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जानलेवा हमले का इनामी प्रमुखपति गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 04 Feb 2018 11:56 PM IST
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पूर्व ब्लाक प्रमुख को ले जाती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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जानलेवा हमले के साथ ही 37 मामलों में फरार चल रहे दस हजार के इनामी ब्लाक प्रमुखपति को देवसरा पुलिस ने गन्ने के खेत से दबोच लिया। लिखा-पढ़ी के बाद पुलिस उसे न्यायालय में पेश करने के लिए लेकर आ रही थी। पुलिस वाहन के पीछे पूर्व प्रमुख के समर्थक नारेबाजी करते हुए पट्टी पहुंचे। जहां कैबिनेट मंत्री के समर्थकों ने काफिले के वाहनों पर पथराव कर दिया। जिससे आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। पुलिस के पहुंचने पर आक्रोशित लोग शांत हुए।
आसपुर देवसरा पुलिस ने देवसरा के पूर्व प्रमुख व प्रमुखपति सभापति यादव के ऊपर जानलेवा हमला समेत कई मामलों में फरारी के चलते दस हजार का इनाम घोषित कर रखा था। रविवार की सुबह एसओ देवसरा पुलिस के साथ हिस्ट्रीशीटर दस हजार के इनामी पूर्व प्रमुख को दबोचने के लिए उसके गांव विनयका पहुंचे। पुलिस का दावा है कि पूर्व प्रमुख को गन्ने के खेत से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे थाने लाया गया। पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार करने की खबर मिलते ही समर्थक थाने पहुंच गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिखापढ़ी के बाद पुलिस पूर्व प्रमुख को लेकर न्यायालय पेश करने चल पड़ी। पीछे-पीछे पचास से अधिक चारपहिया वाहनों से समर्थकों का काफिला चल रहा था।
पट्टी-ढखवा चौराहे पर पहुंचने के बाद काफिले में शामिल समर्थक कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे आक्रोशित मंत्री समर्थकों ने काफिले पर पथराव कर दिया। जिससे भगदड़ मच गई। करीब आधा दर्जन वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पट्टी पुलिस पहुंची और विवाद शांत कराया। फिल्मी अंदाज में पूर्व प्रमुख को कोर्ट लाया गया। यहां पुलिस अभिरक्षा में पीने के लिए बिसलरी का पानी और लड्डू पहुंचाया गया।
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पूर्व प्रमुख की आवभगत करने में पुलिस ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखा। एसओ देवसरा ने बताया कि पूर्व प्रमुख के ऊपर जिले के अलावा दूसरे जनपदों में 37 मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी राकेश कुमार ने बताया कि यदि पुलिस अभिरक्षा में अपराधी के साथ ऐसा व्यवहार किया गया है तो गलत है। वह मामले को दिखवाएंगे।
इनसेट-
गिरफ्तारी में सेटिंग, दिखावा करती रही पुलिस
देवसरा के पूर्व प्रमुख सभापति यादव की गिरफ्तारी को लेकर रविवार को देवसरा से लेकर शहर तक चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोगों का कहना था कि सुबह सात बजे तक थानाध्यक्ष परिसर में बैडमिंटन खेल रहे थे। अचानक वह पुलिसकर्मियों के साथ निकले और करीब 15 मिनट के भीतर ही पूर्व प्रमुख को आसानी से दबोच लिया। वह उन्हें गिरफ्तार कर थाने तक लाए। जबकि पहले पुलिस को पूर्व प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए पसीना बहाना पड़ता था। इस बात की चर्चा होती रही कि केवल पुलिस दिखावा कर रही है। सेटिंग होने के बाद पूर्व प्रमुख की गिरफ्तारी हुई है।
राइफल और आधार कार्ड बरामद होने की रही चर्चा
पूर्व प्रमुख सभापति यादव की गिरफ्तारी के साथ ही यह शोर भी उठा कि उनके पास से दो राइफल, एक रिपीटर और दस आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। जबकि पुलिस ऐसी बरामदगी से इंकार करती रही। पूर्व प्रमुख को इतनी आसानी से गिरफ्तार करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही थी।
फिल्मी स्टाइल में प्रमुखपति की जेल में हुई इंट्री
फिल्मी स्टाइल में रविवार को प्रमुखपति सभाजीत यादव की जेल में इंट्री हुई। पुलिस जीप के पीछे सैकड़ों समर्थक और उनके चार पहिया वाहनों ने खूब धमाल मचाया। आगे पीछे की होड़ भी मची रही। हर कोई पूर्व प्रमुख को अपना चेहरा दिखाना चाह रहा था। न्यायालय में पेशी के बाद जब पुलिस उसे लेकर जेल निकली तो पीछे-पीछे 50 से अधिक लग्जरी वाहन भी चल पड़े। जेल परिसर में भी पीछे-पीछे वाहन पहुंचे तो बंदीरक्षक किसी वीआईपी के कारागार आने की बात समझते ही अलर्ट हो गए।
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आसपुर देवसरा पुलिस ने देवसरा के पूर्व प्रमुख व प्रमुखपति सभापति यादव के ऊपर जानलेवा हमला समेत कई मामलों में फरारी के चलते दस हजार का इनाम घोषित कर रखा था। रविवार की सुबह एसओ देवसरा पुलिस के साथ हिस्ट्रीशीटर दस हजार के इनामी पूर्व प्रमुख को दबोचने के लिए उसके गांव विनयका पहुंचे। पुलिस का दावा है कि पूर्व प्रमुख को गन्ने के खेत से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे थाने लाया गया। पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार करने की खबर मिलते ही समर्थक थाने पहुंच गए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिखापढ़ी के बाद पुलिस पूर्व प्रमुख को लेकर न्यायालय पेश करने चल पड़ी। पीछे-पीछे पचास से अधिक चारपहिया वाहनों से समर्थकों का काफिला चल रहा था।
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पट्टी-ढखवा चौराहे पर पहुंचने के बाद काफिले में शामिल समर्थक कैबिनेट मंत्री मोती सिंह के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे आक्रोशित मंत्री समर्थकों ने काफिले पर पथराव कर दिया। जिससे भगदड़ मच गई। करीब आधा दर्जन वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पट्टी पुलिस पहुंची और विवाद शांत कराया। फिल्मी अंदाज में पूर्व प्रमुख को कोर्ट लाया गया। यहां पुलिस अभिरक्षा में पीने के लिए बिसलरी का पानी और लड्डू पहुंचाया गया।
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पूर्व प्रमुख की आवभगत करने में पुलिस ने कोई कोर कसर बाकी नहीं रखा। एसओ देवसरा ने बताया कि पूर्व प्रमुख के ऊपर जिले के अलावा दूसरे जनपदों में 37 मुकदमे दर्ज हैं। एएसपी राकेश कुमार ने बताया कि यदि पुलिस अभिरक्षा में अपराधी के साथ ऐसा व्यवहार किया गया है तो गलत है। वह मामले को दिखवाएंगे।
इनसेट-
गिरफ्तारी में सेटिंग, दिखावा करती रही पुलिस
देवसरा के पूर्व प्रमुख सभापति यादव की गिरफ्तारी को लेकर रविवार को देवसरा से लेकर शहर तक चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। लोगों का कहना था कि सुबह सात बजे तक थानाध्यक्ष परिसर में बैडमिंटन खेल रहे थे। अचानक वह पुलिसकर्मियों के साथ निकले और करीब 15 मिनट के भीतर ही पूर्व प्रमुख को आसानी से दबोच लिया। वह उन्हें गिरफ्तार कर थाने तक लाए। जबकि पहले पुलिस को पूर्व प्रमुख की गिरफ्तारी के लिए पसीना बहाना पड़ता था। इस बात की चर्चा होती रही कि केवल पुलिस दिखावा कर रही है। सेटिंग होने के बाद पूर्व प्रमुख की गिरफ्तारी हुई है।
राइफल और आधार कार्ड बरामद होने की रही चर्चा
पूर्व प्रमुख सभापति यादव की गिरफ्तारी के साथ ही यह शोर भी उठा कि उनके पास से दो राइफल, एक रिपीटर और दस आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं। जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। जबकि पुलिस ऐसी बरामदगी से इंकार करती रही। पूर्व प्रमुख को इतनी आसानी से गिरफ्तार करने की बात किसी के गले नहीं उतर रही थी।
फिल्मी स्टाइल में प्रमुखपति की जेल में हुई इंट्री
फिल्मी स्टाइल में रविवार को प्रमुखपति सभाजीत यादव की जेल में इंट्री हुई। पुलिस जीप के पीछे सैकड़ों समर्थक और उनके चार पहिया वाहनों ने खूब धमाल मचाया। आगे पीछे की होड़ भी मची रही। हर कोई पूर्व प्रमुख को अपना चेहरा दिखाना चाह रहा था। न्यायालय में पेशी के बाद जब पुलिस उसे लेकर जेल निकली तो पीछे-पीछे 50 से अधिक लग्जरी वाहन भी चल पड़े। जेल परिसर में भी पीछे-पीछे वाहन पहुंचे तो बंदीरक्षक किसी वीआईपी के कारागार आने की बात समझते ही अलर्ट हो गए।