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काम करने वाले नौ, हाजिरी लग रही 57 मजदूरों की
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:37 PM IST
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लीलापुर (ब्यूरो)। मनरेगा के तहत तालाब खुदाई में ग्राम पंचायतों में खूब खेल हो रहा है। नौ मजदूर काम कर रहे हैं, तो हाजिरी 57 की भरी जा रही है। कमीशन के खेल में बंधे अधिकारी से शिकायत करने पर खाली नहीं होने का बहाना बताकर अपना काम तमाम कर लेते हैं।
लक्ष्मणपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत घूरीपुर के मिश्रपुर गांव में मनरेगा से तालाब की खुदाई हो रही है। इस तालाब की खुदाई करने के लिए एक सप्ताह से नौ मजदूर लगे हुए हैं। मगर गोलमाल करने के लिए 57 मजदूरों की हाजिरी भरी जा रही है। दरअसल में पंचायतमित्र खेल करने के लिए प्रतिदिन हाजिरी नहीं भरते हैं। बल्कि वह निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही मस्टररोल पर हाजिरी भरते हैं। यह अलग बात है कि वह अपने डुप्लीकेट रजिस्टर में वास्तविक हाजिरी लगा रहे हैं।
मजदूरों की उपस्थिति में खेल करके नीचे से ऊपर तक के अधिकारी मलाई काट रहे हैं, वहीं कोई भी अधिकारी ग्राम पंचायत में हो रहे कार्य को देखना नहीं चाहता है। दरअसल में मनरेगा में मजदूरी सीधे जाबकार्ड धारक के खाते में आती है। मगर प्रधान और पंचायतमित्रों ने मजदूरों का जाबकार्ड और खाते का एटीएम कार्ड अपने पास रखे हुए हैं। इससे खाते में रुपये आते ही प्रधान के गुर्गे निकाल लेते हैं, और मजदूर को पता ही नहीं चलता है। ग्राम प्रधान और सचिव के खेल की जानकारी होने पर जब बीडीओ आलोक सिंह बात किया गया, तो बोले अभी व्यस्त हूं, बात करने का समय नहीं है।
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लक्ष्मणपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत घूरीपुर के मिश्रपुर गांव में मनरेगा से तालाब की खुदाई हो रही है। इस तालाब की खुदाई करने के लिए एक सप्ताह से नौ मजदूर लगे हुए हैं। मगर गोलमाल करने के लिए 57 मजदूरों की हाजिरी भरी जा रही है। दरअसल में पंचायतमित्र खेल करने के लिए प्रतिदिन हाजिरी नहीं भरते हैं। बल्कि वह निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ही मस्टररोल पर हाजिरी भरते हैं। यह अलग बात है कि वह अपने डुप्लीकेट रजिस्टर में वास्तविक हाजिरी लगा रहे हैं।
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मजदूरों की उपस्थिति में खेल करके नीचे से ऊपर तक के अधिकारी मलाई काट रहे हैं, वहीं कोई भी अधिकारी ग्राम पंचायत में हो रहे कार्य को देखना नहीं चाहता है। दरअसल में मनरेगा में मजदूरी सीधे जाबकार्ड धारक के खाते में आती है। मगर प्रधान और पंचायतमित्रों ने मजदूरों का जाबकार्ड और खाते का एटीएम कार्ड अपने पास रखे हुए हैं। इससे खाते में रुपये आते ही प्रधान के गुर्गे निकाल लेते हैं, और मजदूर को पता ही नहीं चलता है। ग्राम प्रधान और सचिव के खेल की जानकारी होने पर जब बीडीओ आलोक सिंह बात किया गया, तो बोले अभी व्यस्त हूं, बात करने का समय नहीं है।
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