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नोटबंदी में फंसी सूदखोरों की लंबी रकम

Sat, 19 Nov 2016 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़। Updated Sat, 19 Nov 2016 11:39 PM IST
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MONEY DEMONITATION
black money
नोटबंदी की मार से सूदखोरी का बाजार भी ठंडा पड़ा है। सूदखोरों की लंबी रकम फंस गई है। अब उन्होंने नोटों को बदलवाने के लिए अपने चंगुल में फंसे लोगों यानि ग्राहकों पर ही दांव चल दिया है। पुरानी नोटों को ग्राहकों से ही बदलवाया जा रहा है। दो हजार रुपये बदलने पर पांच सौ रुपये उन्हें दिया जा रहा है। इतना ही नहीं सूदखोरों ने नोट बदलने के बाद अपने यहां गिरवी पड़े जेवरात और जमीन भी लौटाने का वादा किया है। ऐसे में उनके ग्राहक भी मौके को भुनाने में लगे हैं।
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जिले में सूदखोरों का लंबा नेटवर्क है। इसमें बड़े व्यापारी, नेता और प्रापर्टी डीलर तक शामिल हैं। इनकी ब्याज पर रकम देने की अच्छी खासी दुकान चल रही है। 90 प्रतिशत से भी अधिक लोग बिना रजिस्ट्रेशन के यह काम कर रहे हैं। ब्याज पर कर्ज लेने वाले और कंगाल होते जा रहे और सूदखोर मालामाल। मगर अब प्रधानमंत्री मोदी की नोटबंदी की घोषणा ने सूदखोरों के बिजनेस पर पानी फेर दिया है। लाखों, करोड़ों की रकम खपाने के लिये वे अपने ग्राहकों को टारगेट करना शुरू कर दिए हैं।
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रेल कर्मचारी छोटेलाल, नन्हें हेला ने बताया कि सूदखोरों की तरफ से पुराने पांच सौ और हजार के नोट बदलने के लिये दो हजार से लेकर दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इस रकम को ग्राहक खाते में डालेंगे। विड्राल के बाद हर पांच सौ पर सौ रुपये देने की पेशकश सूदखोरों की तरफ से की गई है। दो हजार पर पांच सौ रुपये भी दिये जा रहे हैं। चिलबिला में पल्लेदारी का काम कर रहे महेश वर्मा ने बताया कि सूदखोर व्यापारियों ने कालेधन को सफेद करने के लिए पल्लेदारों का कर्ज माफ करने तक का भरोसा दिया है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी टारगेट पर
प्रतापगढ़ में सूदखोरों के मकड़जाल काफी दूर तक फैला हुआ है। रेलवे, स्वास्थ्य, नगर पालिका और कई अन्य सरकारी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी खासकर चतुर्थ श्रेणी इनके जाल में फंसे हुए हैं। इन लोगों का बिना सूदखोर से कर्ज लिये काम नहीं चलता है। इसमें से कइयों की जमीन और गहने तक सूूदखोरों के यहां गिरवी पड़े हैं। नोटबंदी में फंसे सूदखोरों ने अब इनको अपने काम के लिये इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। कुछ तो इसी बहाने पुराने कर्ज माफ करवाने की फिराक में हैं। इससे दोनों का फायदा है।


 
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