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गणतंत्र दिवस में खलल डाल सकते हैं प्रतापगढ़ के 30 अपराधी
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:37 PM IST
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प्रतापगढ़ के तीस शातिर अपराधी गणतंत्र दिवस में खलल डाल सकते हैं। एसपी जीआरपी ने आशंका जाहिर की है कि ये आतंकियों के हाथ की कठपुतली कर किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। उन्होंने लिस्ट जारी कर सभी को पकड़ने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने 26 जनवरी से पहले हर सूरत मेें इनकी पड़ताल कर कार्रवाई करने का निर्देश जीआरपी प्रतापगढ़ को दिया है।
पुलिस अधिकारियों को ऐसी आशंका है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपराधी किस्म के लोगों को हथियार बनाया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, खुफिया विभाग से ऐसी सूचना मिली है कि आतंकी संगठन छोटे अपराधियों को बरगलाकर उनसे गणतंत्र दिवस में खलल डालने की कोशिश में हैं। विशेषकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। इसलिए जीआरपी को सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों ने शातिरों की टोह लेने और कोई भी हरकत करने से पहले उनकी गर्दन दबोचने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की है। लखनऊ जीआरपी अनुभाग ने तीस शातिरों की लिस्ट जारी की है। ये सभी अपराधी प्रतापगढ़ जिले के हैं।
इन्होंने प्रदेश के कई जिलों में ट्रेनों और स्टेशनों पर लूट, छिनैती, डाका, चोरी और जहरखुरानी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया और फरार हो गए। हालांकि इसमें कुछ पकड़े गए, मगर बाद में जमानत पर छूट गए। आशंका है कि ये अपराधी भटक कर आतंकी संगठनों के संपर्क में आने के बाद बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इस आशंका ने जीआरपी वालों की नींद उड़ा दी है। लखनऊ जीआरपी एसपी कार्यालय से पत्र जारी कर जिले 30 अपराधियों के बारे में जांच पड़ताल करने का निर्देश दिया है।
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पत्र के आधार पर प्रतापगढ़ जीआरपी ने संबंधित थानों में वंछितों के पीछे अपने जासूस लगा दिए हैं। एसओ और एसआई की टीम भी इनकी खोज कर रही है। एडीजी रेलवे ने प्रतापगढ़ जीआरपी के हिस्ट्रीशीटरों की सूची तलब की है। एडीजी ने हर हाल में अपराधियों की सूची के साथ इनकी लोकेशन देने का आदेश दिया है। आदेश से जीआरपी थाने में हड़कंप मचा हुआ है। एचएस की तलाश शुरू कर दी है। जिन अपराधियों की तलाश पुलिस को है वे लालगंज, उदयपुर, अंतू आदि इलाके के हैं। पुलिस कर्मियों की एक टुकड़ी इन इलाकों की खाक छान रही है।
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पुलिस अधिकारियों को ऐसी आशंका है कि आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपराधी किस्म के लोगों को हथियार बनाया जा सकता है। पुलिस के मुताबिक, खुफिया विभाग से ऐसी सूचना मिली है कि आतंकी संगठन छोटे अपराधियों को बरगलाकर उनसे गणतंत्र दिवस में खलल डालने की कोशिश में हैं। विशेषकर रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में इस तरह की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है। इसलिए जीआरपी को सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों ने शातिरों की टोह लेने और कोई भी हरकत करने से पहले उनकी गर्दन दबोचने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी की है। लखनऊ जीआरपी अनुभाग ने तीस शातिरों की लिस्ट जारी की है। ये सभी अपराधी प्रतापगढ़ जिले के हैं।
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इन्होंने प्रदेश के कई जिलों में ट्रेनों और स्टेशनों पर लूट, छिनैती, डाका, चोरी और जहरखुरानी जैसी घटनाओं को अंजाम दिया और फरार हो गए। हालांकि इसमें कुछ पकड़े गए, मगर बाद में जमानत पर छूट गए। आशंका है कि ये अपराधी भटक कर आतंकी संगठनों के संपर्क में आने के बाद बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इस आशंका ने जीआरपी वालों की नींद उड़ा दी है। लखनऊ जीआरपी एसपी कार्यालय से पत्र जारी कर जिले 30 अपराधियों के बारे में जांच पड़ताल करने का निर्देश दिया है।
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पत्र के आधार पर प्रतापगढ़ जीआरपी ने संबंधित थानों में वंछितों के पीछे अपने जासूस लगा दिए हैं। एसओ और एसआई की टीम भी इनकी खोज कर रही है। एडीजी रेलवे ने प्रतापगढ़ जीआरपी के हिस्ट्रीशीटरों की सूची तलब की है। एडीजी ने हर हाल में अपराधियों की सूची के साथ इनकी लोकेशन देने का आदेश दिया है। आदेश से जीआरपी थाने में हड़कंप मचा हुआ है। एचएस की तलाश शुरू कर दी है। जिन अपराधियों की तलाश पुलिस को है वे लालगंज, उदयपुर, अंतू आदि इलाके के हैं। पुलिस कर्मियों की एक टुकड़ी इन इलाकों की खाक छान रही है।