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तनावः अधिवक्ता समेत चार लोग घायल, घायल आरोपी पुलिस हिरासत में, एक जिंदा बम भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:10 AM IST
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जिन्दा बम
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जमीन के विवाद को लेकर शुकुलपुर में रविवार की सुबह दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। इस दौरान मारपीट व ईंट पत्थर भी चला। इस बीच बमबाजी भी हुई। बम के छर्रे लगने से अधिवक्ता समेत चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने हमले के एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। मौके से बरामद देशी बम को पुलिस ने पानी में डालकर निष्क्रिय किया। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
नगर कोतवाली के शुकुलपुर निवासी अधिवक्ता रवींद्र सिंह का बृजेश शुक्ला से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। रविवार की सुबह रवींद्र सिंह मकान का लिंटर डालने के लिए जाल बांधने की खातिर मिस्त्री व मजदूर बुलाया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अचानक उनके बीच फिर से बखेड़ा खड़ा हो गया। गाली गलौज के बीच मारपीट के साथ ही ईंट पत्थर भी चलने लगे। इसी दौरान दो देशी बम फेंके गए। जिससे जोरदार धमाका हुआ। उसके छर्रे अधिवक्ता रवींद्र बहादुर सिंह (45), बेटा वीरेंद्र विक्रम सिंह (20), मजदूर राकेश (30) निवासी भुआलपुर और राज बहादुर (65) निवासी गड़ई चकदेइया को जा लगे। घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी के पीछे नगर कोतवाल भी पहुंच गए।
पुलिस को देख हमलावर भागने लगे। पुलिस ने लोगों को दूर तक दौड़ाया। इस बीच पुलिस ने घायल बृजेश शुक्ला को धर दबोचा। पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। यहां अधिवक्ता रवींद्र सिंह समेत अन्य को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इस मामले में अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश शुक्ला, सूरज शुक्ला, अर्जुन और अनुज के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की। अधिवक्ता का आरोप था कि बृजेश समेत अन्य लोगों ने बम से हमला कर उन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस हिरासत में बृजेश ने बताया कि अधिवक्ता पक्ष की ओर से पहले हमला किया गया। जबरन उसकी जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। जिसे रोकने के लिए मारपीट की गई। नगर कोतवाल ने बताया कि अधिवक्ता पक्ष की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच की जा रही है। जमीन के विवाद को लेकर घटना हुई है।
नगर कोतवाली के शुकुलपुर निवासी अधिवक्ता रवींद्र सिंह का बृजेश शुक्ला से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा था। रविवार की सुबह रवींद्र सिंह मकान का लिंटर डालने के लिए जाल बांधने की खातिर मिस्त्री व मजदूर बुलाया था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो अचानक उनके बीच फिर से बखेड़ा खड़ा हो गया। गाली गलौज के बीच मारपीट के साथ ही ईंट पत्थर भी चलने लगे। इसी दौरान दो देशी बम फेंके गए। जिससे जोरदार धमाका हुआ। उसके छर्रे अधिवक्ता रवींद्र बहादुर सिंह (45), बेटा वीरेंद्र विक्रम सिंह (20), मजदूर राकेश (30) निवासी भुआलपुर और राज बहादुर (65) निवासी गड़ई चकदेइया को जा लगे। घटना की जानकारी मिलने पर सिविल लाइन चौकी प्रभारी के पीछे नगर कोतवाल भी पहुंच गए।
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पुलिस को देख हमलावर भागने लगे। पुलिस ने लोगों को दूर तक दौड़ाया। इस बीच पुलिस ने घायल बृजेश शुक्ला को धर दबोचा। पुलिस दोनों पक्षों को कोतवाली ले आई। यहां अधिवक्ता रवींद्र सिंह समेत अन्य को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। इस मामले में अधिवक्ता की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश शुक्ला, सूरज शुक्ला, अर्जुन और अनुज के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की। अधिवक्ता का आरोप था कि बृजेश समेत अन्य लोगों ने बम से हमला कर उन लोगों को घायल कर दिया। पुलिस हिरासत में बृजेश ने बताया कि अधिवक्ता पक्ष की ओर से पहले हमला किया गया। जबरन उसकी जमीन पर कुछ लोग कब्जा कर रहे हैं। जिसे रोकने के लिए मारपीट की गई। नगर कोतवाल ने बताया कि अधिवक्ता पक्ष की तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। घटना की जांच की जा रही है। जमीन के विवाद को लेकर घटना हुई है।
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