधिक थी कि धक्कामुक्की होने लगी। यह देख सचिव ने अंतू थाना फोन कर फोर्स मांगी। पुलिस की देखरेख में किसानों को खाद वितरित की गई। साधन सहकारी समिति गोबरी में दो दिन पहले 360 बोरी डीएपी आई।
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तकनीकी खराबी के चलते दो दिन तक डीएपी का वितरण नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को खाद बंटने की सूचना पर सुबह से ही किसानों की लंबी लाइन लग गई। खाद की बोरियां पहले लेने के लिए किसान आपस में लड़ने लगे। यह देखकर सचिव ने अंतू थाने फोनकर पुलिस बुलाई। सचिव ओमप्रकाश यादव ने बताया कि दो बार डीएपी का वितरण हो चुका है, तीन-चार दिन बाद फिर से डीएपी की आने की संभावना है। जिले की अधिकांश साधन समितियों से डीएपी खत्म होने की सूचना है।
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उधर, बेलखरनाथधाम विकासखंड के सनी गांव में पीसीएफ का गोदाम है। इस गोदाम से बीज और खाद की बिक्री की जाती है। इस बार डीएपी की किल्लत होने से लोग कई दिनों से किसान गोदाम के चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी मुश्किल से कुछ लोगों को बुधवार को एक-एक बोरी डीएपी मिली थी। बृहस्पतिवार को सुबह से भारी भीड़ जुट गई, मगर मात्रा कम होने के कारण कुछ लोगों को खाद देकर केंद्र बंद कर दिया गया।

कटरामेदनीगंज के बड़नपुर में डीएपी लेने को जुटी किसानों की भीड़। संवाद- फोटो : PRATAPGARH