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जामताली में छात्रा को ट्रक ने रौंदा, मौत
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 25 Feb 2018 12:54 AM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : प्रतापगढ़
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साइकिल से स्कूल जा रही सातवीं की छात्रा को बेकाबू ट्रक ने शनिवार की सुबह रौंद दिया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। साइकिल पर सवार सहेली दूसरी ओर गिरने के कारण बाल-बाल बच गई। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रक को रोक लिया। चालक भाग निकला, जबकि खलासी को लोगों ने दबोच लिया। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर ट्रक में तोड़फोड़ करते हुए रानीगंज-पट्टी मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस ने एक घंटे बाद जाम समाप्त कराया और छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी बृजलाल की पुत्री स्नेहा (13) पूर्व माध्यमिक विद्यालय जामताली में कक्षा सात की छात्रा थी। शनिवार की सुबह वह अपने बगल में रहने वाले मुन्नीलाल की बेटी लालती (10) के साथ उसकी साइकिल से स्कूल के लिए निकली। करीब नौ बजे जामताली बाजार स्थित डाकघर के पास पट्टी की ओर जा रहे ट्रक ने छात्रा की साइकिल में टक्कर मार दी। जिससे साइकिल पर पीछे बैठी स्नेहा ट्रक के पहिए के नीचे चली गई और लालती सड़क के किनारे जा गिरी। सीमेंट लदे ट्रक का पहिया स्नेहा के ऊपर से गुजर गया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि लालती बाल-बाल बच गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भागने लगा। जिसे लोगों ने पीछाकर कर रोक लिया। हालांकि मौका पाकर चालक भाग निकला। लोगों ने खलासी को दबोचकर पिटाई करना शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने ट्रक पर पथराव कर लाइट व शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। जिसके चलते लोगों ने रानीगंज-पट्टी मार्ग पर जाम लगा दिया। जिसके बाद रानीगंज पुलिस पहुंची। काफी प्रयास के बाद लोग शांत हुए। पुलिस ने पकड़े गए खलासी संग ट्रक को कब्जे में ले लिया। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। करीब एक घंटे बाद जाकर जाम समाप्त हुआ। जिसके बाद लोगों का आवागमन बहाल हो सका।
जामताली बाजार में ट्रक से कुचलकर छात्रा की मौत के बाद हर कोई आक्रोशित हो गया। विलंब से पहुंची रानीगंज पुलिस ने जाम लगाने वालों पर सख्ती का प्रयास किया। ग्रामीण पुलिस के रवैए से भड़क उठे। पुलिस से लोगों की तीखी तकरार हुई। हालांकि बाद में पुलिस को ग्रामीणों की मांगों के आगे झुकना पड़ा। ग्रामीण ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी स्नेहा हर दिन की तरह अपनी सहेली लालती के साथ घर से स्कूल के लिए निकली। बाजार में सतना से सीमेंट लादकर बंधवा बाजार की ओर जा रहे ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी। साइकिल लालती चला रही थी। पीछे स्नेहा बैठी थी। टक्कर लगने के बाद स्नेहा ट्रक के नीचे चली गई। उसकी चीख लालती के कानों में अभी भी गूंज रही है। घटना के बाद वह सहम गई। किसी तरह वह स्कूल पहुंची लेकिन कुछ ही देर में बाद परिवार के लोग उसे घर लेकर चले गए। छात्रा की मौत के बाद स्कूल का भी माहौल गमगीन हो गया। स्नेहा के सहपाठी व शिक्षक उसके घर पहुंचकर संवेदना जताने लगे। शिक्षकों की मानें तो स्नेहा पढ़ने में होनहार थी। सभी बच्चों के साथ मिलजुलकर रहती थी। उसकी मौत से बच्चों के साथ शिक्षक भी दुखी थे।
रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी राम अवध का परिवार पहले श्रीपुर में रहता था। एक साल पहले परिवार के लोग मठिहा में जाकर रहने लगे। बताते हैं कि स्नेहा के पिता बृजलाल की दो साल पहले बीमार के कारण मौत हो गई। बड़ी बहन का भी निधन हो गया था। स्नेहा का बड़ा भाई बबलू और छोटा भाई पंकज का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मां ऊषा प्रजापति भी बेटी की मौत से पूरी तरह टूट गई थी। जामताली बाजार पहुंची ऊषा बेटी का शव देखते ही बेहोश हो गई। बच्चों की परवरिश करने वाले बाबा राम अवध भी रोते बिलखते रहे।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी बृजलाल की पुत्री स्नेहा (13) पूर्व माध्यमिक विद्यालय जामताली में कक्षा सात की छात्रा थी। शनिवार की सुबह वह अपने बगल में रहने वाले मुन्नीलाल की बेटी लालती (10) के साथ उसकी साइकिल से स्कूल के लिए निकली। करीब नौ बजे जामताली बाजार स्थित डाकघर के पास पट्टी की ओर जा रहे ट्रक ने छात्रा की साइकिल में टक्कर मार दी। जिससे साइकिल पर पीछे बैठी स्नेहा ट्रक के पहिए के नीचे चली गई और लालती सड़क के किनारे जा गिरी। सीमेंट लदे ट्रक का पहिया स्नेहा के ऊपर से गुजर गया। जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि लालती बाल-बाल बच गई। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भागने लगा। जिसे लोगों ने पीछाकर कर रोक लिया। हालांकि मौका पाकर चालक भाग निकला। लोगों ने खलासी को दबोचकर पिटाई करना शुरू कर दिया। आक्रोशित लोगों ने ट्रक पर पथराव कर लाइट व शीशा क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना की सूचना के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। जिसके चलते लोगों ने रानीगंज-पट्टी मार्ग पर जाम लगा दिया। जिसके बाद रानीगंज पुलिस पहुंची। काफी प्रयास के बाद लोग शांत हुए। पुलिस ने पकड़े गए खलासी संग ट्रक को कब्जे में ले लिया। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। करीब एक घंटे बाद जाकर जाम समाप्त हुआ। जिसके बाद लोगों का आवागमन बहाल हो सका।
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जामताली बाजार में ट्रक से कुचलकर छात्रा की मौत के बाद हर कोई आक्रोशित हो गया। विलंब से पहुंची रानीगंज पुलिस ने जाम लगाने वालों पर सख्ती का प्रयास किया। ग्रामीण पुलिस के रवैए से भड़क उठे। पुलिस से लोगों की तीखी तकरार हुई। हालांकि बाद में पुलिस को ग्रामीणों की मांगों के आगे झुकना पड़ा। ग्रामीण ट्रक चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।
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रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी स्नेहा हर दिन की तरह अपनी सहेली लालती के साथ घर से स्कूल के लिए निकली। बाजार में सतना से सीमेंट लादकर बंधवा बाजार की ओर जा रहे ट्रक ने साइकिल में टक्कर मार दी। साइकिल लालती चला रही थी। पीछे स्नेहा बैठी थी। टक्कर लगने के बाद स्नेहा ट्रक के नीचे चली गई। उसकी चीख लालती के कानों में अभी भी गूंज रही है। घटना के बाद वह सहम गई। किसी तरह वह स्कूल पहुंची लेकिन कुछ ही देर में बाद परिवार के लोग उसे घर लेकर चले गए। छात्रा की मौत के बाद स्कूल का भी माहौल गमगीन हो गया। स्नेहा के सहपाठी व शिक्षक उसके घर पहुंचकर संवेदना जताने लगे। शिक्षकों की मानें तो स्नेहा पढ़ने में होनहार थी। सभी बच्चों के साथ मिलजुलकर रहती थी। उसकी मौत से बच्चों के साथ शिक्षक भी दुखी थे।
रानीगंज थाना क्षेत्र के मठिहा निवासी राम अवध का परिवार पहले श्रीपुर में रहता था। एक साल पहले परिवार के लोग मठिहा में जाकर रहने लगे। बताते हैं कि स्नेहा के पिता बृजलाल की दो साल पहले बीमार के कारण मौत हो गई। बड़ी बहन का भी निधन हो गया था। स्नेहा का बड़ा भाई बबलू और छोटा भाई पंकज का रो-रोकर बुरा हाल रहा। मां ऊषा प्रजापति भी बेटी की मौत से पूरी तरह टूट गई थी। जामताली बाजार पहुंची ऊषा बेटी का शव देखते ही बेहोश हो गई। बच्चों की परवरिश करने वाले बाबा राम अवध भी रोते बिलखते रहे।