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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Show in prison Bandiraj

कारागार में दिखा बंदीराज

Wed, 03 Dec 2014 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 03 Dec 2014 11:33 PM IST
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Show in prison Bandiraj
प्रतापगढ़। जनपद कारागार में बंदीराज देख अफसर दंग रह गए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिस ओर देखा वहां खामियां मिलीं। दो घंटे चली कार्रवाई के दौरान बंदीरक्षकों ने भी अफसरों को दुश्वारियां भी बताईं
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डीएम अमृत त्रिपाठी और एसपी अनंतदेव भारी भरकम पुलिस बल के साथ जेल में दोपहर करीब 12.45 बजे जेल पहुंचे। जेल प्रशासन को भनक तक नहीं लग सकी। अधिकारियों का वाहन रुकने पर जेल में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारी बिना समय गंवाए जेल की बैरकों को खंगालने के लिए भागे। अफसरों को जेल में बंदीराज देखने को मिला। बंदी बैरकों से बाहर घूम रहे थे। बैरकों में खाना बनाने के लिए दाल, चावल व आटा, सब्जियां व मसाले भी मिले। बैरकों में बंदियों को हर तरह की सहूलियत देख अधिकारी दंग रह गए। प्रभारी जेल अधीक्षक व बंदीरक्षक अधिकारियों के सवाल का जवाब नहीं दे पा रहे थे। अड़गड़ा के इर्द-गिर्द तो बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें पाई गईं। अस्पताल की बैरक में भी मनमानी दिखी। जिसे जरूरत नहीं वह भी इलाज कराने आया था। इस दौरान अफसरों ने जेल में तैनात बंदीरक्षकों पर आंख तरेरी। बंदीरक्षक गिड़गिड़ाते हुए बोले, साहब हम कर ही क्या सकते हैं। दबंग बंदियों से उन्हें हमेशा खतरा बना रहता है। अफसरों ने जब दबंगई करने वाले बंदियों का नाम पूछा तो बंदीरक्षक चुप हो गए। अफसरों ने 2.45 बजे तक तलाशी अभियान चलाया।
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जनपद कारागार के अस्पताल की बैरक में निरीक्षण के लिए पहुंचे डीएम को टेलीविजन चलता मिला। इस बाबत डीएम ने प्रभारी जेल अधीक्षक से पूछा तो उन्होंने जेल मैनुअल का हवाला दिया। नाराजगी जताते हुए डीएम ने अस्पताल की बैरक से टीवी हटवा दिया।
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 डीएम अमृत त्रिपाठी व एसपी लाव लश्कर के साथ चौक पहुंचे। तभी बंदियों को सूचना मिल गई कि अधिकारियों की टीम भारी-भरकम पुलिस बल के साथ पहुंच रही है। इसके बाद बंदी मोबाइल, सिम समेत अन्य प्रतिबंधित सामान छिपाने में जुट गए। सूत्रों की मानें तो अधिकारियों के पहुंचने तक काफी सामान छिपाया जा चुका था।



 डीएम और एसपी को छोड़ दूसरे अधिकारियों को भी इस कार्रवाई की भनक नहीं थी। पुलिस लाइन में अपराध समीक्षा बैठक एसपी अनंत देव ने बुला रखी थी। अचानक बैठक के दौरान एसपी ने सभी थानेदारों को अपने वाहन लेकर पीछे आने का फरमान सुनाया। पहले तो मातहतों ने समझा कि कहीं बवाल हो गया है। इस बीच डीएम और एसपी जेल की ओर मुड़े तो मातहतों को माजरा समझ में आया।



जिला कारागार के अधीक्षक विजय सिंह अवकाश पर हैं। बंदियों के बीच आए दिन हो रहे बवाल को देखते हुए आला अधिकारियों ने नैनी कारागार से जेलर बालकृष्ण मिश्र को प्रतापगढ़ जेल भेजा। उन्होंने 30 नवंबर को ही कार्यभार ग्रहण किया। अभी वह जेल के हालात से वाकिफ हो रहे थे। इस बीच बुधवार को आला अधिकारियों के निरीक्षण में बंदीराज की पोल खुल गई। वह सफाई देते रहे लेकिन अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं थे।



जनपद कारागार में निरुद्ध बंदियों से पहली शिफ्ट में उनके परिजनों ने मुलाकात कर ली थी। दूसरी शिफ्ट के मुलाकाती जेल गेट पर पहुंचे ही थे कि अधिकारियों के वाहन देख मुलाकातियों को लौटा लिया गया। तीन बजे के बाद ही मुलाकाती जेल में निरुद्ध परिजनों से मुलाकात करने जा सके।




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