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संगीनों के साए में दफनाया गया सपा नेता का शव
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Fri, 19 Feb 2016 11:39 PM IST
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क्षेत्र के डीह मेंहदी बाबूगंज में बुधवार की देर रात सपा
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नेता की गोली मारकर हत्या को लेकर तीसरे दिन भी बाबूगंज में आक्रोश रहा।
शुक्रवार को आक्रोशित परिजन मृतक सपा नेता मो. इद्रीश के शव को दफन करने के
लिए राजी नही हो रहे थे। गुरुवार की शाम पीएम के बाद सपा नेता का शव घर
पहुंचा। तब परिजनों ने मृतक के भाइयों के मुंबई से घर न पहुंच पाने की बात
कहकर शव को अगले दिन दफनाए जाने को कहा। शुक्रवार की सुबह मृतक के घर उसके
रिश्तेदारों व समर्थकों का भारी जमावड़ा हो गया।
इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को न दफनाए जाने की बात कही। बवाल की आशंका में पहले से ही लालगंज, सांगीपुर व उदयपुर थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ यहां आ डटे थे। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि लालगंज पुलिस ने यदि प्रतिबंधित मवेशी की तस्करी के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया होता तो सपा नेता की हत्या टल जाती। आक्रोशित लोग पुलिस व प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी भी कर रहे थे। इस बीच हालात को बिगड़ते देख बाजार में एसओ मानिकपुर, एसओ बाघराय, एसओ अंतू, एसओ महेशगंज, एसओ नवाबगंज, फायर ब्रिगेड, पीएसी, वज्र वाहन, महिला पुलिस बल, नायब तहसीलदार भी आ पहुंचे।
इसी बीच ग्रामीण डीएम और एसपी को बुलाए जाने तथा मृतक की बेटी को नौकरी व बीस लाख मुआवजे तथा हत्यारोपियों की गिरफ्तारी एवं परिजनों की सुरक्षा की मांग करने लगे। इस पर एडीएम पुनीत शुक्ला मौके पर पहुंचे। एडीएम व एएसपी तथा एसडीएम ने परिजनों तथा आक्रोशित लोगों को घंटों समझाया बुझाया। लोगों का आक्रोश शांत करने में पुलिस व प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। कई घंटे की प्रशासनिक मशक्कत व मानमनौव्वल के बाद किसी तरह परिजन मांगों को प्रशासन द्वारा पूरा किए जाने के आश्वासन पर शव दफनाने के लिए राजी हो सके।
इसके बाद आक्रोशित लोगों ने शव को न दफनाए जाने की बात कही। बवाल की आशंका में पहले से ही लालगंज, सांगीपुर व उदयपुर थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ यहां आ डटे थे। आक्रोशित लोगों का आरोप था कि लालगंज पुलिस ने यदि प्रतिबंधित मवेशी की तस्करी के मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया होता तो सपा नेता की हत्या टल जाती। आक्रोशित लोग पुलिस व प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी भी कर रहे थे। इस बीच हालात को बिगड़ते देख बाजार में एसओ मानिकपुर, एसओ बाघराय, एसओ अंतू, एसओ महेशगंज, एसओ नवाबगंज, फायर ब्रिगेड, पीएसी, वज्र वाहन, महिला पुलिस बल, नायब तहसीलदार भी आ पहुंचे।
इसी बीच ग्रामीण डीएम और एसपी को बुलाए जाने तथा मृतक की बेटी को नौकरी व बीस लाख मुआवजे तथा हत्यारोपियों की गिरफ्तारी एवं परिजनों की सुरक्षा की मांग करने लगे। इस पर एडीएम पुनीत शुक्ला मौके पर पहुंचे। एडीएम व एएसपी तथा एसडीएम ने परिजनों तथा आक्रोशित लोगों को घंटों समझाया बुझाया। लोगों का आक्रोश शांत करने में पुलिस व प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। कई घंटे की प्रशासनिक मशक्कत व मानमनौव्वल के बाद किसी तरह परिजन मांगों को प्रशासन द्वारा पूरा किए जाने के आश्वासन पर शव दफनाने के लिए राजी हो सके।