{"_id":"56f81f444f1c1b3d58f14da9","slug":"raid-in-kashiram-colony","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांशीराम कालोनी में अफसरों का छापा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कांशीराम कालोनी में अफसरों का छापा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:41 PM IST
विज्ञापन
pratapgarh
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिलाधिकारी के निर्देश पर रविवार को अफसरों ने भारी भरकम पुलिस बल के साथ शहर की चारों कांशीराम कालोनी में एक साथ छापा मारा। इससे भगदड़ मच गई। पुलिस ने चार लोगों को अनाधिकृत रूप से बिना आवंटित वाले आवास से धर दबोचा। उनसे पूछताछ की जा रही है। सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह, सीआरओ रामसिंह, एएसपी पूर्वी नीरज कुमार पांडेय, उपजिलाधिकारी सदर जेपी मिश्र, सीओ सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सदर तहसीलदार चंद्रेश सिंह, नगर कोतवाल हरपाल सिंह यादव, नायब तहसीलदार, ईओ नगर पालिका अवधेश यादव ने भारी भरकम पुलिस बल के साथ चारों कांशीराम कालोनियों में छापा मारा। अधिकारियों को पुलिसबल के साथ देख कालोनी में भगदड़ मच गई। अनाधिकृत रूप से रहने वाले अपने आवासों में ताला बंदकर भाग निकले।
जोगापुर कालोनी से अधिकारियों ने बिना आवंटित आवास से चार लोगों को धर दबोचा और सभी को कोतवाली भेज दिया।इस दौरान ब्लाक के उन कमरों को चेक किया गया जो किसी को एलाट नहीं थे। ऐसे सभी कमरों में प्रशासन का ताला नहीं बल्कि दबंगों का ताला लगा हुआ था। आसपास के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि कुछ दबंगई करने वाले लोगों ने ऐसे कमरों पर कब्जा कर रखा है। चर्चा यह भी होती रही कि सपा के कई प्रभावशाली लोगों ने भी कई कमरों में जबरन कब्जा कर रखा है। हालांकि ऐसा कोई भी अधिकारियों के सामने नहीं आया। इसके बाद कृषि फार्म, सगरा मुर्गी फार्म और जीआईसी कालोनी में भी अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ छापामारी की कार्रवाई की। एसडीएम ने बताया कि चारों कालोनी में करीब 62 आवासों का आवंटन नहीं हुआ है। जिसमें जबरन लोगों ने कब्जा कर रखा है। जिसे खाली कराया जा रहा है। उन लोगों का आवास निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी , जिन लोगों ने अपना आवास किराए पर दे रखा है।
कइयों ने किराए पर दे रखा है आवास
अधिकारियों के आदेश पर कांशीराम कालोनी की गहन चेकिंग की गई। नगर पालिका व तहसील प्रशासन के लोगों ने आवंटित व गैर आवंटित आवासों को जांचा। पहले तो गैर आवंटित आवासों को देखा गया। बाद में आवंटित आवासों की गहनता से छानबीन की गई। जिससे कई लोगों की कलई खुल गई। पता चला कि जो आवास में रह रहा है उसे किराए पर दिया गया है। इसके लिए हर माह आठ सौ रुपये लिए जाते हैं। जोगापुर, कृषि फार्म, सगरा व जीआईसी स्थित कालोनी में जांच के दौरान यह मामला सामने आया। ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है। जिससे उन लोगों को आवंटित आवास निरस्त किया जा सके।
विज्ञापन
निशाने पर थे दबंग, नहीं लगे हाथ
कांशीराम कालोनी में आवंटित व गैर आवंटित आवासों पर दबंगई के बल पर कब्जा करने वाले लोगों की शिकायत अधिकारियों को मिली थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर दबंगों की धरपकड़ व उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारी कांशीराम कालोनी सुबह-सुबह धमके। हालांकि चेकिंग के दौरान ऐसा कोई हाथ नहीं लगा। आसपास के लोगों से पूछताछ कर ऐसे लोगों की नगर पालिका व तहसील प्रशासन कुुंडली तैयार कर रहा है। ताकि आवास में पात्र मजबूरी में रहता हो तो उसे रहने दिया जाए और दबंगई करने वाले या अपात्र जबरन रहते हो तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
जोगापुर कालोनी से अधिकारियों ने बिना आवंटित आवास से चार लोगों को धर दबोचा और सभी को कोतवाली भेज दिया।इस दौरान ब्लाक के उन कमरों को चेक किया गया जो किसी को एलाट नहीं थे। ऐसे सभी कमरों में प्रशासन का ताला नहीं बल्कि दबंगों का ताला लगा हुआ था। आसपास के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि कुछ दबंगई करने वाले लोगों ने ऐसे कमरों पर कब्जा कर रखा है। चर्चा यह भी होती रही कि सपा के कई प्रभावशाली लोगों ने भी कई कमरों में जबरन कब्जा कर रखा है। हालांकि ऐसा कोई भी अधिकारियों के सामने नहीं आया। इसके बाद कृषि फार्म, सगरा मुर्गी फार्म और जीआईसी कालोनी में भी अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ छापामारी की कार्रवाई की। एसडीएम ने बताया कि चारों कालोनी में करीब 62 आवासों का आवंटन नहीं हुआ है। जिसमें जबरन लोगों ने कब्जा कर रखा है। जिसे खाली कराया जा रहा है। उन लोगों का आवास निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी , जिन लोगों ने अपना आवास किराए पर दे रखा है।
विज्ञापन
कइयों ने किराए पर दे रखा है आवास
अधिकारियों के आदेश पर कांशीराम कालोनी की गहन चेकिंग की गई। नगर पालिका व तहसील प्रशासन के लोगों ने आवंटित व गैर आवंटित आवासों को जांचा। पहले तो गैर आवंटित आवासों को देखा गया। बाद में आवंटित आवासों की गहनता से छानबीन की गई। जिससे कई लोगों की कलई खुल गई। पता चला कि जो आवास में रह रहा है उसे किराए पर दिया गया है। इसके लिए हर माह आठ सौ रुपये लिए जाते हैं। जोगापुर, कृषि फार्म, सगरा व जीआईसी स्थित कालोनी में जांच के दौरान यह मामला सामने आया। ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई है। जिससे उन लोगों को आवंटित आवास निरस्त किया जा सके।
विज्ञापन
निशाने पर थे दबंग, नहीं लगे हाथ
कांशीराम कालोनी में आवंटित व गैर आवंटित आवासों पर दबंगई के बल पर कब्जा करने वाले लोगों की शिकायत अधिकारियों को मिली थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर दबंगों की धरपकड़ व उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए अधिकारी कांशीराम कालोनी सुबह-सुबह धमके। हालांकि चेकिंग के दौरान ऐसा कोई हाथ नहीं लगा। आसपास के लोगों से पूछताछ कर ऐसे लोगों की नगर पालिका व तहसील प्रशासन कुुंडली तैयार कर रहा है। ताकि आवास में पात्र मजबूरी में रहता हो तो उसे रहने दिया जाए और दबंगई करने वाले या अपात्र जबरन रहते हो तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर कार्रवाई की जाए।