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शव दफनाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sat, 21 Apr 2018 12:30 AM IST
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आबादी की जमीन पर शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के लोग आमने-सामने हो गए। मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार कुंडा ने बगल में ही स्थित कब्रिस्तान में शव दफनाने को कहा, लेकिन रंजिश को लेकर लोग उसी जगह पर शव दफनाने की बात पर अड़े रहे।
जेठवारा थाना क्षेत्र के नई बाजार सराइंद्रावत निवासी छेदी (80) का शुक्रवार को निधन हो गया। परिजन उसका शव आबादी की जमीन पर दफनाने लगे तो मोहल्ले के ही बहराइच व लल्लू हलवाई ने इसका विरोध करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने की बात कही। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों तरफ से सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठे हो गए।
जानकारी होते ही एसओ जेठवारा दल-बल के साथ पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय कानूनगो जोखूराम व लेखपाल पारसनाथ व विनोद को बुलाकर जमीन की पैमाइश कराई। पैमाइश में जहां शव दफनाया जा रहा था वह जमीन आबादी में निकली। बावजूद इसके दूसरा पक्ष शव वहीं दफनाने की बात पर अड़ा रहा। काफी समझाने के बाद परिजन शव को कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हुए।
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दोनों पक्षों के लोगो की बढ़ती संख्या को देखते हुए नायब तहसीलदार वृजमोहन शुक्ल को बुलाया गया। उन्होंने दोबारा पैमाइश कराने के बाद कहा कि आबादी की जमीन पर शव दफनाना ठीक नहीं है। बाद में नायब के समझाने पर शव को कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हुए। जैसे ही शव कब्रिस्तान में दफनाने की बात हुई तो बस्ती के लोग लाठी-डंडा लेकर कब्रिस्तान में आ गए और विरोध करने लगे। इस दौरान गड्ढा खोदने वालों ने भी इसके लिए मना कर दिया। शाम चार बजे के बाद परिजनों ने स्वयं गड्ढा खोद कर शव कब्रिस्तान में दफनाया। इस दौरान महश्ेागंज व बाघराय की पुलिस मौजूद रही।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के नई बाजार सराइंद्रावत निवासी छेदी (80) का शुक्रवार को निधन हो गया। परिजन उसका शव आबादी की जमीन पर दफनाने लगे तो मोहल्ले के ही बहराइच व लल्लू हलवाई ने इसका विरोध करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने की बात कही। इसको लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों तरफ से सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठे हो गए।
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जानकारी होते ही एसओ जेठवारा दल-बल के साथ पहुंचे और मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय कानूनगो जोखूराम व लेखपाल पारसनाथ व विनोद को बुलाकर जमीन की पैमाइश कराई। पैमाइश में जहां शव दफनाया जा रहा था वह जमीन आबादी में निकली। बावजूद इसके दूसरा पक्ष शव वहीं दफनाने की बात पर अड़ा रहा। काफी समझाने के बाद परिजन शव को कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हुए।
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दोनों पक्षों के लोगो की बढ़ती संख्या को देखते हुए नायब तहसीलदार वृजमोहन शुक्ल को बुलाया गया। उन्होंने दोबारा पैमाइश कराने के बाद कहा कि आबादी की जमीन पर शव दफनाना ठीक नहीं है। बाद में नायब के समझाने पर शव को कब्रिस्तान में दफनाने को राजी हुए। जैसे ही शव कब्रिस्तान में दफनाने की बात हुई तो बस्ती के लोग लाठी-डंडा लेकर कब्रिस्तान में आ गए और विरोध करने लगे। इस दौरान गड्ढा खोदने वालों ने भी इसके लिए मना कर दिया। शाम चार बजे के बाद परिजनों ने स्वयं गड्ढा खोद कर शव कब्रिस्तान में दफनाया। इस दौरान महश्ेागंज व बाघराय की पुलिस मौजूद रही।