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बेटा लूटता था, पिता ठिकाने लगवाता था माल
प्रतापगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 15 Mar 2018 12:43 AM IST
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प्रतापगढ़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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रानीगंज पुलिस व स्वॉट टीम ने रानीगंज में सनसनीखेज घटनाओं को अंजाम देने वाले पांच लुटेरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उनके पास से पुलिस ने लूट के 1 लाख 5 हजार रुपये, दो बाइक, 104 चांदी के पायल समेत अन्य सामान बरामद किए हैं। मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से दो लुटेरे घायल हो गए थे। गैंग का मुखिया दोस्तों के साथ लूट करता था और उसका पिता लूटा गया माल बिकवाता था। लुटेरे सराफ को लूटने के बाद उसके जेवर पहनकर सेल्फी भी लेते थे।
पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बुधवार को रानीगंज क्षेत्र में हुई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को रानीगंज पुलिस और स्वॉट टीम मुखबिर की सूचना पर सरायजमुनी जा धमकी। पुलिस को देख लूटे गए सामान का बंटवारा कर रहे रुबान अहमद पुत्र इम्तियाज अहमद निवासी सरायजमुनी और मुख्तार अहमद पुत्र नियाजुद्दीन निवासी रामपुर अधारगंज थाना रानीगंज पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने पांच लोगों को मौके से दबोच लिया। उनके पास से लूट के 1 लाख 5 हजार रुपये, लूट की दो बाइक, दो तमंचा, दो चाकू, लूट के 104 चांदी के पायल और 6 मोबाइल फोन बरामद हुए।
पकड़े बदमाश रुबान ने बताया कि वह लोग अक्सर लूट किया करते हैं। 18 दिसंबर 2017 को उसने अपने साथी मुख्तार और असकार पुत्र तसौव्वर हुसैन निवासी थाहीपुर के साथ मिलकर पेट्रोल पंप मैनेजर से 5.58 लाख रुपये लूटे थे। 24 नवंबर 2017 को तीनों ने मिलकर बभनमई के पास बीज विक्रेता रमजान की हत्या कर बाइक लूट ली थी। बाइक के कलपुर्जे रायबरेली स्टेशन के पास बेचे थे। जिससे 12 हजार रुपये मिले थे। तीनों ने मिलकर लच्छीपुर के सराफ संजय सोनी से तमंचे के बल पर 104 चांदी की पायलें लूटी थीं। इन घटनाओं को अंजाम देने के लिए संडौरा निवासी शशिकांत उर्फ अमित उर्फ कान्हा पुत्र अशोक तिवारी उन्हें एक सफेद अपाची बाइक नंबर प्लेट बदल-बदलकर देता था।
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लच्छीपुर के सराफ को लूटने में मोहम्मद हसीब पुत्र मोहम्मद कलीम निवासी रामपुर अधारगंज ने रेकी की थी। रुबान का पिता इम्तियाज पुत्र इश्तेखार निवासी सरायजमुनी लूटे गए जेवरात व रुपयों छिपाकर रखता था और बाद में सभी के बीच बंटवारा करता था। रानीगंज पुलिस ने सभी आरोपियों का बुधवार को चालान भेज दिया। बाइक उपलब्ध कराने वाले शशिकांत उर्फ अमित तिवारी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने गिरफ्तार रूबान, हसीब, मुख्तार, असकार व रूबान के पिता इम्तियाज को जेल भेज दिया।
रानीगंज थाना क्षेत्र के सरायजमुनी निवासी लुटेरे रुबान के ऊपर पांच मुकदमे दर्ज हैं। रानीगंज, मानधाता, नगर कोतवाली और फैजाबाद में चोरी, लूट के मुकदमे दर्ज हैं। पिछली बार एसटीएफ ने रुबान को जेल भेजा था।
रानीगंज में तैनात सिपाही राजकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला इरशाद जिला कारागार में निरुद्ध है। पुलिस की मानें तो रुबान अक्सर उससे मिलने के लिए जाता था। जमानत व परिवार के खर्च के लिए इरशाद के कहने पर रुबान उसके घर भी लूटे गए रुपये पहुंचाता था। ताकि उसके परिवार के घर का भी खर्च चलता रहे।
रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी संजय सोनी को बदमाशों ने 11 मार्च को तमंचे के बल पर लूट लिया था। लूटे गए चांदी के पायल को लुटेरे रुबान, मुख्तार और असकार ने पहनकर सेल्फी ली थी। जिसे अपने मोबाइल में सुरक्षित रखा था। पुलिस ने सभी को दबोचने के बाद मोबाइल खंगाला तो यह बात सामने आई। मोबाइल में लूट की घटनाओं में शामिल दूसरे बदमाशों की भी तस्वीरें मिली है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।
शातिरों बदमाशों को अपना आइडियल मानने वाला रुबान जल्द से जल्द रईस बनना चाहता है। इसके लिए उसने अपराध के रास्ते को चुना है। वह शातिर बदमाशों की तरह खुद को डान के रूप में स्थापित करने की ललक रखता है। पुलिस की मानें तो रुबान रुपये के लिए कुछ भी कर सकता है। मोबाइल व टेंपो में सवार लोगों से छिनैती करते हुए अब हत्या जैसी वारदात को भी अंजाम देने लगा है।
कंधई पुलिस ने जानलेवा हमले के 10 हजार रुपये के ईनामी आरोपी को दबोच लिया। कंधई थाना क्षेत्र के यहियापुर निवासी इबरार पुत्र अब्दुल बारी ने 24 फरवरी 2017 को दो पक्षों के बीच मारपीट के दौरान इसरार व अन्य को गोली मार दी थी। गोली लगने से इसरार के एक आंख की रोशनी चली गई थी। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 82 की कार्रवाई की थी। कंधई पुलिस ने इबरार को दबोच लिया और उसे जेल भेज दिया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस बरामद किया गया।
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पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम ने बुधवार को रानीगंज क्षेत्र में हुई सनसनीखेज घटनाओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंगलवार को रानीगंज पुलिस और स्वॉट टीम मुखबिर की सूचना पर सरायजमुनी जा धमकी। पुलिस को देख लूटे गए सामान का बंटवारा कर रहे रुबान अहमद पुत्र इम्तियाज अहमद निवासी सरायजमुनी और मुख्तार अहमद पुत्र नियाजुद्दीन निवासी रामपुर अधारगंज थाना रानीगंज पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने लगे। जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने पांच लोगों को मौके से दबोच लिया। उनके पास से लूट के 1 लाख 5 हजार रुपये, लूट की दो बाइक, दो तमंचा, दो चाकू, लूट के 104 चांदी के पायल और 6 मोबाइल फोन बरामद हुए।
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पकड़े बदमाश रुबान ने बताया कि वह लोग अक्सर लूट किया करते हैं। 18 दिसंबर 2017 को उसने अपने साथी मुख्तार और असकार पुत्र तसौव्वर हुसैन निवासी थाहीपुर के साथ मिलकर पेट्रोल पंप मैनेजर से 5.58 लाख रुपये लूटे थे। 24 नवंबर 2017 को तीनों ने मिलकर बभनमई के पास बीज विक्रेता रमजान की हत्या कर बाइक लूट ली थी। बाइक के कलपुर्जे रायबरेली स्टेशन के पास बेचे थे। जिससे 12 हजार रुपये मिले थे। तीनों ने मिलकर लच्छीपुर के सराफ संजय सोनी से तमंचे के बल पर 104 चांदी की पायलें लूटी थीं। इन घटनाओं को अंजाम देने के लिए संडौरा निवासी शशिकांत उर्फ अमित उर्फ कान्हा पुत्र अशोक तिवारी उन्हें एक सफेद अपाची बाइक नंबर प्लेट बदल-बदलकर देता था।
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लच्छीपुर के सराफ को लूटने में मोहम्मद हसीब पुत्र मोहम्मद कलीम निवासी रामपुर अधारगंज ने रेकी की थी। रुबान का पिता इम्तियाज पुत्र इश्तेखार निवासी सरायजमुनी लूटे गए जेवरात व रुपयों छिपाकर रखता था और बाद में सभी के बीच बंटवारा करता था। रानीगंज पुलिस ने सभी आरोपियों का बुधवार को चालान भेज दिया। बाइक उपलब्ध कराने वाले शशिकांत उर्फ अमित तिवारी की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस ने गिरफ्तार रूबान, हसीब, मुख्तार, असकार व रूबान के पिता इम्तियाज को जेल भेज दिया।
रानीगंज थाना क्षेत्र के सरायजमुनी निवासी लुटेरे रुबान के ऊपर पांच मुकदमे दर्ज हैं। रानीगंज, मानधाता, नगर कोतवाली और फैजाबाद में चोरी, लूट के मुकदमे दर्ज हैं। पिछली बार एसटीएफ ने रुबान को जेल भेजा था।
रानीगंज में तैनात सिपाही राजकुमार सिंह की गोली मारकर हत्या करने वाला इरशाद जिला कारागार में निरुद्ध है। पुलिस की मानें तो रुबान अक्सर उससे मिलने के लिए जाता था। जमानत व परिवार के खर्च के लिए इरशाद के कहने पर रुबान उसके घर भी लूटे गए रुपये पहुंचाता था। ताकि उसके परिवार के घर का भी खर्च चलता रहे।
रानीगंज थाना क्षेत्र के लच्छीपुर निवासी संजय सोनी को बदमाशों ने 11 मार्च को तमंचे के बल पर लूट लिया था। लूटे गए चांदी के पायल को लुटेरे रुबान, मुख्तार और असकार ने पहनकर सेल्फी ली थी। जिसे अपने मोबाइल में सुरक्षित रखा था। पुलिस ने सभी को दबोचने के बाद मोबाइल खंगाला तो यह बात सामने आई। मोबाइल में लूट की घटनाओं में शामिल दूसरे बदमाशों की भी तस्वीरें मिली है। जिनकी तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है।
शातिरों बदमाशों को अपना आइडियल मानने वाला रुबान जल्द से जल्द रईस बनना चाहता है। इसके लिए उसने अपराध के रास्ते को चुना है। वह शातिर बदमाशों की तरह खुद को डान के रूप में स्थापित करने की ललक रखता है। पुलिस की मानें तो रुबान रुपये के लिए कुछ भी कर सकता है। मोबाइल व टेंपो में सवार लोगों से छिनैती करते हुए अब हत्या जैसी वारदात को भी अंजाम देने लगा है।
कंधई पुलिस ने जानलेवा हमले के 10 हजार रुपये के ईनामी आरोपी को दबोच लिया। कंधई थाना क्षेत्र के यहियापुर निवासी इबरार पुत्र अब्दुल बारी ने 24 फरवरी 2017 को दो पक्षों के बीच मारपीट के दौरान इसरार व अन्य को गोली मार दी थी। गोली लगने से इसरार के एक आंख की रोशनी चली गई थी। घटना के बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 82 की कार्रवाई की थी। कंधई पुलिस ने इबरार को दबोच लिया और उसे जेल भेज दिया। उसके पास से एक तमंचा व कारतूस बरामद किया गया।