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बीओबी बिहार पंच महुआ में भगदड़, तीन महिलाएं घायल

Tue, 20 Dec 2016 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूूराे प्रतापगढ़ Updated Tue, 20 Dec 2016 11:49 PM IST
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three women injured stumped in bank
न्‍यूूज
 रुपये के लिए लाइन में लगने वाली महिलाओं की जान भी सांसत में पड़ी है। लगातार लाइन में लगी रहने वाली महिलाएं बेहोश होकर गिर जा रही हैं। मंगलवार को कई जगह ऐसी घटनाएं हुईं। वहीं पंचमहुआ बीओबी में भी भगदड़ मचने से करीब तीन महिलाएं घायल हो गईं।
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बैंक आफ बड़ौदा कुंडा में फतिमा बानो पैसा निकालने आई थीं। करीब तीन घंटे लाइन में लगी होने के कारण उन्हें चक्कर आया और वह गिर गई। अन्य महिलाओं ने संभाला। जानकारी पर बैंक कर्मचारी पानी के छींटे मारकर उसे होश में लाए। इसके बाद उसे जल्दी से पैसा देकर बैंक से भेज दिया गया। वहीं बिहार पंच महुआ बैंक आफ बड़ौदा में भी लाइन में लगी कई महिलाओं को भगदड़ मचने से चोट आई। आरोप है कि बैंक का गेट कुछ लोगों को अंदर करके बंद कर लिया जाता है। इसके चलते बाहर लाइन में लगी महिलाएं घंटों खड़ी रहती हैं। मंगलवार को जैसे ही दोपहर में दोबारा गेट खोला गया। सभी ग्राहक एकाएक अंदर घुसे। इस दौरान शांति देवी पत्नी निवेश निवासी मलावा छजईपुर, साधना सिंह पत्नी रमेश सिंह निवासी सरई नाहर, गर्भवती महिला निशा देवी पत्नी इंदेश कुमार सरोज निवासी सिया बाघराय भगदड़ मचने से गिर गईं और घायल हो गईं। लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जाता है कि यहां पुलिस होने के बाद भी आए दिन भगदड़ होती रहती है। वहीं बाबागंज के लखपेड़ा में स्थित बड़ौदा उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा मचाया। 12 बजे तक गेट बंद करके काम करने के कारण लोग आक्रोश हो गए और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों को उग्र होता देख गेट खोला गया। लोगों का कहना था कि प्रबंधक अपने चहेते लोगों को अंदर बुलाकर 10-10 हजार का भुगतान कर देते हैं। सामान्य लोगों को बैंक के अंदर घुसने ही नहीं दिया जाता। कई लोगों का कहना है कि वह कई दिन से लाइन लगा रहे हैं। लेकिन शादी, बीमारी किसी काम के लिए पैसा नहीं मिल पा रहा है।
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वहीं उड़ैयाडीह ग्रामीण बैंक में दोपहर के समय रुपये लेने के लिए लाइन में लगीं महिलाएं आपस में ही भिड़ गईं। उनमें मारपीट शुरू हो गई। इससे अफरातफरी मच गई। महिलाएं एक-दूसरे का बाल पकड़कर खींचने लगीं। वहां मौजूद सिपाही ने बीचबचाव की कोशिश की तो उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई। काफी देर के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
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ग्रामीण अंचल के बैंकों में रुपये की किल्लत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हर दिन लोग घंटों लाइन में खड़े हो रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। सबसे खराब स्थिति ग्रामीण बैंक की है। यहां नोटबंदी के बाद अब तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। हर दिन लोगों से मारपीट की नौबत बन रही है। यहां सप्ताह में दो या तीन दिन ही पैसा मिलता है वह भी मात्र दो हजार रुपये। ऐसी दशा में लोग रोज लाइन में लगने को विवश हैं। समस्या को लेकर लोगों ने सीडीओ, बैंक के उच्चाधिकारियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इससे लोग परेशान हैं। मंगलवार को दोपहर दो बजे तक सैकड़ों लोग लाइन में खड़े रहे। इसी दौरान बैंक के अन्दर पहले जाने की बात को लेकर दो महिलाएं आपस में भिड़ गईं। उनके बीच मारपीट होने लगी। इससे अफरातफरी मच गई। एक सिपाही ने जब बीचबचाव का प्रयास किया तो महिलाएं उस पर भड़क गईं। किसी तरह घंटों बाद माहौल सामान्य हो सका।
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