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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Was made ??with the help of the police drug dealer

सिपाही की मदद से बना था नशे का सौदागर

Sun, 05 Apr 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़ Updated Sun, 05 Apr 2015 11:30 PM IST
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नगर के देवकली निवासी शैलेंद्र कुमार गौतम उर्फ मिथुन ने करीब पांच वर्ष पहले नशे के क्षेत्र में सिपाही सर्वेश की मदद से कदम रखा। नशे की पूर्ति के लिए सिपाही का यही कदम उसकी जान की दुश्मन बन बैठा। इसकी पुलिसकर्मियों में खासी चर्चा है।
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शैलेंद्र कुमार ने पूछताछ में बताया कि करीब पांच साल पहले नगर कोतवाली में तैनात सिपाही सर्वेश से उसकी मुलाकात हुई। सर्वेश स्मैक का नशेड़ी था। सर्वेश ने ही उसे स्मैक के  धंधे में उतरने का सुझाव दिया। वही उसे अमेठी जनपद के हरीमऊ निवासी दिनेश और रमेश से मिलाने ले गया। वहां से गांजा और स्मैक लाकर शैलेंद्र अपने घर से ही बेचने लगा। चूंकि उसके माता-पिता दोनों हरियाणा में रहते थे इसलिए घर में उसका कोई विरोध करने वाला नहीं था। पुलिसवालों से उसकी यारी के कारण आसपास के लोग भी शैलेंद्र के खिलाफ आवाज नहीं उठाते थे।
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 धीरे-धीरे यह धंधा चल निकला तो शैलेंद्र का साथ उसका चाचा जीतेंद्र उर्फ दरोगा देने लगा। शैलेंद्र के बाहर जाने पर दरोगा ही नशे के शौकीनों को पुड़िया देता था। उसने बताया कि सिपाही सर्वेश अक्सर स्मैक की पुड़िया लेने के बाद पैसा नही देता था लेकिन इस वजह से कभी झगड़ा नहीं हुआ। हालांकि सिपाही सर्वेश का हत्यारोपी शैलेंद्र कुमार भले इस दोहरे कत्ल का कारण मारपीट बता रहा हो लेकिन चर्चा है कि इसके पीछे पैसों का झगड़ा है।
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