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मानवरहित क्रासिंग पर ट्रेन की टक्कर से डॉक्टर की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 03 Jun 2018 10:56 PM IST
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इलाहाबाद-फैजाबाद रेलखंड पर मानव रहित रेलवे क्रासिंग पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आने से चिकित्सक की मौत हो गई। टक्कर लगने से बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। आरपीएफ व रेल विभाग के अधिकारियों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के कसियाही निवासी हरिकेश बहादुर सिंह (62) होम्योपैथिक चिकित्सक थे। वह रविवार को घर से करिस्ता स्थित क्लीनिक पर जाने के लिए बाइक से निकले। लगभग दस बजे पंडरी स्थित मानवरहित रेलवे क्रासिंग पार करते समय दूध का डिब्बा लाइन के बीच में गिर गया। बाइक पर बैठे-बैठे ही वह दूध का डिब्बा उठाने लगे। इस बीच प्रतापगढ़ से फैजाबाद की ओर जा रही तीन डिब्बे की मालगाड़ी ने बाइक में टक्कर मार दी।
टक्कर लगने के बाद हरिकेश बहादुर दूर जा गिरे। बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ ही देर में तड़प-तड़पकर चिकित्सक की मौत हो गई। मालगाड़ी गुजरने के बाद राहगीरों की नजर पड़ी। लोगों ने शोर मचाया। इस पर आसपास के गांवों के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। लोगों ने चिकित्सक के घरवालों को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे। शव देखते ही कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर कोहड़ौर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बाग में उठा ले गए शव
घटना की जानकारी के बाद पंडरी स्थित मानव रहित रेलवे क्रासिंग पहुंचे पंडरी, पूरे खुशियाली, वंदन पट्टी के ग्रामीण चिकित्सक के शव को गिट्टी से उठाकर बाग में ले गए। ग्रामीणों ने चारपाई मंगाकर शव को रखवाया। रेलवे लाइन किनारे दूर तक खून फैला हुआ था।
आरपीएफ और रेल विभाग के अफसर पहुंचे
मानवरहित रेलवे क्रासिंग पंडरी पर हादसे की खबर मिलने के बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर एएन पाठक दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों से घटना की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई में जुट गए। कुछ ही देर बाद रेल विभाग के पीडब्ल्यूआई भी पहुंच गए। बवाल की आशंका को देखते हुए कोहड़ौर पुलिस भी मुस्तैद रही।
देहरादून कालेज मेें सहायक प्रोफेसर है डाक्टर का बेटा
चिकित्सक हरिकेश बहादुर सिंह का बेटा राजीव सिंह देहरादून कालेज में सहायक प्रोफेसर है। उसकी शादी हो चुकी है। बेटी की भी डाक्टर ने शादी कर दी थी। छोटे भाई सुरेश बहादुर सिंह दूरदर्शन में काम करते हैं। दूसरे नंबर के भाई हरिशरण सिंह घर पर ही रहते हैं। डाक्टर ने क्लीनिक चलाने के साथ ही नरहरपुर में वाहनों की धुलाई व ट्रेडर्स की दुकान भी खोल रखी थी।
घटना के बाद रुक गई साकेत
मुंबई से फैजाबाद जाने वाले साकेत एक्सप्रेस कुछ देर बाद पीछे से पहुंची। लोगों की ट्रैक पर भीड़ को देखते हुए चालक ने ट्रेन रोक दी। दस मिनट बाद ट्रैक पुलिस ने खाली कराया। जिसके बाद ट्रेन फैजाबाद के लिए रवाना हो सकी।
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के कसियाही निवासी हरिकेश बहादुर सिंह (62) होम्योपैथिक चिकित्सक थे। वह रविवार को घर से करिस्ता स्थित क्लीनिक पर जाने के लिए बाइक से निकले। लगभग दस बजे पंडरी स्थित मानवरहित रेलवे क्रासिंग पार करते समय दूध का डिब्बा लाइन के बीच में गिर गया। बाइक पर बैठे-बैठे ही वह दूध का डिब्बा उठाने लगे। इस बीच प्रतापगढ़ से फैजाबाद की ओर जा रही तीन डिब्बे की मालगाड़ी ने बाइक में टक्कर मार दी।
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टक्कर लगने के बाद हरिकेश बहादुर दूर जा गिरे। बाइक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। कुछ ही देर में तड़प-तड़पकर चिकित्सक की मौत हो गई। मालगाड़ी गुजरने के बाद राहगीरों की नजर पड़ी। लोगों ने शोर मचाया। इस पर आसपास के गांवों के लोग भागकर मौके पर पहुंचे। लोगों ने चिकित्सक के घरवालों को घटना की जानकारी दी। खबर मिलते ही परिजन रोते-बिलखते घटनास्थल पर पहुंचे। शव देखते ही कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर कोहड़ौर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बाग में उठा ले गए शव
घटना की जानकारी के बाद पंडरी स्थित मानव रहित रेलवे क्रासिंग पहुंचे पंडरी, पूरे खुशियाली, वंदन पट्टी के ग्रामीण चिकित्सक के शव को गिट्टी से उठाकर बाग में ले गए। ग्रामीणों ने चारपाई मंगाकर शव को रखवाया। रेलवे लाइन किनारे दूर तक खून फैला हुआ था।
आरपीएफ और रेल विभाग के अफसर पहुंचे
मानवरहित रेलवे क्रासिंग पंडरी पर हादसे की खबर मिलने के बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर एएन पाठक दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों से घटना की जानकारी लेने के बाद आवश्यक कार्रवाई में जुट गए। कुछ ही देर बाद रेल विभाग के पीडब्ल्यूआई भी पहुंच गए। बवाल की आशंका को देखते हुए कोहड़ौर पुलिस भी मुस्तैद रही।
देहरादून कालेज मेें सहायक प्रोफेसर है डाक्टर का बेटा
चिकित्सक हरिकेश बहादुर सिंह का बेटा राजीव सिंह देहरादून कालेज में सहायक प्रोफेसर है। उसकी शादी हो चुकी है। बेटी की भी डाक्टर ने शादी कर दी थी। छोटे भाई सुरेश बहादुर सिंह दूरदर्शन में काम करते हैं। दूसरे नंबर के भाई हरिशरण सिंह घर पर ही रहते हैं। डाक्टर ने क्लीनिक चलाने के साथ ही नरहरपुर में वाहनों की धुलाई व ट्रेडर्स की दुकान भी खोल रखी थी।
घटना के बाद रुक गई साकेत
मुंबई से फैजाबाद जाने वाले साकेत एक्सप्रेस कुछ देर बाद पीछे से पहुंची। लोगों की ट्रैक पर भीड़ को देखते हुए चालक ने ट्रेन रोक दी। दस मिनट बाद ट्रैक पुलिस ने खाली कराया। जिसके बाद ट्रेन फैजाबाद के लिए रवाना हो सकी।