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बस्ती में शराब की दुकान खोलने पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 03 Apr 2017 12:06 AM IST
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wine shop in ballia
- फोटो : अमर उजाला
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिले में राजमार्ग से हटाईं 101 दुकानों को आबकारी विभाग अब बस्तियों में स्थापित करने में जुटा हुआ है। इसे लेकर भारी विरोध शुरू हो गया है। रविवार को जिले मे कई जगहों पर लोगों ने दुकानें बंद करा दीं। उधर, विरोध को देखकर ठेकेदार भी विभाग के सहयोग से गुंडई पर उतर आए हैं। विरोध करने वालों को धमकी दी जा रही है। प्रशासन ने अगर सख्ती नहीं बरती तो किसी भी समय बड़े बवाल से इनकार नहीं किया जा सकता है।
सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने का फरमान जारी किया था। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 220 मीटर तो शहरी क्षेत्र में 500 मीटर दूर दुकानें खोलने का आदेश मिला था। जिले में 101 दुकानों को चिन्हित करने के बाद एक अप्रैल को उन्हें दूसरी जगह स्थापित करने के लिए विभागीय अमला जुटा रहा। अधिकांश स्थानों पर विरोध होने लगा। जिसके बाद नागरिकों व ग्रामीणों से आबकारी विभाग व ठेकेदारों के बीच ठन गई। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में शराब की दुकानों को बस्तियों में स्थापित कराने के लिए विभाग के कर्मचारी जुट गए। ठेकेदार भी दबंगई पर उतर आए हैं। वे अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए बस्तियों में दुकान खोलने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं जबकि लोग बस्तियों में दुकान खोलने का विरोध कर रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी बच्चा लाल ने बताया कि शासन के आदेश पर दुकानों को राजमार्ग से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थापित किया जा रहा है। अब किसी स्थान को लेकर लोग नाराज हो रहे हैं तो उन्हे समझाया जा रहा है। दबंगई की बात गलत है। वैसे विस्थापित शराब की दुकानों को दूसरे स्थान पर खोलने के लिए स्थान चिन्हित किया है। जिसकी सूचना वे भेज रहे हैं। जिन स्थानों पर विरोध की बातें आ रही हैं, वहां की समस्या भी निपटा ली जाएगी।
सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर स्थित शराब की दुकानों को हटाने का फरमान जारी किया था। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्र में 220 मीटर तो शहरी क्षेत्र में 500 मीटर दूर दुकानें खोलने का आदेश मिला था। जिले में 101 दुकानों को चिन्हित करने के बाद एक अप्रैल को उन्हें दूसरी जगह स्थापित करने के लिए विभागीय अमला जुटा रहा। अधिकांश स्थानों पर विरोध होने लगा। जिसके बाद नागरिकों व ग्रामीणों से आबकारी विभाग व ठेकेदारों के बीच ठन गई। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों में शराब की दुकानों को बस्तियों में स्थापित कराने के लिए विभाग के कर्मचारी जुट गए। ठेकेदार भी दबंगई पर उतर आए हैं। वे अपने प्रभाव का प्रयोग करते हुए बस्तियों में दुकान खोलने के लिए भरसक प्रयास कर रहे हैं जबकि लोग बस्तियों में दुकान खोलने का विरोध कर रहे हैं। जिला आबकारी अधिकारी बच्चा लाल ने बताया कि शासन के आदेश पर दुकानों को राजमार्ग से हटाकर दूसरे स्थान पर स्थापित किया जा रहा है। अब किसी स्थान को लेकर लोग नाराज हो रहे हैं तो उन्हे समझाया जा रहा है। दबंगई की बात गलत है। वैसे विस्थापित शराब की दुकानों को दूसरे स्थान पर खोलने के लिए स्थान चिन्हित किया है। जिसकी सूचना वे भेज रहे हैं। जिन स्थानों पर विरोध की बातें आ रही हैं, वहां की समस्या भी निपटा ली जाएगी।
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