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उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि में करोड़ों रूपए खर्च, नहीं सुधरी बिजली व्यवस्था
Fri, 13 Aug 2021 12:39 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 13 Aug 2021 12:39 AM IST
सार
रानीगंज क्षेत्र के छह उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के कार्य में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। पांच से बढ़ाकर उन्हें 10 एमवीए क्षमता का किया गया है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को समुचित बिजली नहीं मिल पा रही है।
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electricity problem
विस्तार
रानीगंज क्षेत्र के छह उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के कार्य में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। पांच से बढ़ाकर उन्हें 10 एमवीए क्षमता का किया गया है। इसके बाद भी उपभोक्ताओं को समुचित बिजली नहीं मिल पा रही है। दरअसल, क्षेत्र की अधिकांश लाइनें बदहाल हैं। इसमें मेन लाइन व एलटी लाइन भी शामिल है। जिस वजह से बारिश के दिनों में लोग बिजली संकट से जूझ रहे हैं।
विद्युत पारेषण खंड रानीगंज से नौ उपकेंद्र जुड़े हुए हैं। खाखापुर, गौरा, दिलीपपुर, विश्वनाथगंज, भुपियामऊ, देल्हूपुर, रानीगंज, खाखापुर और पांडेयतारा। खाखापुर, पांडेयतारा, गौरा इन तीनों उपकेंद्रों पर कनेक्शन क्षमता से अधिक लोड था। आए दिन उपकेंद्रों पर कभी फीडर फुंका रहता था तो कभी पैनल। इसके अलावा लाइनों में भी खामी बनी रहती थी। इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग द्वारा गौरा, खाखापुर, पांडेयतारा उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई।
पांच एमवीए से बढ़ाकर इन्हें 10 एमवीए किया गया। इसके अलावा रानीगंज, विश्वनाथगंज को पांच प्लस किया गया। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए, मगर मेन लाइनों एवं एलटी लाइनों पर कार्य नहीं किया गया। वह बदहाल पड़ी रहीं। ऐसे में बारिश के दिनों में अब उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। दरअसल, तेज बारिश होने के बाद रानीगंज के सभी उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। जगह-जगह लाइनें ब्रेक हो जाती हैं।
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कई जगह ब्रेकडाउन की भी समस्या बन जाती है। तार व उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे पूरे डिविजन की आपूर्ति व्यवस्था ठप हो जाती है। पूरे दिन का समय बिजली विभाग को फॉल्ट ढूंढने में लग जाता है। इन दिनों बारिश के दौरान उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। इसे लेकर उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के साथ ही लाइनों को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। ताकि रोस्टर के मुुताबिक बिजली मिल सके। एसडीओ रानीगंज एसके पटेल ने बताया कि क्षमता वृद्धि के साथ ही बारिश से निपटने के लिए लाइनों को भी दुरुस्त किया गया है। जहां कहीं भी बारिश के बाद दिक्कत होती है, उनकी खामी दूर की जाती है।
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विद्युत पारेषण खंड रानीगंज से नौ उपकेंद्र जुड़े हुए हैं। खाखापुर, गौरा, दिलीपपुर, विश्वनाथगंज, भुपियामऊ, देल्हूपुर, रानीगंज, खाखापुर और पांडेयतारा। खाखापुर, पांडेयतारा, गौरा इन तीनों उपकेंद्रों पर कनेक्शन क्षमता से अधिक लोड था। आए दिन उपकेंद्रों पर कभी फीडर फुंका रहता था तो कभी पैनल। इसके अलावा लाइनों में भी खामी बनी रहती थी। इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग द्वारा गौरा, खाखापुर, पांडेयतारा उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की गई।
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पांच एमवीए से बढ़ाकर इन्हें 10 एमवीए किया गया। इसके अलावा रानीगंज, विश्वनाथगंज को पांच प्लस किया गया। इसमें करीब तीन करोड़ रुपये खर्च किए गए, मगर मेन लाइनों एवं एलटी लाइनों पर कार्य नहीं किया गया। वह बदहाल पड़ी रहीं। ऐसे में बारिश के दिनों में अब उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। दरअसल, तेज बारिश होने के बाद रानीगंज के सभी उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। जगह-जगह लाइनें ब्रेक हो जाती हैं।
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कई जगह ब्रेकडाउन की भी समस्या बन जाती है। तार व उपकरण भी क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इससे पूरे डिविजन की आपूर्ति व्यवस्था ठप हो जाती है। पूरे दिन का समय बिजली विभाग को फॉल्ट ढूंढने में लग जाता है। इन दिनों बारिश के दौरान उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। इसे लेकर उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि के साथ ही लाइनों को भी दुरुस्त किया जाना चाहिए। ताकि रोस्टर के मुुताबिक बिजली मिल सके। एसडीओ रानीगंज एसके पटेल ने बताया कि क्षमता वृद्धि के साथ ही बारिश से निपटने के लिए लाइनों को भी दुरुस्त किया गया है। जहां कहीं भी बारिश के बाद दिक्कत होती है, उनकी खामी दूर की जाती है।