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कच्चा मकान गिरा, मलबे में दबकर मासूम की मौत

Thu, 23 Aug 2018 12:11 AM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
प्रतापगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 23 Aug 2018 12:11 AM IST
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Dead house collapses, killing innocent in subdued wreckage
news - फोटो : amar ujala
जर्जर कच्चे मकान का कुछ हिस्सा भोर में गिर गया। जिससे टीनशेड के नीचे सो रही मासूम बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई। परिवार के पांच अन्य सदस्य घायल हो गए। सभी को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मौके पर पहुंची पुलिस व राजस्व विभाग ने जायजा लिया।
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नगर कोतवाली के पूरे मुस्तफा निवासी कलीम अपने परिवार के साथ रहता है। पुराना कच्चा मकान जर्जर होने के कारण वह बगल में ही टीनशेड डालकर परिवार के लोगों के गुजर बसर करता है। मंगलवार की देर रात कलीम परिवार के साथ टीनशेड के नीचे सो गया। करीब सवा तीन बजे अचानक जर्जर कच्चे मकान का कुछ हिस्सा टीनशेड पर आ गिरा। जिससे पक्की दीवार भरभराकर गिर पड़ी। इससे मलबे में सभी दब गए। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। लोगों ने मलबा हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। इस बीच कलीम की पत्नी राबिया के पास सो रही 18 माह की सानिया को लोगों ने बाहर निकाला। उसकी सांसें थम चुकी थीं। इसके बाद मलबे में दबकर घायल लोगों को उपचार के लिए निजी वाहनों से जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डाक्टरों ने सानिया को मृत घोषित कर दिया। हादसे में घायल कलीम (30), राबिया (27), बेटा समीर (10), बेटी सामिया (6) और मां महरुल निशा का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। जहां राबिया और महरुल निशा की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने मासूम बच्ची का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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सानिया को नया कपड़ा पहनाने का सपना रह गया अधूरा
मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजर बसर करने वाले कलीम ने बकरीद का त्योहार मनाने के लिए बच्चों के लिए नया कपड़ा लाया था। मंगलवार की रात कपड़ों को लेकर बच्चों में गजब का उत्साह रहा। पड़ोसियों की मानें तो बकरीद के पर्व पर बच्चों को लेकर कलीम नमाज पढने जाता। बच्चों को नया कपड़ा पहनाने का सपना पूरा नहीं हो सका।
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परिवार का राशन कार्ड भी नहीं बना
तमाम झंझावतों के बीच अपनों की परवरिश के लिए हाथ पैर चलाने वाले कलीम का आज तक राशन कार्ड नहीं बन सका। उसने कई बार पात्र गृहस्थी राशन कार्ड के लिए प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं हो सका। परिवार के सदस्यों के पास आधार कार्ड भी नही है।


पड़ोसियों ने बढ़ाया मदद को हाथ
पूरे मुस्तफा में मकान के मलबे में दबने वाले कलीम के परिवार की मदद के लिए गांव के लोगों ने हाथ बढ़ाया। रात में ही लोगों ने प्रयास कर सभी को बाहर निकाला। बच्ची की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराकर घर ले जाया गया। जहां जनाजे को देर शात सुपुर्दे खाक कर दिया गया।
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